Wed Oct 14, 2026 | 05:15 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

Global Handwashing Day: कब साबुन से हाथ धोना जरूरी है और कब सैनिटाइजर से काम चल सकता है? जानें डॉक्टर से

हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि आप कुछ भी खाने से पहले हाथों को जरूर साफ करें, ऐसे में कई लोगों का सवाल होता है कि हाथ धोने के लिए साबुन और सैनिटाइजर में से कौन बेहतर है? 
Global Handwashing Day: कब साबुन से हाथ धोना जरूरी है और कब सैनिटाइजर से काम चल सकता है? जानें डॉक्टर सेGlobal Handwashing Day: कब साबुन से हाथ धोना जरूरी है और कब सैनिटाइजर से काम चल सकता है? जानें डॉक्टर से

ग्लोबल हैंड वॉश डे हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हाथों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना और हाथ धोने की अच्छी आदतों को बढ़ावा देना है। जब हाथ साफ करने की बात आती है, तो अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि साबुन और पानी से हाथ धोना ज्यादा बेहतर है या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए? कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, साबुन और पानी से हाथ धोना और अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना, दोनों ही हाथों की सफाई बनाए रखने के फायदेमंद तरीके हैं। हालांकि, इनका चुनाव परिस्थिति के अनुसार करना चाहिए।

साबुन या सैनिटाइजर, कब क्या इस्तेमाल करें?

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, हाथों की सफाई से दस्त और कई तरह के इंफेक्शन फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। सिर्फ हाथों को पानी से गीला कर लेना पर्याप्त नहीं होता। हाथों को सही तरीके से साफ करना और सही समय पर धोना भी जरूरी है। बच्चों को छोटी उम्र से ही हाथ धोने की आदत सिखाना भी इंफेक्शन से बचाव के लिए फायदेमंद है।

स्थिति साबुन और पानी (Soap and Water) हैंड सैनिटाइजर (Hand Sanitizer)
उपयोग कब करें? जब हाथ बहुत गंदे, चिकने हों या हाथों पर मिट्टी, तेल, भोजन या अन्य गंदगी लगी हो। जब साबुन और पानी उपलब्ध न हों (जैसे ट्रैवल या बाहर होने पर)।
किन स्थितियों में जरूरी है?

1. टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद

2. खाना बनाने और खाने से पहले

3. बच्चे का डायपर बदलने के बाद

4. खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद

5. पालतू जानवरों या कचरे को छूने के बाद

1. जब आप बाहर हों और आस-पास हाथ धोने की सुविधा न हो
2. जल्दी में हाथों के कीटाणु हटाने के लिए

 

कीटाणुओं और गंदगी पर प्रभाव यह हाथों से गंदगी, चिकनाई और सभी प्रकार के हानिकारक कीटाणुओं को पूरी तरह धोकर हटा देता है। यह कीटाणुओं को मारता है, लेकिन हाथों पर जमी गंदगी या कुछ खास पदार्थों को हटाने के लिए साबुन-पानी का विकल्प नहीं है।
जरूरी क्या है? पानी से हाथ गीले करके कम से कम 20 सेकंड तक हथेलियों, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आस-पास अच्छी तरह रगड़ना जरूरी है। सैनिटाइजर में कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल होना चाहिए। इसे हाथों पर तब तक रगड़ें जब तक वे पूरी तरह सूख न जाएं।
स्किन पर प्रभाव यह नेचुरल तरीके से गंदगी साफ करता है, हालांकि बार-बार धोने से स्किन थोड़ी ड्राई हो सकती है। लगातार या ज्यादा उपयोग से स्किन ड्राई हो सकती है, क्योंकि इसमें अल्कोहल होता है।

यदि दिखाई दे कि हाथ गंदे हैं या आप भोजन करने या पकाने जा रहे हैं, तो हमेशा साबुन और पानी को प्राथमिकता दें लेकिन साबुन-पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60% अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर एक अच्छा विकल्प है।

साल 2020 में Indian Journal of Critical Care Medicine में प्रकाशित रिसर्च और स्टडी के अनुसार, हैंड सैनिटाइजर, लिक्विड सोप या इन दोनों के कॉम्बिनेशन से हाथ कीटाणुमुक्त करने की क्षमता में कोई खास अंतर नहीं था। रिसर्च में पाया गया कि तीनों ही तरीके हाथों के हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं को कम करने में समान रूप से असरदार साबित हुए। इसका मतलब यह है कि क्लिनिक या अस्पताल जैसे स्थानों पर इंफेक्शन से बचने के लिए लिक्विड सोप और हैंड सैनिटाइजर, दोनों ही अपनी जगह बेहद प्रभावी और सुरक्षित विकल्प हैं।

Soap vs SanitizerSoap vs Sanitizer

हाथ धोते समय किन गलतियों से बचना चाहिए?

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि कई लोग हाथों पर थोड़ा-सा साबुन लगाकर तुरंत पानी से धो लेते हैं। इससे हाथों की अच्छी तरह सफाई नहीं हो पाती। इसी तरह, हाथों को धोने के बाद गंदे तौलिए से पोंछना भी सफाई को कम कर सकता है। हाथ धोते समय अंगूठे, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आस-पास सफाई करना न भूलें। हाथ धोने के बाद साफ तौलिए या एयर ड्रायर से हाथ सुखाएं। सार्वजनिक शौचालय में नल बंद करते समय भी ध्यान रखें कि वो गंदा नहीं हो। वहीं सैनिटाइजर को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

निष्कर्ष

हाथ गंदे होने पर, टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद और खाना बनाने या खाने से पहले साबुन-पानी से हाथ धोना बेहतर है। वहीं, जब पानी और साबुन उपलब्ध न हों, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। सही समय पर और सही तरीके से हाथ साफ करने की आदत अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को कई इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकते हैं।

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FAQ

  • क्या सैनिटाइजर लगाने के तुरंत बाद खाना खा सकते हैं?

    सैनिटाइजर लगाने के बाद हाथों को पूरी तरह सूखने दें। अगर हाथ गंदे हैं या भोजन से पहले साबुन-पानी उपलब्ध है, तो हाथ धोना बेहतर है। सैनिटाइजर को कभी भी गीले हाथों पर लगाकर तुरंत खाना न खाएं।
  • क्या सैनिटाइजर से हाथ की स्किन खराब हो सकती है?

    बार-बार सैनिटाइजर लगाने से कुछ लोगों की स्किन ड्राई या सेंसिटिव हो सकती है। ऐसे में स्किन के अनुकूल प्रोडक्ट चुनें और जरूरत पड़ने पर मॉइश्चराइजर लगाएं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 14, 2026 15:39 IST

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  • Oct 14, 2026 15:39 IST

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