चेहरे पर पिंपल होना एक आम समस्या है। कई बार पिंपल्स कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन इनके ठीक होने के बाज उनकी जगह भूरा या काले रंग का निशान रह जाता है। ऐसे निशान लंबे समय तक चेहरे पर बने रह सकते हैं, जो देखने में खराब लगते हैं। इनको लेकर लोग सोचते हैं कि पिंपल्स के निशान आखिर क्यों रह जाते हैं और इसको हटाने के लिए कोई उपाय है या नहीं? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
पिंपल ठीक होने के बाद काले निशान क्यों पड़ते हैं?
डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, पिंपल ठीक होने के बाद जो काले निशान रह जाते हैं, वे आमतौर पर पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन (PIH) के कारण होते हैं। ये जरूरी नहीं कि ये मुंहासे के निशान (acne scars) ही हों। PIH तब होता है जब पिंपल की वजह से होने वाली सूजन, पिगमेंट बनाने वाले सेल्स (जिन्हें मेलानोसाइट्स कहते हैं) को प्रभावित हिस्से में ज्यादा मेलानिन बनाने और जमा करने के लिए बढ़ावा देती है।
साल 2021 में Dermatology Reports में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, मुंहासों के ठीक होने के बाद त्वचा पर काले दाग या निशान पड़ जाना (जिसे पोस्ट-एक्ने हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है) मुंहासों की एक बहुत आम और गंभीर समस्या है। इसके होने के कई कारण हैं, जैसे सूजन, त्वचा का सांवला या गहरा रंग (खासतौर पर गंभीर चेहरे के मुंहासों से पीड़ित महिलाओं में), धूप के संपर्क में आना और घाव या छालों को छेड़ना।
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पिंपल्स को दबाने से बढ़ता है निशान का खतरा
डॉ. सुनील के अनुसार, जब मुंहासे होते हैं, तो आस-पास की त्वचा में सूजन आ जाती है। सूजन जितनी ज्यादा या लंबे समय तक रहती है, बाद में पिग्मेंटेशन की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। पिंपल्स को नोचने, दबाने या खरोंचने से सूजन बढ़ सकती है और काले निशान पड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है।

गहरे रंग वाले लोगों को होता है खतरा
डॉ. सुनील के अनुसार, पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन खासकर मध्यम से गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों में ज्यादा दिखता है, हालांकि यह किसी को भी हो सकता है। धूप के संपर्क में आने से ये निशान और गहरे हो सकते हैं और लंबे समय तक बने रह सकते हैं, क्योंकि अल्ट्रावायलेट रेडिएशन मेलानिन के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है।
धूप में रहने से बढ़ सकते हैं काले निशान
डॉ. सुनील के अनुसार, लंबे समय तक धूप में रहने से ये निशान गहरे हो सकते हैं और लंबे समय तक रह सकते हैं, क्योंकि धूप में रहने से त्वचा में मेलानिन का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा होता है। इससे बचने और स्किन को हेल्दी रखने के लिए धूप में निकलने से पहले नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इससे स्किन के नुकसान से बचा जा सकता है।
काला दाग और एक्ने स्कार में अंतर
डॉ. सुनील के अनुसार, काले निशान और मुंहासे के निशान (acne scar) के बीच भी एक जरूरी अंतर है। त्वचा पर सपाट भूरा, काला या स्लेटी रंग का निशान आमतौर पर पिग्मेंटेशन को दिखाता है और अक्सर ये धीरे-धीरे हल्का हो जाता है।
त्वचा में गड्ढा, धंसा हुआ या उभरा हुआ हिस्सा त्वचा की बनावट में बदलाव का संकेत देता है और यह मुंहासे के निशान (acne scar) जैसा होता है।
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पिंपल्स के बाद काले दाग से बचने के लिए क्या करें?
डॉ. सुनील के अनुसार, नए मुंहासों को रोकना, ज्यादा काले निशानों को रोकने के सबसे असरदार तरीकों में से एक है। पिंपल्स को नोचने या दबाने से बचना भी उतना ही जरूरी है। रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से मौजूदा पिग्मेंटेशन को और गहरा होने से रोकने में मदद मिल सकती है।
क्या स्किनकेयर से ये दाग हल्के हो सकते हैं?
डॉ. सुनील कहते हैं, त्वचा और पिग्मेंटेशन की गंभीरता के आधार पर, डर्मेटोलॉजिस्ट एजेलिक एसिड, रेटिनोइड्स, विटामिन C या पिग्मेंटेशन को ठीक करने वाले अन्य ट्रीटमेंट की सलाह दे सकते हैं। इनका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाना चाहिए क्योंकि जलन पैदा करने वाले प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल सूजन और पिग्मेंटेशन को और बढ़ा सकता है।
डॉ. सुनील कहते हैं, काले निशान आमतौर पर रातों-रात गायब होने के बजाय धीरे-धीरे हल्के होते हैं। इसमें हफ्तों से लेकर कई महीने तक का समय लग सकता है, जो पिग्मेंटेशन की गहराई और व्यक्ति की त्वचा के टाइप पर निर्भर करता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
डॉ. सुनील का कहना है, अगर पिग्मेंटेशन बहुत ज्यादा फैल गया है, तेजी से बढ़ रहा है, गंभीर मुंहासों से जुड़ा है या सही स्किनकेयर के बावजूद ठीक नहीं हो रहा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा की जांच करके सही ट्रीटमेंट प्लान की सलाह दे सकते हैं।
निष्कर्ष
पिंपल ठीक होने के बाद दिखाई देने वाले काले या भूरे निशान कई बार पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन के कारण हो सकते हैं, न कि स्थायी एक्ने स्कार। पिंपल में होने वाली सूजन, उसे दबाना या खरोंचना और धूप के संपर्क में आना ऐसे निशानों को ज्यादा साफ बना सकता है।
पिंपल्स के निशान से बचने के लिए पिंपल को न दबाएं, नए एक्ने को नियंत्रित करें और नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाएं। ऐसे निशान आमतौर पर धीरे-धीरे हल्के होते हैं। अगर समस्या ज्यादा है या लंबे समय तक सुधार नहीं हो रहा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
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FAQ
पिंपल्स होने का कारण क्या है?
व्यक्ति को पोर्स के बंद होने, स्किन में सीबम का प्रोडक्शन बढ़ने, डेड सेल्स के जमा होने, बैक्टीरिया, हार्मोन्स के असंतुलित होने, खान-पान, स्ट्रेस और गलत स्किनकेयर के कारण पिंपल्स हो सकते हैं।पिंपल्स से बचने के लिए क्या करें?
पिंपल्स की समस्या से बचने और स्किन को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से चेहरा धोएं, स्किन को मॉइस्चराइज करें, चेहरे पर बार-बार हाथ न लगाएं, मेकअप हटाकर ही सोएं, बैलेंस डाइट लें, स्ट्रेस कम करें, शरीर को हाइड्रेट रखें, स्ट्रेस को नियंत्रित करें और स्किन का साफ-सफाई का ध्यान रखें।
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Aug 30, 2026 21:44 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu