फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुका है। बाजार की रौनक दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इसी तरह, हम चाहते हैं कि हमारे चेहरे की चमक भी बरकरार रहे। कई लोग अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स यूज करते हैं, तो कुछ लोग घरेलू उपचार की मदद लेते हैं। विशेषकर, चेहरे की नेचुरल केयर के लिए मुल्तानी मिट्टी और चंदन पाउडर का उपयोग किया जाता है।
हालांकि, यहां यह सवाल जरूर उठता है कि ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी और चंदन पाउडर में से बेहतर क्या है? इस बारे में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) बताते हैं, "ऑयली स्किन के लिए चंदन पाउडर की तुलना में मुल्तानी मिट्टी ज्यादा फायदेमंद है। ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि मुल्तानी मिट्टी में ऐसे तत्व होते हैं, जो चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त सीबम को सोख लेते हैं, जिससे कील-मुंहासों की समस्या में कमी आती है।"
मुल्तानी मिट्टी Vs चंदन पाउडर
| क्रम | ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी के फायदे | ऑयली स्किन के लिए चंदन पाउडर के फायदे |
| 1. | ऑयली स्किन पर मुल्तानी मिट्टी लगाना काफी फायदेमंद होता है। मुल्तानी मिट्टी से स्किन की डीप क्लीनिंग होती है और स्किन पोर्स भी खुलते हैं। | ऑयली स्किन में ग्लो और चमक चाहिए, तो इसके लिए आप चंदन पाउडर से बने पेस्ट का उपयोग कर सकते हैं। |
| 2. | मुल्तानी मिट्टी में मौजूद तत्व कील-मुंहासे और ब्लैक हेड्स को भी दूर करने में मदद करते हैं। इसकी मदद से स्किन एक्सफोलिएट भी होती है। | चंदन पाउडर में मौजूद तत्व चेहरे की सूजन को कम करते हैं, जिससे चेहरा अधिक खूबसूरत नजर आता है। |
| 3. | वास्तव में, मुल्तानी मिट्टी प्राकृतिक रूप से ऑयल एब्जाॅर्बर के रूप में काम करती है और चेहरे की डलनेस को भी कम करती है। | चंदन पाउडर में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इसका उपयोग करने से त्वचा की जलन कम होती है और इसका कूलिंग इफेक्ट भी त्वचा को लाभ पहुंचाता है। |
| 4. | ऑयली स्किन अक्सर अधिक डल और बेजान नजर आती है। वहीं, मुल्तानी मिट्टी के पेस्ट से चेहरे की रौनक में सुधार आता है। | चंदन पाउडर की तासीर ठंडी होती है, जिसका इस्तेमाल कील-मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए किया जा सकता है। यह पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है। |
| 5. | अच्छे रिजल्ट के लिए मुल्तानी मिट्टी को सप्ताह में दो से तीन बार जरूर लगाना चाहिए। इसके लिए, मुल्तानी मिट्टी में रोज वॉटर मिक्स कर सकते हैं। | चूंकि, चंदन पाउडर की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इससे बने पेस्ट का इस्तेमाल सप्ताह में 2 से 3 बार कर सकते हैं। समय के अभाव में आप प्रत्येक दूसरे दिन भी लगा सकते हैं। |
क्या कहती है स्टडी?
Multani Mitti or Sandalwood Powder Which Is Better For Oily Skin
2025 में Cosmetics में प्रकाशित रिसर्च आर्टिकल के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी केवल अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ करने वाला क्ले नहीं है, बल्कि इसमें मौजूद मिनरल्स और एक्टिव कंपाउंड झुर्रियों, त्वचा के ढीलेपन और पिग्मेंटेशन को रोकने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-एजिंग की तरह भी काम करता है।
इसे भी पढ़ें: चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान? ऑयली स्किन की देखभाल के लिए फॉलो करें ये टिप्स
ऑयली स्किन के लिए क्या है बेहतर?
ऑयली स्किन वाले लोग अक्सर अपनी स्किन केयर रूटीन को लेकर परेशान रहते हैं। उन्हें दिन भर में बार-बार अपना चेहरा धोना पड़ता है, ताकि स्किन पोर्स में गंदगी न चिपके और न ही उन्हें कील-मुंहासों की समस्या हो जाए। कई लोग मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं।
जहां तक सवाल इस बात का है कि इनमें से बेहतर क्या है, इस बारे में डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं, "वैसे तो दोनों ही प्राकृतिक उपचार में उपयोगी हैं। हालांकि, ऑयली स्किन के लिए चंदन पाउडर की तुलना में मुल्तानी मिट्टी को अधिक फायदेमंद माना जाता है। चंदन पाउडर की ही तरह मुल्तानी मिट्टी की तासीर भी ठंडी होती है, लेकिन यह त्वचा में मौजूद अतिरिक्त सीबम को सोख लेता है। जिससे त्वचा में दाने या कील-मुंहासों की समस्या नहीं होती है। साथ ही, मुल्तानी मिट्टी सनबर्न में भी राहत दिलाती है।"
क्या मुल्तानी मिट्टी-चंदन पाउडर को मिक्स करके लगा सकते हैं?
Multani Mitti or Sandalwood Powder Which Is Better For Your Oily Skin
डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं, "अच्छे रिजल्ट के लिए आप चाहें, तो दोनों को मिक्स करके भी चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक से दो चम्मच चंदन पाउडर लें। इस पर रोज वॉटर या सादा पानी डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। आप चाहें, तो एलोवेरा जेल भी इसमें मिक्स कर सकते हैं। अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं। 10 से 15 मिनट तक लगाकर छोड़ दें। सूखने पर गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें।"
बरतें जरूरी सावधानियां
- मुल्तानी मिट्टीः चूंकि, मौसम बदल रहा है, तो ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि ठंडी तासीर वाली मुल्तानी मिट्टी से बने पेस्ट को इन दिनों चेहरे पर लगा सकते हैं या नहीं? आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों को वात का मौसम माना जाता है। वात के ठंडे और रूखे गुण त्वचा को अंदर से ड्राई कर देते हैं। इसलिए,ऑयली स्किन के लिए सर्दियों में मुल्तानी मिटटी के साथ एलोवेरा जेल या गुलाब जल के साथ शहद की कुछ बूंदें मिलाएं।
- चंदन पाउडरः ऑयली स्किन वालों को चंदन पाउडर का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर लेना चाहिए। कई बार चंदन पाउडर से बना फेस पैक या उबटन लगाने से चेहरे पर लालिमा, खुजली या जलन की समस्या हो सकती है। अगर आप पैच टेस्ट में महसूस करें कि ऐसी कोई भी समस्या हो रही है, तो इसका उपयोग न करें।
इसे भी पढ़ें: चेहरे के कुछ हिस्से ऑयली और कुछ ड्राई क्यों रहते हैं? डॉक्टर से जानें
निष्कर्ष
यूं तो चंदन पाउडर और मुल्तानी मिट्टी दोनों ही त्वचा के लिए फायदेमंद हैं और दोनों में विशेष गुण मौजूद हैं। आयुर्वेद में त्वचा की रौनक को बढ़ाने के लिए इसका उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। ऑयली स्किन के लिए आप मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, चंदन पाउडर की ठंडी तासीर भी ऑयली स्किन को कील-मुंहासों की समस्या से छुटकारा दिलाती है। आप अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार इनमें से किसी भी विकल्प को चुन सकते हैं। आप चाहें, तो दोनों को मिक्स करके भी चेहरे पर लगा सकते हैं।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक को चेहरे पर पूरी तरह सूखकर पपड़ी बनने तक छोड़ना चाहिए?
नहीं, मुल्तानी मिट्टी को पूरी तरह सूखने तक इंतजार न करें। फेस पैक हल्का गीला रहने पर ही चेहरा धो लेना चाहिए। लंबे समय तक मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक लगे रहने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है, जिससे झुर्रियां आ सकती हैं।क्या ऑयली त्वचा पर फेस पैक धोने के बाद टोनर या जेल लगाना चाहिए?
मुल्तानी मिट्टी या चंदन धोने के बाद खुले हुए पोर्स को संतुलित करने और स्किन बैरियर को हाइड्रेट रखने के लिए ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर या टोनर लगाना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 03, 2026 16:02 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
