Sat Sep 12, 2026 | 07:38 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद क्या लगाना चाहिए? ये गलती बना सकती है स्किन को ड्राई

मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद स्किन की नमी बनाए रखना जरूरी है। यहां एक्सपर्ट से जानिए, चेहरा धोने के बाद क्या लगाएं और कौन-सी गलती स्किन को जरूरत से ज्यादा ड्राई कर सकती है।

चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद अगर आपको स्किन में खिंचाव, ड्राईनेस या हल्की जलन महसूस होती है। अक्सर लोग मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक लगाकर चेहरा धो लेते हैं और उसके बाद स्किन को वैसी ही छोड़ देते हैं। यही छोटी-सी गलती स्किन की नमी कम कर सकती है। खासकर जिन लोगों की स्किन पहले से ड्राई या सेंसिटिव है, उनके लिए फेस पैक के बाद की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद स्किन की जरूरत के अनुसार सही मॉइश्चराइजर लगाना भी जरूरी है। अगर फेस पैक हटाने के बाद स्किन को मॉइश्चराइज नहीं किया जाए, तो कुछ लोगों में खिंचाव, ड्राईनेस या जलन महसूस हो सकती है।

मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद क्या लगाएं?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि मुल्तानी मिट्टी को चेहरे से हटाते समय चेहरे को जोर से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे स्किन पर जलन हो सकती है। चेहरा धोने के बाद मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं। इसके बाद स्किन को लंबे समय तक बिना किसी देखभाल के न छोड़ें। खासकर अगर चेहरा धोने के बाद स्किन खिंची हुई या रूखी महसूस हो रही है, तो मॉइश्चराइजर लगाना जरूरी है।

  • डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि मुल्तानी मिट्टी को चेहरे से साफ करने के बाद स्किन पर कुमकुमादि तेल, बादाम का तेल या जैतून का तेल लगाया जा सकता है।
  • हालांकि, इन तेलों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा मात्रा में करने की जरूरत नहीं है। इनकी कुछ बूंदें ही पर्याप्त हो सकती हैं, क्योंकि ये अपेक्षाकृत गाढ़े होते हैं।
  • चेहरा धोने के बाद स्किन को हल्के हाथों से सुखाकर तेल की कुछ बूंदें लेकर धीरे-धीरे चेहरे पर लगाई जा सकती हैं।
  • बहुत ज्यादा तेल लगाने से चेहरा चिपचिपा महसूस हो सकता है और कुछ लोगों में स्किन संबंधी परेशानी भी बढ़ सकती है।
  • अगर आपकी ऑयली स्किन है और आप मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे धोने के बाद स्किन को बिल्कुल सूखा छोड़ना जरूरी नहीं है। डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, ऑयली स्किन वाले लोग अपना नियमित मॉइश्चराइजर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ऑयली स्किन होने का मतलब यह नहीं है कि स्किन को मॉइश्चराइजर की जरूरत नहीं होती। चेहरे की सफाई के बाद स्किन को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
  • इसलिए अपनी स्किन के लिए पहले से इस्तेमाल किए जा रहे उपयुक्त मॉइश्चराइजर को फेस पैक के बाद भी लगाया जा सकता है।

साल 2025 में MDPI के Cosmetics जर्नल में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी में मीडियम एंटीऑक्सीडेंट गुण के अलावा, यह स्किन की उम्र बढ़ने (एंटी-एजिंग) से जुड़ी कोलेजेनेस और इलास्टेस एंजाइम एक्टिविटी पर भी प्रभाव दिखाती है।

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मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान

मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करते समय सबसे पहले अपनी स्किन टाइप को समझना जरूरी है। अगर स्किन ड्राई या सेंसिटिव है, तो इसका प्रयोग करने से बचना बेहतर है। वहीं ऑयली स्किन वाले लोग भी इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें। फेस पैक लगाने के बाद चेहरे को जोर से रगड़कर साफ करने से भी बचना चाहिए। चेहरा धोने के बाद स्किन को हल्के हाथों से सुखाएं और स्किन टाइप के अनुसार मॉइश्चराइजर या डॉक्टर द्वारा बताए गए तेल का इस्तेमाल करें। अगर मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद लगातार लालिमा, जलन, खुजली या रैशेज की समस्या हो रही है, तो इसका इस्तेमाल बंद करके एक्सपर्ट से सलाह लें।

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आयुर्वेदाचार्य की सलाह

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि मुल्तानी मिट्टी को नेचुरल चीज मानकर कई लोग इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं लेकिन नेचुरल होने का मतलब यह नहीं है कि इसे हर व्यक्ति और हर स्किन टाइप पर बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • जिन लोगों की स्किन पहले से ड्राई है, उनमें ज्यादा इस्तेमाल से ड्राईनेस बढ़ सकती है।
  • स्किन खुरदुरी और फटी हुई भी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर स्किन की नमी और लचीलापन प्रभावित हो सकता है।
  • इससे स्किन पर समय से पहले झुर्रियां और महीन रेखाएं ज्यादा दिखाई दे सकती हैं।

निष्कर्ष

मुल्तानी मिट्टी चेहरे से एक्स्ट्रा तेल को सोखने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल हर स्किन टाइप के लिए सही नहीं होता। ड्राई और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को इससे बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे स्किन की ड्राईनेस और जलन बढ़ सकती है। वहीं ऑयली स्किन वाले लोग मुल्तानी मिट्टी धोने के बाद अपने नियमित मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ड्राई स्किन वालों के लिए डॉक्टर श्रेय शर्मा ने कुमकुमादि तेल, बादाम का तेल या जैतून के तेल की कुछ बूंदों का विकल्प बताया है। सबसे जरूरी बात है कि मुल्तानी मिट्टी को जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल न करें।

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FAQ

  • क्या मुल्तानी मिट्टी रोज चेहरे पर लगाई जा सकती है?

    रोजाना इस्तेमाल जरूरी नहीं है। बहुत बार लगाने से कुछ लोगों की स्किन जरूरत से ज्यादा ड्राई या सेंसिटिव हो सकती है।
  • क्या मुल्तानी मिट्टी लगाने से पिंपल्स पूरी तरह ठीक हो जाते हैं?

    मुल्तानी मिट्टी तेल को सोख सकती है, लेकिन मुंहासों के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए इसे पिंपल्स का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
  • क्या मुल्तानी मिट्टी को रातभर चेहरे पर लगाकर छोड़ सकते हैं?

    फेस पैक को रातभर चेहरे पर छोड़ना सही नहीं है। लंबे समय तक लगा रहने से स्किन में ड्राईनेस, खिंचाव या जलन बढ़ सकती है।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 10, 2026 12:21 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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