Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay Singhal , Dermatologist

मुल्तानी मिट्टी या बेसन, ऑयली स्किन पर क्या लगाएं? खुद स्किन एक्सपर्ट से जानें

Multani mitti vs besan for oily skin: ऑयली स्किन को उन चीजों की जरूरत होती है जो कि त्वचा से ऑयल को कम कर सके, ऐसे में इन दोनों में से कौन सा बेहतर विकल्प हो सकता है? आइए, जानते हैं।

Multani mitti vs besan for oily skin: ऑयली स्किन वाले लोग बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा परेशान रहते हैं। दरअसल, ऑयली स्किन पर हर दिन गंदगी जमा रहती है और स्किन पोर्स प्रभावित रहता है। ऑयली स्किन की एक परेशानी ये भी है जितना आप इसे साफ करेंगे उतना ही ये तेजी से ऑयल को प्रोड्यूस करती है और ऑयल प्रोडक्शन के साथ स्किन पोर्स गंदगी को जमा करने के साथ ब्लॉक हो जाते हैं। इन ब्लॉक स्किन पोर्स की वजह से एक्ने की समस्या ज्यादा परेशान करती है और त्वचा की बनावट भी प्रभावित रहती है। ऐसे में सवाल आता है कि त्वचा से ऑयल के प्रोडक्शन को कम करने के लिए किस चीज का इस्तेमाल करें? बेसन का या मुल्तानी मिट्टी का, आइए जान लेते हैं इस बारे में डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट-डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली से।

मुल्तानी मिट्टी या बेसन, ऑयली स्किन पर क्या लगाएं-Which is better multani mitti or besan for oily skin?

डॉ. विजय सिंघल बताते हैं कि ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी आमतौर पर बेहतर होती है क्योंकि यह बेसन की तुलना त्वचा से तेल को अत्यधिक अवशोषिक करती है। ये रोमछिद्रों को गहराई से साफ करती है और अतिरिक्त सीबम और चमक को नियंत्रित करती है। हालांकि, बेसन एक्सफोलिएशन के लिए बेहतरीन है लेकिन मुल्तानी मिट्टी की तुलना में इसका टैक्सचर सॉफ्ट है। हालांकि, ध्यान दें कि अगर आप बेसन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे आप हर दिन लगा सकते हैं और ऑयली स्किन के लिए मुलायम स्क्रब की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं जबकि मुल्तानी मिट्टी का ज्यादा इस्तेमा नहीं कर सकते है। आप इसे हफ्ते में बस 2 बार ही लगाएं नहीं तो आपकी त्वचा जल्दी-जल्दी ड्राई होने के साथ स्किन में ऑयल प्रोडक्शन को बढ़ा सकती है।

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ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी के फायदे-Multani mitti benefits for oily skin

मुल्तानी मिट्टी सीबम को सोखने के साथ स्किन के टैक्सचर को बेहतर बनाने में मददगार है। ये स्किन पोर्स को गहराई से साफ करती है, सूजन कम करती है और दाग-धब्बों में मदद करती है। इससे एक्ने और ब्लैकहेड्स में कमी आती है और स्किन हेल्दी रहती है। इसक अलावा इसकी एक्सफोलिएटिंग प्रकृति टैन को हल्का करने में मदद करती है इस तरह से ये ऑयली और एक्ने वाली स्किन के लिए बेहतर विकल्प है।

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ऑयली स्किन के लिए बेसन के फायदे- besan benefits for oily skin

बेसन एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर है जो मृत त्वचा को हटाकर त्वचा की चमक बढ़ाती है। ये पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण त्वचा को हाइड्रेट करती है और स्किन को अंदर से खूबसूरत बनाने में मददगार है। बेसन को दही के साथ मिलाकर कोमल सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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इस तरह से आप चेहरे में ऑयल प्रोडक्शन कंट्रोल करने के लिए मुल्तानी मिट्टी और चमक के साख कोमल सफाई के लिए बेसन का उपयोग कर सकते हैं। साथ हा आप संतुलित लाभ के लिए दोनों को मिलाकर भी लगा सकते हैं पर जरूरी है कि इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करें और ड्राईनेस से बचने के लिए मुल्तानी मिट्टी का अधिक उपयोग न करें।

FAQ

  • मुल्तानी मिट्टी में क्या मिलाकर लगाना चाहिए चेहरे पर?

    मुल्तानी मिट्टी में आप हार्ड है इसमें नॉर्मल स्किन के लिए गुलाब जल मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं तो ड्राई स्किन के लिए कच्चा दूध या दही मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ऑयली और एक्ने वाली स्किन के लिए शहद और नींबू मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • मुल्तानी मिट्टी से चेहरे के दाग-धब्बे कैसे हटाएं?

    दाग-धब्बे हटाने के लिए मुल्तानी मिट्टी में नींबू का रस, एलोवेरा जेल और हल्दी मिलाकर 15-20 मिनट चेहरे पर लगाएं और फिर गीले कपड़े से अपनी त्वचा को साफ कर लें।
  • बेसन से काले घेरे कैसे हटाएं?

    बेसन से काले घेरे हटाने के लिए आप इसमें आलू का रस और एलोवेरा जेल मिलाकर लगा सकते हैं जो कि आंखों के चारों ओर होने वाले डार्क सर्कल्स को कम करने में मददगार है।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 19, 2026 11:03 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Jan 19, 2026 11:03 IST

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    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Vijay Singhal

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