Sat Oct 3, 2026 | 01:11 PM IST

Medically Reviewed by Dr Himani Mavi , Consultant – Dermatology - Metro Hospital & Heart Institute, Noida

चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान? ऑयली स्किन की देखभाल के लिए फॉलो करें ये टिप्स

ऑयली स्किन की देखभाल के लिए CTM रूटीन, सही सनस्क्रीन और डाइट-लाइफस्टाइल टिप्स अपनाना जरूरी है। डॉ. हिमानी मावी ने बताया कि सीबम उत्पादन को संतुलित करना और पोर्स को साफ रखना अहम होता है। 
चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान? ऑयली स्किन की देखभाल के लिए फॉलो करें ये टिप्सचिपचिपी त्वचा से हैं परेशान? ऑयली स्किन की देखभाल के लिए फॉलो करें ये टिप्स

ऑयली स्किन वाले लोगों को अक्सर ज्यादा सीबम प्रोडक्शन, एक्ने और ओपन पोर्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चेहरे पर लगातार चिपचिपाहट रहने से लुक भी डल होने लगता है। ऐसे में स्किन को ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाना और नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना आपकी ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr Himani Mavi, Consultant- Dermatology, Metro Hospital & Heart Institute, Noida का कहना है कि ऑयली स्किन एक तरह का स्किन टाइप है। हमारी स्किन के नीचे सिबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) यानी ऑयल ग्रंथियां होती हैं, जो सीबम नाम का प्राकृतिक तेल बनाती हैं। जब ये ग्लैंड जरूरत से ज्यादा सीबम बनाने लगती हैं, तो चेहरा ऑयली दिखने लगता है। ऐसे में ऑयली स्किन को संभालने के लिए आपको सही तरीके की जरूरत है।

ऑयली स्किन के लिए सही 'CTM' स्किनकेयर रूटीन फॉलो करें

Dr Himani Mavi का कहना है कि ऑयली स्किन वालों के लिए क्लिनिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजर का सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है। इसके लिए-

Step 1- क्लींजिंग

ऐसा फेस वॉश इस्तेमाल करें, जिसमें सैलीसिलिक एसिड या ग्लाइकोलिक एसिड हो। सैलीसिलिक एसिड एक बीटा-हाइड्रॉक्सी एसिड है, जो स्किन के पोर्स के अंदर जाकर जमा हुए तेल और डेड स्किन को साफ करता है। बहुत से लोग चेहरा ऑयली होते ही बार-बार साबुन या फेस वॉश से चेहरा धोने लगते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है।

बार-बार चेहरा धोने से स्किन का नेचुरल मॉइश्चाइजर खत्म हो जाता है और स्किन को लगता है कि वह ड्राई हो रही है, जिससे ऑयल ग्लैंड और ज्यादा तेल बनाने लगती हैं।

Step 2- टोनिंग

चेहरा धोने के बाद अल्कोहल-फ्री टोनर या गुलाब जल का इस्तेमाल करें। टोनर खुले पोर्स को कसने और स्किन का pH संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
ग्रीन टी टोनर भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो तेल के प्रोडक्शन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

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Step 3- मॉइस्चराइजिंग

ऑयली स्किन वाले अक्सर मॉइश्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं, यह सोचकर कि चेहरा और चिपचिपा हो जाएगा। यह एक गलत धारणा है। आप हमेशा जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। इसमें हयालूरोनिक एसिड या नाइआसिनामाइड होता है, जो काफी फायदेमंद होता है।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2017 में The Journal Of Clinical And Aesthetic Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ऑयली स्किन की देखभाल और उससे छुटकारा पाने के लिए क्रीम-लोशन, खाने की दवाइयां और क्लिनिक में होने वाले ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है। चेहरे पर लगाई जाने वाली इन चीजों में रेटिनोइड्स पोर्स को साफ और छोटा रखते हैं, जबकि नियासिनमाइड, ग्रीन टी इमल्शन और एल-कार्निटाइन जैसे कॉस्मेस्युटिकल्स स्किन में ज्यादा ऑयल को स्राव को सही तरीके से कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

सनस्क्रीन चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें

Dr Himani Mavi के अनुसार, ऑयली स्किन के लिए सही सनस्क्रीन चुनना बहुत जरूरी है। गलत हैवी सनस्क्रीन लगाने से एक्ने बढ़ सकते हैं। इसलिए आप हमेशा-

  • मैट फिनिश, जेल-बेस्ड या फ्लूड सनस्क्रीन चुनें, जिस पर SPF 30 या उससे ज्यादा और ब्रॉड-स्पेक्ट्रम वाला हो।
  • नाइआसिनामाइड वाला सनस्क्रीन चुनें, जो स्किन के तेल को कंट्रोल करता है और एक्ने के दाग-धब्बों को हल्का करता है।
  • ध्यान रहे, घर से निकलने से 15 से 20 मिनट पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

ऑयली स्किन वाले इन गलतियों से बचें

Dr Himani Mavi बताती हैं कि एक्ने फोड़ने से बैक्टीरिया पूरी स्किन पर फैल जाते हैं और गहरे दाग-धब्बे छोड़ देते हैं।

  • अखरोट या हैवी दानों वाले स्क्रब इस्तेमाल करें, जो ऑयली स्किन को छील देते हैं और सूजन बढ़ाते हैं। इसके बजाय केमिकल एक्सफोलिएंट्स का इस्तेमाल करें।
  • भारी मेकअप और हैवी क्रीम्स का इस्तेमाल करने से बचें। ऑयल-बेस्ड मेकअप या हैवी कोल्ड क्रीम्स पोर्स को ब्लॉक कर देती है।

डाइट और लाइफस्टाइल का असर

Dr Himani Mavi के मुताबिक, आप क्या खाते हैं, उसका सीधा असर आपके ऑयल ग्लैंड पर पड़ता है।

  • ज्यादा तला-भुना, मैदा, मिठाई और कोल्ड ड्रिंक्स के सेवन से बचें। ये फूड्स शरीर में इंसुलिन के लेवल को बढ़ा सकते हैं, जिससे ऑयल ग्लैंड ज्यादा सीबम बनाती हैं।
  • दिन में 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं। जब शरीर अंदर से हाइड्रेटेड रहता है तो स्किन ज्यादा तेल बनाना कम कर देती है।
  • फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स जैसे- हरी सब्जियां, ताजे फल, ओट्स और अलसी के बीज अपनी डाइट में शामिल करें।
  • तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो तेल के उत्पादन को बढ़ावा देता है। इसलिए, 7 से 8 घंटे की नींद लें और तनाव को कम करें।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

घरेलू उपायों और स्किनकेयर रूटीन से आपकी ऑयली स्किन या एक्ने में कोई सुधार न होने पर आपको डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा दर्दनाक और चेहरे एक्ने निकल रहे हों, एक्ने के कारण स्किन पर गड्ढे या जिद्दी दाग-धब्बे पड़ने लगे हों या फिर स्किन पर गंभीर इंफेक्शन, ज्यादा सूजन और रेडनेस के लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए, ताकि वे आपकी स्किन के अनुसार सही इलाज या दवाइयां दे सकें।

निष्कर्ष
Dr. Himika Chawla का कहना है कि ऑयली स्किन को पूरी तरह ड्राई बनाना हमारा लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि ऑयल प्रोडक्शन को संतुलित करना और पोर्स को साफ करना इसका उद्देश्य होना चाहिए। ऑयली स्किन से बचाव के लिए सही प्रोडक्ट्स चुनें, अपनी डाइट को सुधारें और सब्र रखें। अगर आपको बहुत ज्यादा एक्ने हो रहे हैं तो घर पर इलाज करने के बजाय किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर सही ट्रीटमेंट लें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • रात को सोने से पहले ऑयली स्किन पर क्या लगाना चाहिए?

    रात को सोने से पहले ऑयली स्किन पर हल्का, ऑयल-फ्री और जेल-बेस्ड स्किनकेयर रूटीन अपनाना चाहिए, ताकि पोर्स बंद न हों और ज्यादा तेल कंट्रोल रहे।
  • ऑयली स्किन पर क्या नहीं लगाना चाहिए?

    ऑयली स्किन पर हैवी और पोर्स को बंद करने वाले स्किनकेयर प्रोडक्ट्स नहीं लगाने चाहिए।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 03, 2026 11:43 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Oct 03, 2026 11:43 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Himani Mavi