हाथ न धोने के कारण बीमारियां हो सकती है और इस बात को जानते हुए भी हम भूल जाते हैं, क्योंकि हाथ धोने की आदत को हम बहुत मामूली समझ लेते हैं। जब कोई मोबाइल फोन, दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन, पैसे और पब्लिक जगहों का इस्तेमाल करता है, तो उसे छूने से हाथों पर बैक्टीरिया आ जाते हैं। ऐसे में वही हाथ आंख, नाक या मुंह पर लगते हैं, तो बैक्टीरिया शरीर में पहुंच सकते हैं। इससे इंफेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है। Global Handwashing Day के मौके पर हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि लोग सिर्फ खाना खाने से पहले ही अच्छे तरीके से हाथ धोते हैं, लेकिन यह आदत सही नहीं है। इसलिए दिनभर में कुछ मौकों पर सही तरीके से साबुन से हाथ धोना बहुत महत्वपूर्ण है।
हाथ धोना क्यों जरूरी है?
- CDC के मुताबिक, हाथ न धोने से सांस से जुड़ी समस्याएं और दस्त जैसे इंफेक्शन होने का रिस्क हो सकता है। बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में या किसी सतह से लोगों में तब फैल सकते हैं।
- अगर बिना हाथ धोए अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूते हैं।
- बिना हाथ धोए खाना या बनाते हैं या खाते हैं।
- ऐसी चीजों को छूते हैं जिन पर कीटाणु मौजूद हों।
- बिना रुमाल के छींकते या खांसते समय हाथों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उन्हीं हाथों से दूसरे लोगों को या चीजों को छूते हैं
संक्रमण से बचाव के लिए 7 मौकों पर जरूर हाथ धोएं
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि अगर रोजाना सही समय पर साबुन और पानी से हाथ साफ किए जाए, तो दस्त और इंफेक्शन से बचा जा सकता है। इसलिए दिनभर में इन 7 मौकों पर हाथ जरूर धोएं।
1. टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि पेशाब करने के बाद कई लोग हाथ नहीं धोते और इस आदत के चलते पेट से जुड़ी बीमारियां होने का रिस्क सबसे ज्यादा हो सकता है। शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद हाथ धोना सबसे जरूरी है। इस दौरान हाथों पर ऐसे बैक्टीरिया आ सकते हैं, जिससे दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती है। इसलिए हर बार टॉयलेट जाने के बाद साबुन और साफ पानी से हाथ अच्छी तरह धोना बहुत महत्वपूर्ण है। टॉयलेट जाने के बाद सिर्फ पानी से हाथ गीले न करें, बल्कि साबुन से अच्छे तरीके से हाथ धोएं।
2. खाना बनाने से पहले
Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “खाना बनाने से पहले कई बार महिलाएं हाथ ही नहीं धोती और किचन में खाना बनाना शुरू कर देती हैं। गंदे हाथों पर मौजूद कीटाणु खाने में पहुंच सकते हैं और खासतौर पर कच्चे मांस, अंडे या बिना धुली सब्जियों को छूने के बाद हाथ जरूर धोएं। दरअसल, कच्ची सामग्री में अगर बैक्टीरिया होते हैं, तो उसी हाथ से तैयार खाने या दूसरी चीजों को छूने से बैक्टीरिया पके खाने में भी ट्रांसफर हो सकते हैं। इसलिए खाना बनाते समय हाथों की सफाई बहुत जरूरी है।”
3. खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, कुछ लोग खांसने या छींकने पर हाथों से मुंह ढक लेते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हीं हाथों से मोबाइल, दरवाजे या दूसरी चीजें छूने लगते हैं। कई बार वही हाथ आंख या मुंह पर भी रख देते हैं। इससे बैक्टीरिया व्यक्ति के आसपास फैल जाता है और वह दूसरों में भी इंफेक्शन बढ़ाने का काम करता है। ऐसी कंडीशन में हाथ धोना बेहतर रहता है। इसलिए खांसते या छींकते समय टिश्यू या कोहनी का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। अगर टिश्यू का इस्तेमाल किया है, तो उसे तुरंत कूड़ेदान में डाल दें और फिर हाथ साफ करें। इससे दूसरों तक संक्रमण पहुंचने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
when to wash your hands
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4. बाहर से घर लौटने पर
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “कई लोगों की बाजार, बस, मेट्रो या किसी भीड़ वाली जगह से आने के बाद हाथ धोने की आदत नहीं होती। वह जैसे ही बाहर से आते हैं, तो पानी की बोतल, फ्रिज या खाने को छूने लगते हैं। इससे बाहर के बैक्टीरिया घर में हर जगह फैल जाते हैं। इसलिए बाहर से घर आने पर साबुन और पानी से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। इसमें खासतौर पर अगर बाहर से आकर खाना बनाने, खाने या छोटे बच्चों को छूने वाले है, तो हाथ जरूर धोएं।”
5. कूड़ा फेंकने या सफाई करने के बाद
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, कई बार लोग कूड़ा फेंकने या कूडा देते समय सोचते हैं कि हमने तो सिर्फ पॉलीथिन ही दी है, लेकिन उस कूड़े की पॉलीथिन के बैक्टीरिया और वायरस हाथों पर आ सकते हैं। इसलिए जब भी कूड़े का पॉलीथिन फेंकने जाए, तो आते ही तुरंत साबुन से हाथ जरूर धोएं। अगर सफाई वाले दस्ताने भी पहने हैं, तो भी उन्हें उतारने के बाद हाथ साफ करें। सबसे जरूरी है कि हाथ धोने के बाद उसे अच्छे तरीके से सुखाना भी जरूरी है, क्योंकि नमी के कारण हाथों में खुजली या रैशेज भी हो सकते हैं।
6. पालतू जानवरों को छूने के बाद
Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “जिन लोगों के घर में कुत्ता, बिल्ली या कोई दूसरा पालतू जानवर है, तो उसके साथ खेलने या उसे खाना देने के बाद हाथ धोना कभी न भूलें। जानवरों के शरीर, खाने के बर्तन, खिलौनों, पेशाब या पॉटी के संपर्क में आने से बैक्टीरिया हाथों तक पहुंच सकते हैं। अगर घर में बच्चे है, तो उन्हें हाथ धोने की आदत जरूर सिखाएं, क्योंकि वे अक्सर जानवरों के साथ खेलने के तुरंत बाद अपने हाथ मुंह में डाल लेते हैं या खाना खाने लगते हैं। जानवरों की देखभाल करने के बाद हाथों को साबुन और पानी से साफ करना बहुत जरूरी है।”
7. किसी बीमार व्यक्ति से मिलने के बाद
Dr. Vineeta Singh Tandon के मुताबिक, अगर घर में कोई बीमार है, तो हाथों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। मरीज को दवा देने, नाक साफ करने, पट्टी बदलने या मरीज की इस्तेमाल की गई चीजों को छूने के बाद हाथ धोना महत्वपूर्ण है। अगर किसी मरीज से अस्पताल में मिलकर आए हैं, तो घर आकर हाथ-पैर धोना या नहाना चाहिए, ताकि बैक्टीरिया या वायरस न फैल सके।
निष्कर्ष
हाथ धोना सबसे जरूरी आदत है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता। बस जरूरत है कि हाथ सही समय पर सही तरीके से धोए जाए, ताकि इंफेक्शन से बचा जा सके। इसलिए लोगों को खाने बनाने से पहले, खाने से पहले, टॉयलेट जाने के बाद, खांसने-छींकने, कूड़ा छूने और मरीज से मिलने के बाद हाथ जरूर साफ करें।
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FAQ
हैंड सैनिटाइजर और साबुन-पानी में से कीटाणु मारने के लिए कौन-सा ज्यादा बेहतर है?
साबुन और पानी हमेशा पहला और बेहतर विकल्प है। सैनिटाइजर केवल 60% से अधिक अल्कोहल वाला होने पर कीटाणुओं को मारता है, लेकिन अगर हाथ गंदे या ग्रीसी हों, तो सैनिटाइजर पूरी तरह काम नहीं करता।क्या गीले हाथों से बीमारियां और इंफेक्शन फैलने का खतरा ज्यादा रहता है?
गीली त्वचा और नमी में बैक्टीरिया बेहद तेजी से पनपते और फैलते हैं। गीले हाथों से किसी भी सतह या चेहरे को छूने पर कीटाणु आसानी से चिपक जाते हैं। इसलिए हाथ धोने के बाद उन्हें साफ तोलिए या टिशू से पूरी तरह सुखाना उतना ही जरूरी है जितना हाथ धोना।क्या बार-बार एंटी-बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करना साधारण साबुन से बेहतर है?
साधारण साबुन और पानी भी बैक्टीरिया व वायरस को हटाने में उतना ही असरदार है। बहुत ज्यादा एंटी-बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है और गुड बैक्टीरिया को नुकसान पहुंच सकता है।
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Oct 14, 2026 20:12 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon
