सोरायसिस स्किन से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें स्किन पर लाल चकत्ते, मोटी परत और सफेद रंग की पपड़ी जमने लगती है। कई बार इन चकत्तों में खुजली, जलन और दर्द भी महसूस हो सकता है। यह समस्या शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन ज्यादातर स्कैल्प, कोहनी, घुटनों, हाथ-पैर और पीठ पर देखने को मिलती है। सोरायसिस होने पर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है या फिर जीवनभर इसका इलाज करवाना पड़ता है? यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, सोरायसिस एक क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाली स्किन डिजीज है। यह शरीर के इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्या है। इसमें इम्यून सिस्टम स्किन सेल्स को प्रभावित करने लगता है, जिसके कारण स्किन सेल्स सामान्य से ज्यादा तेजी से बनने लगती हैं।
क्या सोरायसिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा बताती हैं कि सोरायसिस को फिलहाल पूरी तरह जड़ से खत्म करने वाला इलाज नहीं है, लेकिन सही इलाज से इसे अच्छी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। कई लोगों में इलाज के बाद स्किन के लक्षण लगभग पूरी तरह गायब हो जाते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बीमारी हमेशा के लिए खत्म हो गई है। कुछ समय बाद इसके लक्षण दोबारा उभर सकते हैं।
- सोरायसिस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें स्किन पर लाल रंग के उभरे हुए पैच दिखाई देते हैं, प्रभावित हिस्से में खुजली, ड्राईनेस और जलन हो सकती है।
- कुछ लोगों में स्किन फटने के कारण खून भी निकल सकता है। इसके अलावा, सोरायसिस नाखूनों को भी प्रभावित कर सकता है। इसमें नाखूनों पर छोटे-छोटे गड्ढे बनना, उनका मोटा होना या रंग बदलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- कुछ मरीजों में जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या भी हो सकती है।
सोरायसिस को कंट्रोल करने के लिए कौन से इलाज किए जाते हैं?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, सोरायसिस का इलाज उसकी गंभीरता, प्रभावित स्किन के हिस्से और मरीज की स्थिति के आधार पर किया जाता है। हल्के सोरायसिस में डॉक्टर स्किन पर लगाने के लिए मेडिकेटेड क्रीम, ऑइंटमेंट और मॉइश्चराइजर दे सकते हैं। इनमें कुछ खास क्रीम स्किन की सूजन और पपड़ी को कम करने में मदद करती हैं। अगर समस्या ज्यादा गंभीर है या शरीर के बड़े हिस्से में फैल गई है, तो डॉक्टर फोटोथेरेपी यानी लाइट थेरेपी की सलाह दे सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: World Psoriasis Day: क्या सोरायसिस छूने से फैलता है? मरीज के साथ खाना खाने और रहने पर जानें डॉक्टर की राय
इसमें एक खास प्रकार की अल्ट्रावायलेट लाइट की मदद से स्किन सेल्स की असामान्य बढ़ोतरी को कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है। गंभीर मामलों में ओरल दवाएं या बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट भी दिए जा सकते हैं। ये दवाएं इम्यून सिस्टम की उन एक्टिविटीज को कंट्रोल करती हैं, जो सोरायसिस के लक्षणों को बढ़ाती हैं। इनका इस्तेमाल केवल एक्सपर्ट डॉक्टर की निगरानी में करना चाहिए।
can psoriasis be cured completely
साल 2026 में National Psoriasis Foundation में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, भले ही सोरायसिस का इलाज (Psoriasis treatment) का कोई पक्का नहीं है, लेकिन आज बेहतरीन उपचार उपलब्ध हैं जो लक्षणों से राहत दिलाने के साथ-साथ दिल की बीमारी, मोटापा और डिप्रेशन जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को भी कम करते हैं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह से कई प्रभावी तरीकों का सहारा ले सकते हैं, जैसे क्रीम और स्टेरॉयड जैसी लगाने वाली दवाएं (टॉपिकल्स), फोटोथेरेपी और खाने वाली गोलियां या बायोलॉजिक्स जैसी सिस्टमिक दवाइयां। नियमित रूप से सही इलाज अपनाकर आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
किन कारणों से सोरायसिस दोबारा बढ़ता है?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा बताती हैं कि सोरायसिस के लक्षण कुछ परिस्थितियों में दोबारा उभर सकते हैं। इसके कुछ सामान्य ट्रिगर्स हैं-
- मानसिक तनाव
- स्किन पर चोट या खरोंच लगना
- मौसम में बदलाव और ठंडा मौसम
- स्किन में इंफेक्शन
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- कुछ खास दवाओं का सेवन
हर व्यक्ति में सोरायसिस के ट्रिगर्स अलग हो सकते हैं। इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में आपके लक्षण बढ़ते हैं।
इसे भी पढ़ें: World Psoriasis Day: सर्दियों में सोरायसिस क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर ने बताए इसके 5 बड़े कारण
सोरायसिस के मरीज स्किन का ध्यान कैसे रखें?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि सोरायसिस होने पर स्किन की देखभाल करना बेहद जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि स्किन में नमी बनी रहे। नहाने के लिए बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें और स्किन को जोर से रगड़ने से बचें। खुजली होने पर स्किन को बार-बार खरोंचने से बचें, क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, तनाव को कम करने, पर्याप्त नींद लेने और बैलेंस डाइट अपनाने की कोशिश करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और इलाज को बीच में बंद न करें। घरेलू नुस्खों या बिना सलाह के स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करने से बचें।
निष्कर्ष
सोरायसिस एक क्रॉनिक स्किन डिजीज है, जिसे फिलहाल पूरी तरह जड़ से खत्म करना संभव नहीं है। हालांकि, सही समय पर इलाज और स्किन की सही देखभाल से इसके लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कई मरीज लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के भी रह सकते हैं। इसलिए स्किन पर लगातार लाल चकत्ते, पपड़ी या खुजली दिखाई देने पर खुद इलाज करने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या सोरायसिस एक आनुवंशिक बीमारी है?
हां, अगर परिवार में माता-पिता या किसी करीबी सदस्य को यह बीमारी है, तो दूसरे सदस्यों में इसका जोखिम बढ़ सकता है।क्या सोरायसिस बच्चों को भी हो सकता है?
हां, सोरायसिस बच्चों और किशोरों को भी प्रभावित कर सकता है।क्या सोरायसिस से बाल झड़ सकते हैं?
स्कैल्प पर सोरायसिस होने से खुजली, सूजन और पपड़ी जमने की समस्या हो सकती है। ज्यादा खुजलाने या पपड़ी को जबरदस्ती हटाने से बाल झड़ सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 31, 2026 18:06 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Padmaja
