कई बार लोगों को स्कैल्प में सोरायसिस की समस्या हो जाती है, जिसको लोग डैंड्रफ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और वहीं, कुछ लोगों को बहुत ज्यादा डैंड्रफ की समस्या हो जाती है। इस स्थितियों में आमतौर पर लोग आसानी से अंतर नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होने और परेशानियों के बढ़ने की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD - Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi से जानें इन दोनों स्थिति में क्या अंतर है?
स्कैल्प सोरायसिस और गंभीर डैंड्रफ होने के क्या कारण हैं?
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार, "स्कैल्प सोरायसिस और गंभीर डैंड्रफ सिर की त्वचा (स्कैल्प) से जुड़ी आम समस्याएं हैं, जो देखने में एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनके लक्षण और कारण अलग-अलग होते हैं। डैंड्रफ मुख्य रूप से स्कैल्प में तेल के ज्यादा बनने, फंगस के बढ़ने या त्वचा में जलन के कारण होता है, जबकि स्कैल्प सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें स्किन सेल्स के बढ़ने की स्पीड तेज हो जाती है।"
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स्कैल्प सोरायसिस के क्या लक्षण हैं?
डॉ. चांदनी जैन के अनुसार, "स्कैल्प सोरायसिस में व्यक्ति के सिर की त्वचा मोटी हो जाती है, उभरे हुए दिखती है और इस पर लाल पैच बन जाते हैं, साथ ही, स्कैल्प पर सिल्वर जैसे सफेद रंग की पपड़ी जमी होती है। ये पैच हेयरलाइन से आगे बढ़कर माथे, गर्दन या कानों के पीछे तक फैल सकते हैं। इसमें बहुत ज्यादा खुजली हो सकती है और खुजली करने पर खून निकल सकता है या घाव हो सकते हैं। ज्यादा खुजली करने से व्यक्ति को जलन महसूस हो सकती है या कुछ समय के लिए बाल भी झड़ सकते हैं।"
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गंभीर डैंड्रफ के क्या लक्षण हैं?
डॉ. चांदनी जैन कहती हैं, "वहीं दूसरी ओर, गंभीर डैंड्रफ में सफेद या हल्के पीले रंग की पपड़ी (फ्लेक्स) बनती है, जो सिर की त्वचा से झड़कर कंधों पर गिरती है। इस दौरान व्यक्ति को सिर की त्वचा में खुजली और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है, लेकिन आमतौर पर इसमें मोटे पैच नहीं बनते हैं और न ही खून निकलता है। डैंड्रफ आमतौर पर सिर की त्वचा तक ही सीमित रहता है और हेयरलाइन से आगे नहीं फैलता है।
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डॉक्टर से कब मिलें?
डॉ. चांदनी जैन बताती हैं, "अगर पपड़ी जमने की समस्या लगातार बनी रहती है और साथ में रेडनेस, मोटी पपड़ी, दर्द या खून निकलने जैसी समस्याएं भी होती हैं, तो सही पहचान के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। ऐसा करने से शुरुआती इलाज से लक्षणों को कंट्रोल करने, परेशानी कम करने और कॉम्प्लिकेशन्स को रोकने में मदद मिल सकती है, जिससे स्कैल्प का स्वास्थ्य बेहतर होता है।"
निष्कर्ष
डैंड्रफ और स्कैल्प सोरायसिस के लक्षण एक जैसे दिखने पर भी इनके कारण अलग-अलग होते हैं। डैंड्रफ फंगस या तेल की वजह से स्कैल्प तक सीमित रहता है, जबकि सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें लाल-सफेद मोटी पपड़ी बनती है। ध्यान रहे, स्कैल्प से जुड़ी कोई भी परेशानी होने या इनकी गंभीर स्थिति होने, रेडनेस या खून आने पर तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। ऐसा करने से इनके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
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Jun 26, 2026 15:40 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jun 26, 2026 15:40 IST
Modified By : Priyanka SharmaJun 26, 2026 15:40 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta