Thu Oct 15, 2026 | 12:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

Global Handwashing Day: गंदे हाथों से फैल सकती हैं 7 बीमारियां, डॉक्टर से जानें हाथ धोने का सही तरीका

हाथ गंदे न दिखें, लेकिन इसमें छिपी गंदगी कई बीमारियां बढ़ा सकती है। हाथ न धोने की आदत के चलते कई बार इंफेक्शन या बीमारियां होने का रिस्क बढ़ जाता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि हाथ न धोने की वजह से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं, तो यह लेख जरूर पढ़ें।
Global Handwashing Day: गंदे हाथों से फैल सकती हैं 7 बीमारियां, डॉक्टर से जानें हाथ धोने का सही तरीकाGlobal Handwashing Day: गंदे हाथों से फैल सकती हैं 7 बीमारियां, डॉक्टर से जानें हाथ धोने का सही तरीका

हाथों में बैक्टीरिया सिर्फ मिट्टी या गंदगी छूने से नहीं होते, बल्कि सारा दिन मोबाइल का इस्तेमाल करना या टॉयलेट में मोबाइल लेकर जाने से भी हाथों में बैक्टीरिया या वायरस आ सकते हैं। कई बार तो लोग टॉयलेट जाने के बाद भी हाथ नहीं धोते और इन्हीं हाथों को बार-बार आंख, नाक और मुंह पर लगाते रहते हैं। इससे बैक्टीरिया स्किन या मुंह के जरिए शरीर में पहुंचकर इंफेक्शन और बीमारियों की वजह बनते हैं। हाथ न धोने से कौन सी बीमारियां होने का रिस्क बढ़ सकता है? Global Handwashing Day के मौके पर इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि हाथों पर लगे बैक्टीरिया किसी को दिखाई नहीं देते, लेकिन यह दस्त, पेट से जुड़ी बीमारियां, टाइफाइड, हेपाटाइटिस और एलर्जी जैसी बीमारियों के रिस्क को बढ़ा सकता है।

हाथ न धोने से कैसे बीमारी फैलती हैं?

CDC के मुताबिक, इंसानों या जानवरों की पॉटी में साल्मोनेला, ई. कोलाई, नोरोवायरस जैसे कीटाणु पाए जाते हैं। ये बैक्टीरिया और वायरस दस्त का कारण बनते हैं। अगर टॉयलेट या डायपर बदलने के बाद हाथों को ठीक तरह से साफ न किया जाए, तो कीटाणु शरीर में फैल सकते हैं। हाथ न धोने से दुनिया भर में छोटे बच्चों गंभीर असर पड़ता है। छोटे बच्चों की मौत के दो सबसे बड़े कारण दस्त और न्यूमोनिया है। इनसे हर साल 5 साल से कम उम्र के लगभग 18 लाख बच्चों की मौत हो जाती है।

हाथ न धोने से फैल सकती हैं 7 बीमारियां

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि अगर लोगों को पेट या एलर्जी जैसी बीमारियां होती हैं, तो उन्हें महसूस ही नहीं होता कि इसका कारण हाथ न धोना भी हो सकता है। इसलिए अगर किसी को ये बीमारियां बार-बार हो रही हैं, तो उन्हें अपनी हाथ धोने की आदतों पर भी ध्यान देना चाहिए।

1. दस्त लगना

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “जब गंदे हाथों से खाना खाया या पानी पिया जाता है, तो पेट में संक्रमण हो सकता है। इस वजह से बार-बार पतले दस्त, पेट में दर्द और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को दस्त या उल्टी से डिहाइड्रेशन गंभीर हो सकता है। इसलिए शौचालय जाने के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।”

2. टाइफाइड

Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, टाइफाइड दूषित भोजन और पानी से फैलने वाला इंफेक्शन है। संक्रमित व्यक्ति के मल से निकले बैक्टीरिया अगर हाथों के जरिए खाने या पानी तक पहुंच जाएं, तो इंफेक्शन फैल सकता है। इसके लक्षणों में लंबे समय तक बुखार, कमजोरी और पेट से जुड़ी परेशानी शामिल हो सकती है। हाथों की सफाई के साथ साफ-सुथरा पानी और हाइजीन के साथ बना भोजन खाना चाहिए।

3. हैजा

Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “टाइफाइड की तरह हैजा भी दूषित पानी या भोजन के जरिए फैल सकता है। इस बीमारी में मरीज को एकदम पानी जैसे दस्त हो सकते हैं। इस वजह से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होने लगते हैं। अगर मरीज को समय पर इलाज न हो, तो डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए हैजा जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए साफ पानी पीना चाहिए और साफ भोजन खाना चाहिए। इसके साथ टॉयलेट जाने के बाद साबुन से अच्छे तरीके से हाथ धोने चाहिए।”

4. हेपेटाइटिस A

Dr. Vineeta Singh Tandon के मुताबिक, हेपेटाइटिस A वायरल संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी के जरिए फैलता है। अगर इंफेक्शन वाले मल के कण हाथों के जरिए खाने में पहुंच जाए, तो व्यक्ति को हेपेटाइटिस होने का रिस्क बढ़ सकता है। इस बीमारी में थकान, मतली, उल्टी, पेट में परेशानी और आंखों या स्किन में पीलापन जैसे लक्षण हो सकते हैं। हाथों की सही सफाई करने से इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है। diseases caused by not washing handsdiseases caused by not washing hands

यह भी पढ़ें- बार-बार हाथ धोने के बाद भी अक्सर पड़ जाते हैं बीमार, कहीं ये 7 गलतियां तो नहीं कर रहे आप?

5. सर्दी-जुकाम

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “सर्दी-जुकाम के कुछ वायरस छींकने या खांसने से दूसरे लोगों तक पहुंच सकते हैं। जब बीमार व्यक्ति छींकने के बाद हाथ साफ नहीं करता और हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूता है, तो बैक्टीरिया शरीर में पहुंच सकते हैं। ऐसे में आस-पास के लोगों को भी सर्दी-जुकाम होने का रिस्क हो सकता है। इसलिए खांसने और छींकने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए।”

6. फ्लू

Dr. Vineeta Singh Tandon के मुताबिक, फ्लू संक्रमित व्यक्ति से निकलने वाली सांस के कणों के जरिए फैलता है। अगर लोग संक्रमित सतह छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छू लेते, तो इंफेक्शन बढ़ सकता है। इसलिए हाथों को रेगुलर साफ करना चाहिए। साफ-सफाई रखने से फ्लू से बचाव किया जा सकता है।

7. पेट के कीड़ों का संक्रमण

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “कई बार मिट्टी या गंदी सतहों पर हाथ लगाने से वहां मौजूद बैक्टीरिया हाथों के जरिए पेट में पहुंच सकते हैं। इससे पेट में कीड़े होने का रिस्क बढ़ सकता है। यह बच्चों में ज्यादा देखा जाता है। इसलिए जब बच्चा मिट्टी में खेलकर आए, तो उसके हाथ-पैर अच्छे तरीके से साफ कराएं और कपड़े भी बदलें।”

हाथ धोने से बीमारियों के रिस्क को कम किया जा सकता है

CDC के अनुसार, अगर सही तरीके से हाथ साफ किए जाए, तो कई बीमारियों को कम किया जा सकता है।
हाथ धोने से दस्त से पीड़ित होने वाले लोगों की संख्या में 23% से 40% तक की कमी आ सकती है।
सांस से जुड़ी समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम को 16% से 21% तक कम कर सकता है।
बच्चों को पाचन से जुड़ी समस्याओं के कारण स्कूल में होने वाली गैर-हाजिरी को 29% से 57% तक कम करता है।

हाथ धोने का सही तरीका क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाथ धोने का सही तरीका बताया है।

  1. सबसे पहले हाथों को पानी में भिगाएं।
  2. पूरे हाथों पर पर्याप्त मात्रा में साबुन लगाएं।
  3. हथेली से हथेली को आपस में रगड़ें।
  4. दाईं हथेली को बाएं हाथ के पीछे के हिस्से पर रखकर उंगलियों को आपस में फंसाकर रगड़ें।
  5. फिर यही प्रोसेस दूसरे हाथ के साथ दोहराएं।
  6. हथेली से हथेली मिलाकर उंगलियों को आपस में फंसाकर रगड़ें।
  7. बाएं अंगूठे को दाहिनी हथेली से पकड़कर गोल-गोल घुमाते हुए साफ करें, फिर दूसरे अंगूठे के साथ भी ऐसा ही करें।
  8. दाहिने हाथ की उंगलियों के टिप्स को बाएं हाथ की हथेली पर आगे-पीछे और गोल-गोल घुमाते हुए रगड़ें, फिर दूसरे हाथ के साथ दोहराएं।
  9. हाथों को पानी से अच्छी तरह धो लें।
  10. एक बार इस्तेमाल होने वाले तौलिये या टिश्यू से हाथों को अच्छी तरह सुखाएं।

यह भी पढ़ें- Global Handwashing Day: इंफेक्शन से रहना है दूर? तो खाने के अलावा इन 7 मौकों पर साबुन से जरूर धोएं हाथ

निष्कर्ष

कई लोग थोड़ा सा पानी लेकर साफ कर लेते हैं। यह आदत बिल्कुल गलत है। हाथों को गीला करने से हाथ साफ नहीं होते। जो लोग बाहर से घर में आते हैं, उन्हें सबसे पहले साबुन से अच्छे तरीके से हाथ साफ करने चाहिए। इसके अलावा, खाना बनाने, खाने से पहले और शौच जाने के बाद हाथ साबुन से धोना जरूरी है। हालांकि, इंफेक्शन रोक पाना पूरी तरह से संभव नहीं है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से हाथ धोने पर बीमारियां फैलने के रिस्क को कम किया जा सकता है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • बच्चों को बिना हाथ धोए खाना खाने से कौन-से कीटाणु सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं?

    बच्चों में गंदे हाथों से खाना खाने पर पेट के कीड़े और रोटावायरस सबसे तेजी से फैलते हैं, जिससे बच्चों का विकास रुक जाता है और वे बार-बार बीमार पड़ते हैं।
  • क्या मोबाइल फोन की स्क्रीन से हाथों में कीटाणु आ सकते हैं और इससे बीमारी फैल सकती है?

    विभिन्न रिसर्चर्स के अनुसार, मोबाइल फोन की स्क्रीन पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। फोन इस्तेमाल करने के बाद बिना हाथ धोए खाना खाने से ये कीटाणु सीधे पेट में चले जाते हैं।

Read Next

→ बार-बार हाथ धोने के बाद भी अक्सर पड़ जाते हैं बीमार, कहीं ये 7 गलतियां तो नहीं कर रहे आप?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 15, 2026 11:40 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon