Sat Oct 31, 2026 | 01:07 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

तकिए का कवर कितने दिन में बदलना चाहिए? चेहरे और स्कैल्प की सेहत से जुड़ी जरूरी बातें

तकिए का कवर त्वचा और स्कैल्प के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, इसलिए इसे हर 3-4 दिन या कम से कम हफ्ते में एक बार बदलना जरूरी है। यह मुंहासे, त्वचा की जलन और स्कैल्प की समस्याओं को रोकने में मदद करता है, खासकर ऑयली स्किन या अधिक पसीना आने वालों के लिए।
तकिए का कवर कितने दिन में बदलना चाहिए? चेहरे और स्कैल्प की सेहत से जुड़ी जरूरी बातेंतकिए का कवर कितने दिन में बदलना चाहिए? चेहरे और स्कैल्प की सेहत से जुड़ी जरूरी बातें

स्किन और स्कैल्प को हेल्दी रखने के लिए लोग तरह-तरह के उपायों को अपनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके तकिए का कवर भी चेहरे की त्वचा और स्कैल्प को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में इसको नियमित रूप से बदलना जरूरी हो जाता है ताकि स्किन और स्कैल्प हेल्दी बने रहें। आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

तकिए का कवर कितने दिन में बदलना चाहिए?

Dr. Shireen के अनुसार, अपनी त्वचा और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए, आपको हर तीन से चार दिन में या कम से कम हफ्ते में एक बार अपने तकिए का कवर बदल लेना चाहिए। तकिए के कवर पर आपके चेहरे और बालों से पसीना, तेल, डेड स्किन सेल्स, धूल और इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स के अवशेष जमा हो जाते हैं। समय के साथ, ये कपड़े पर इकट्ठे हो सकते हैं, जिससे रोमछिद्र (पोर्स) बंद हो सकते हैं, त्वचा में जलन हो सकती है और कुछ लोगों को मुंहासे (एक्ने) की समस्या हो सकती है।

अगर आपकी त्वचा ऑयली है या उस पर आसानी से मुंहासे हो जाते हैं, रात में बहुत पसीना आता है या आप किसी गर्म और उमस भरे इलाके में रहते हैं, तो हर दो से तीन दिन में तकिए का कवर बदलना फायदेमंद हो सकता है, जो लोग बालों में ज्यादा तेल, स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी अपने तकिए के कवर ज्यादा बार बदलने पड़ सकते हैं। तकिए के कवर को साफ रखना एक आसान आदत है, जो आपकी रोजाना की स्किनकेयर रूटीन में मददगार साबित हो सकती है।

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तकिए का कवर स्किन और स्कैल्प को कैसे प्रभावित करता है?

Dr. Shireen का कहना है, आपका तकिए का कवर आपके स्कैल्प और बालों की सेहत पर भी असर डाल सकता है। कपड़े पर पसीना, तेल और बालों के प्रोडक्ट्स के अवशेष जमा हो सकते हैं, जिससे समय के साथ यह कम हाइजीनिक हो जाता है। अगर आपके स्कैल्प पर पसीना आता है, डैंड्रफ है या खुजली होती है, तो नियमित रूप से तकिए का कवर बदलने से गंदगी और अवशेषों को जमा होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, डैंड्रफ अक्सर स्कैल्प के तेल और मैलासेजिया (Malassezia) नामक यीस्ट के पनपने से जुड़ा होता है, इसलिए सिर्फ तकिए का कवर बदलने से इसका इलाज नहीं हो सकता है। तकिए के कवर को किसी उपयुक्त डिटर्जेंट से धोएं और दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उन्हें पूरी तरह सूखने दें। अगर आपके स्कैल्प में लगातार खुजली, रेडनेस या पपड़ी बनने की समस्या हो, तो सही इलाज के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

क्या कहती है स्टडी?

National Library of Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, यह खास तकिए का कवर किसी आम कपड़े की तरह नहीं, बल्कि एक खास सिल्क जैसे फैब्रिक से बना होता है, जो त्वचा पर पनपने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है। हम रोज रात को 6 से 8 घंटे अपने चेहरे को तकिए पर रखकर सोते हैं। आम तकिए के कवर पर पसीना, तेल और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जो मुंहासों (एक्ने) को और बढ़ा देते हैं। इसके विपरीत, यह खास पिलोकेस बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है और चेहरे की त्वचा को सुरक्षित रखता है।

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बालों और स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

Dr. Shireen का कहना है, अपने चेहरे और स्कैल्प को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।

  • सूती (कॉटन) जैसे मुलायम और हवादार कपड़े से बने तकिए के कवर चुनें।
  • सिल्क या साटन के कवर बालों पर रगड़ (फ्रिक्शन) को कम कर सकते हैं, लेकिन इन्हें भी नियमित रूप से धोना जरूरी है।
  • चेहरे और स्कैल्प पर भारी मेकअप, बहुत ज्यादा पसीना या बालों के प्रोडक्ट्स लगे होने पर सोने से बचें।
  • सोने से पहले अपना चेहरा धोना और बालों को साफ रखना चाहिए।
  • तकिए पर तेल और प्रोडक्ट्स के अवशेषों के ट्रांसफर को और कम कर सकता है।
  • अगर आपको एलर्जी है या आपकी त्वचा सेंसिटिव है, तो बिना खुशबू वाले लॉन्ड्री डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें।
  • तकिए के कवर को अच्छी तरह धो लें, ताकि त्वचा में जलन न हो।

ध्यान रखें कि साफ तकिए का कवर, सही स्किनकेयर या स्कैल्प ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है, लेकिन इसे नियमित रूप से बदलते रहने से बेहतर स्लीप हाइजीन बनाए रखने में मदद मिलती है और यह आपकी त्वचा व बालों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

निष्कर्ष

त्वचा और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए हर 3 से 4 दिन में या हफ्ते में कम से कम एक बार तकिए का कवर बदलना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस पर पसीना, तेल, डेड स्किन और बैक्टीरिया जमा होने से पोर्स बंद होने, एक्ने और स्कैल्प की समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऑयली स्किन, ज्यादा पसीना आने या बालों में अधिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वालों को इसे और जल्दी बदलना चाहिए।

इसके अलावा, कॉटन या सिल्क जैसे हवादार कवर चुनना, सोने से पहले चेहरा व बाल साफ रखना और कवर को बिना खुशबू वाले डिटर्जेंट से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखाना बेहतर स्किन और स्लीप हाइजीन बनाए रखने में मदद करता है।

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FAQ

  • हेल्दी बालों के लिए क्या करें?

    बालों को स्वस्थ और हेल्दी बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट लें, स्कैल्प को साफ रखने की कोशिश करें, हीट स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें, कैमिकल्स के इस्तेमाल से बचें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
  • तकिए के कवर से स्किन की क्या परेशानियां हो सकती हैं?

    तकिए के कवर से व्यक्ति को स्किन एलर्जी, मुंहासे, रैशेज, सूजन और त्वचा में सूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 31, 2026 11:19 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado