World Psoriasis Day: सर्दियों में त्वचा का रूखा होना, होंठ फटना और खुजली बढ़ना आम बात है, लेकिन सोरायसिस से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम अधिक परेशानी लेकर आ सकता है। ठंडी हवाएं, वातावरण में नमी की कमी और गर्म पानी से बार-बार नहाने की आदत स्किन कंडीशन को बिगाड़ सकती है। इस दौरान त्वचा पर लाल चकत्ते, मोटी परतें, खुजली और पपड़ी झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। कई लोगों में पहले से मौजूद सोरायसिस के लक्षण भी अधिक स्पष्ट होने लगते हैं।
राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, "सोरायसिस केवल त्वचा के रूखेपन से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रतिरक्षा तंत्र से संबंधित एक दीर्घकालिक सूजन वाली बीमारी है। इसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य से तेजी से बनने लगती हैं, जिससे त्वचा पर मोटी, लाल और पपड़ीदार परतें दिखाई दे सकती हैं। सर्दियों में कुछ पर्यावरणीय और जीवनशैली संबंधी कारक इसके लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।"
सर्दियों में सोरायसिस बढ़ने के प्रमुख कारण
How Does Stress Trigger Eczema
साल 2025 में Experimental Dermatology में प्रकाशित समीक्षा के अनुसार, सोरायसिस के लगभग 60% से अधिक मरीजों में मौसमी बदलावों का असर देखा जाता है। इसमें आमतौर पर सर्दियों में बीमारी बढ़ जाती है और गर्मियों में लक्षणों में सुधार देखने को मिलता है। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं-
1. ठंडी हवा और कम नमी
American Academy of Dermatology Association के अनुसार, सर्दियों में हवा में नमी कम होने से त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खोने लगती है। सोरायसिस में त्वचा की सुरक्षात्मक परत पहले से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में त्वचा अधिक शुष्क, संवेदनशील और खुजली वाली हो जाती है, जिससे प्रभावित हिस्सों में परेशानी बढ़ सकती है।
2. धूप में कम समय बिताना
सूर्य के प्रकाश में मौजूद पराबैंगनी किरणों का नियंत्रित चिकित्सकीय उपयोग कुछ लोगों में सोरायसिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। सर्दियों में बाहर कम निकलने और धूप का संपर्क घटने से कुछ मरीजों को लक्षणों में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। हालांकि, सभी लोगों में धूप का प्रभाव समान नहीं होता और बिना सलाह के तेज धूप में रहना उपचार का विकल्प नहीं है।
3. गर्म पानी से नहाना
ठंड के मौसम में बहुत गर्म पानी से नहाने का मन करता है, लेकिन इससे त्वचा के प्राकृतिक तेल कम हो सकते हैं। परिणामस्वरूप त्वचा अधिक रूखी हो जाती है और खुजली तथा जलन बढ़ सकती है। इसलिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है।
4. संक्रमण का बढ़ता जोखिम
सर्दियों में होने वाले कुछ संक्रमण, विशेषकर गले में स्ट्रेप्टोकोकल संक्रमण, कुछ लोगों में सोरायसिस के एक प्रकार (गटेट सोरायसिस / Guttate Psoriasis) यदि गले में तेज दर्द, बुखार या संक्रमण के अन्य लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
5. तनाव और दिनचर्या में बदलाव
ठंड के कारण शारीरिक गतिविधियां कम होना, नींद में बदलाव और मानसिक तनाव भी कुछ मरीजों में लक्षणों को प्रभावित कर सकते हैं। तनाव सोरायसिस का एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन यह इसके बढ़ने वाले कारकों में शामिल हो सकता है।
सर्दियों में सोरायसिस को नियंत्रित रखने के तरीके
डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए कुछ जरूरी आदतें अपनानी चाहिए।
- मॉइस्चराइजर नियमित लगाएं: बिना खुशबू वाला गाढ़ा मॉइस्चराइजर नहाने के तुरंत बाद और जरूरत के अनुसार दिन में कई बार लगाएं।
- गुनगुने पानी से नहाएं: बहुत गर्म पानी और लंबे समय तक नहाने से बचें। त्वचा को तौलिये से जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाएं।
- त्वचा को ढककर रखें: मुलायम कपड़े पहनें और ऊनी कपड़ों के सीधे त्वचा से संपर्क से होने वाली खुजली से बचें और जरूरत पड़ने पर भीतर सूती कपड़े पहनें।
- उपचार नियमित रखें: डॉक्टर द्वारा बताई गई क्रीम, दवाएं या अन्य उपचार अपनी मर्जी से बंद न करें। जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ उपचार में बदलाव कर सकते हैं।
- स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं: पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार खाएं और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि त्वचा पर चकत्ते तेजी से बढ़ रहे हों, खुजली असहनीय हो, त्वचा में दर्द या दरारें पड़ रही हों अथवा रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें। शरीर के बड़े हिस्से में अचानक लालिमा और पपड़ी फैलने या बुखार के साथ त्वचा में बदलाव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
निष्कर्ष
डॉ. करुणा मल्होत्रा सलाह देती हैं, "सर्दियों में सोरायसिस के लक्षण बढ़ना आम है, लेकिन सही देखभाल और नियमित उपचार से इन्हें काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। त्वचा को नम रखना, संभावित कारणों को पहचानना और समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना इस मौसम में त्वचा को स्वस्थ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।"
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FAQ
क्या सोरायसिस एक संक्रामक (छूने से फैलने वाली) बीमारी है?
नहीं, सोरायसिस एक ऑटोइम्यून कंडीशन है और यह छूने, साथ रहने या कपड़े साझा करने से कभी नहीं फैलती।क्या सोरायसिस केवल त्वचा तक सीमित रहता है या जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है?
सोरायसिस सिर्फ त्वचा तक सिमित रहने वाली बीमारी नहीं है। यह जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है, जिसे सोरायटिक आर्थराइटिस (Psoriatic Arthritis) कहा जाता है।
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Oct 28, 2026 11:47 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
