Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

गर्दन की त्वचा चेहरे से ज्यादा डार्क क्यों दिखाई देती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

गर्दन का कालापन सिर्फ गंदगी के कारण नहीं होता है, बल्कि धूप, घर्षण, एकांथोसिस निग्रिकन्स, इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं। सही देखभाल में नियमित सफाई, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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चेहरे और गर्दन की त्वचा का रंग एक जैसा न दिखना एक आम बात है। कई लोगों को लगता है कि गर्दन की त्वचा की ठीक से सफाई न करने के कारण ये काली हो जाती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। गर्दन की त्वचा के रंग में बदलाव धूप, त्वचा में होने वाली जलन, फ्रिक्शन, रूखापन या कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। ऐसे में आइए इस बारे में ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

गर्दन की त्वचा चेहरे से ज्यादा काली क्यों दिखती है?

डॉ. शिरीन के अनुसार, गर्दन की त्वचा चेहरे की तुलना में कई कारणों से ज्यादा काली दिख सकती है और एक आम कारण है पिग्मेंटेशन का बढ़ना। यह समस्या धूप या प्रदूषण में रहने, एकांथोसिस निग्रिकन्स, इंसुलिन रेजिस्टेंस, कपड़े, ज्वेलरी, हार्मोन्स में बदलाव होने और त्वचा की ठीक से देखभाल न करने के कारण यह समस्या होती है।

1. धूप और प्रदूषण के कारण

गर्दन शरीर का खुला हिस्सा है और बाहर निकलने पर लंबे समय तक धूप और प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण शरीर में मेलेनिन का प्रोडक्शन बढ़ सकता है। मेलेनिन त्वचा को रंग देता है। जिससे समय के साथ गर्दन काली दिखने लगती है। कुछ लोगों में, बार-बार रगड़ने या जलन होने से भी त्वचा काली पड़ सकती है।

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2. कपड़ों और ज्वेलरी के कारण

गर्दन पर बार-बार होने वाला फ्रिक्शन भी त्वचा को प्रभावित कर सकता है। टाइट कॉलर, कपड़ों की लगातार रगड़, पसीने या कुछ ज्वेलरी के कारण त्वचा में जलन हो सकती है। बार-बार होने वाली जलन और रगड़ के बाद कुछ लोगों में उस जगह का रंग गहरा पड़ सकता है।

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3. एकांथोसिस निग्रिकन्स के कारण

गर्दन के काले पड़ने का एक कारण एकांथोसिस निग्रिकन्स (acanthosis nigricans) नाम की त्वचा की स्थिति है, जिससे गर्दन की त्वचा काली, मोटी और थोड़ी मखमली दिख सकती है। यह गर्दन, बगल या शरीर की कुछ अन्य त्वचा की लेयर में भी दिखाई दे सकती है।

4. इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज के कारण

गर्दन के काला पड़ने की समस्या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में देखी जाती है, जिसका मतलब है कि शरीर इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करता है। यह ज्यादा वजन, प्री-डायबिटीज या डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है, हालांकि गर्दन काली होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को डायबिटीज ही है।

5. हार्मोन और दवाइयों के कारण

कुछ मामलों में शरीर के हार्मोनल में बदलाव होने और कुछ दवाइयों से भी त्वचा में कालापन बढ़ सकता है। ऐसे में अगर गर्दन का रंग अचानक बदलने लगे या शरीर के दूसरे हिस्सों में भी असामान्य पिग्मेंटेशन दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

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6. त्वचा की देखभाल न करने के कारण

त्वचा की ठीक से देखभाल न करने से कभी-कभी यह अंतर ज्यादा साफ दिखने लगता है। डेड स्किन सेल्स के जमाव, बहुत ज्यादा ड्राईनेस या गर्दन को ठीक से साफ न करने से यह बेजान दिख सकती है।

हालांकि, गंदगी आमतौर पर लगातार कालेपन का मुख्य कारण नहीं होती है। हार्ड स्क्रब का इस्तेमाल करने या उस जगह को बार-बार रगड़ने से पिग्मेंटेशन और बढ़ सकती है। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन और सूजन हो सकती है, जिससे पिग्मेंटेशन और ज्यादा दिखाई दे सकती है।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2023 में Molecules Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, त्वचा के रंग में बदलाव (पिग्मेंटेशन) के मुख्य कारणों में जेनेटिक्स, धूप में रहना, हार्मोन में बदलाव, त्वचा पर चोट लगना और कुछ दवाइयां शामिल हैं। इसके अलावा, त्वचा के रंग से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियां जैसे विटिलिगो (सफेद दाग), एल्बिनिज्म (शरीर में मेलानिन की कमी से बाल-त्वचा का सफेद होना) और मेलास्मा, जेनेटिक बदलावों के कारण होती हैं।

गर्दन की त्वचा की देखभाल कैसे करें?

डॉ. शिरीन बताती हैं, गर्दन की देखभाल को चेहरे की स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है। जैसे -

  • हल्के हाथों से त्वचा को क्लींजर से साफ करें।
  • नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • गर्दन पर ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाने से स्किन प्रोटेक्ट रहती है। इससे ज्यादा कालेपन से बचाव होता है।
  • जोर से स्क्रबिंग करने से बचें।
  • जलन या खुजली पैदा करने वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. शिरीन के अनुसार, अगर गर्दन की त्वचा लगातार गहरी होती जा रही है, मोटी या मखमली जैसी लगने लगी है या यह बदलाव अचानक दिखाई देता है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। वे त्वचा की जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर, असली कारण का पता लगाने के लिए ब्लड शुगर या अन्य कारणों की जांच कर सकते हैं।

निष्कर्ष

चेहरे की तुलना में गर्दन का गहरा दिखाई देना हमेशा खराब सफाई की वजह से नहीं होता है। यह समस्या धूप, त्वचा में जलन, फ्रिक्शन, ड्राईनेस और कुछ त्वचा या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं इसके कारण हो सकती हैं। ऐसे में गर्दन को जोर से रगड़ने के बजाय नियमित सफाई, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन के इस्तेमाल पर ध्यान देना बेहतर है। अगर त्वचा का रंग बदलने के साथ वह मोटी या मखमली भी दिखाई देने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि इसके सही कारण का पता लगाया जा सके।

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FAQ

  • डार्क स्किन को कैसे ठीक करें?

    डार्क स्किन से राहत के लिए नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और सही स्किनकेयर रूटीन को फॉलो करें। ऐसा करने से स्किन को हेल्दी और स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • डार्क स्किन के कारण क्या होते हैं?

    लंबे समय तक धूप में रहने, हार्मोन्स में बदलाव, इंफ्लेमेशन और हेल्थ कंडीशन्स के कारण लोगों को डार्क स्किन की समस्या हो सकती है। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 28, 2026 20:01 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado

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