Wet Clothes Side Effects for Skin: बरसात के मौसम में कई बार ऐसा होता है कि कपड़े गीले रह जाते हैं या कपड़े ढंग से न सूखे तो भी पहनना पड़ जाता है। जबकि, ऐसा करना स्किन के लिए नुकसानदेह हो सकता है। दरअसल, गीले कपड़े से स्किन रैशेज होने लगते हैं। इतना ही नहीं, ये स्किन की कई बीमारियों को ट्रिगर करता है जो कि बार-बार हो सकती हैं। Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD - Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi कहती हैं कि लंबे समय तक गीले या सीलन वाले कपड़े पहनने से त्वचा में जलन, बदबू और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
गीले कपड़ों से आपकी स्किन को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
Dr. Chandani Jain Gupta बताती हैं कि गीले कपड़े पहनने से होता ये है कि गीला कपड़ा त्वचा से रगड़ खाता है जिससे रगड़ लगने की वजह से रेडनेस आ जाती है और रैशेज की समस्या होने लगती है। इसके अलावा चांदनी जैन कहती हैं कि जब गीले कपड़ों से आपकी स्किन रगड़ती है तो स्किन डैमेज की स्थिति आ जाती है और इससे दाने-दाने निकल जाते हैं। इसके अलावा नमी की वजह से स्किन में बैक्टीरियल और फंगल ग्रोथ होते हैं जिससे फंगल इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।
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दाद की समस्या हो सकती है
डॉ. चांदनी जैन बताती हैं कि दाद (रिंगवर्म) की समस्या गीले कपड़ों की वजह से हो सकती है। दाद कोई कीड़ा नहीं है। यह डर्मेटोफाइट फंगस से होने वाला त्वचा का एक संक्रामक इन्फेक्शन है। ये सूक्ष्म जीव गर्म, अंधेरी और नमी वाली जगहों पर पनपते हैं। जब आप गीले या ठीक से न सूखे कपड़े पहनते हैं, तो कपड़े पसीने को सूखने से रोकते हैं। इस लगातार गीलेपन से आपकी त्वचा नम और गर्म बनी रहती है। इससे दाद की समस्या हो सकती है।
कपड़ों में फंगल स्पोर्स से स्किन इंफेक्शन
डॉ. चांदनी बताती हैं कि गीले कपड़ों से फंगल इंफेक्शन हो सकता है। जब बारिश के मौसम में कपड़े धीरे-धीरे सूखते हैं तो उनमें फंगल स्पोर्स या फफूंदी पनप सकती है, खासकर अगर उन्हें पहनने से पहले अच्छी तरह न सुखाया न जाए तो ये इंफेक्शन का कारण बन जाती है।
Wet Clothes Side Effects
त्वचा की सुरक्षात्मक परत का कमजोर होना
गीले कपड़ों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आपकी त्वचा की नेचुरल प्रोटेक्टिव परत कमजोर हो जाती है। रगड़ और घर्षण गीले कपड़े त्वचा पर आसानी से रगड़ खाते हैं, जिससे त्वचा पर बहुत छोटे-छोटे कट या जलन हो सकती है। इससे फंगस के लिए त्वचा की बाहरी परतों में घुसना और इंफेक्शन फैलाना आसान हो जाता है।
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अर्टिकेरिया
अर्टिकेरिया, पित्ती की समस्या गीले कपड़े वाले लोगों से ज्यादा होती है। त्वचा पर अचानक लाल या गुलाबी रंग के उभरे हुए चकत्ते और तेज खुजली की समस्या होने लगती है। यह तब होता है जब अपना ही इम्यून सिस्टम अपने ही शरीर पर हमला कर देता है। इससे त्वचा के नीचे सूजन और लालिमा हो जाती है।इतना ही नहीं National Library of Medicine द्वारा किए गए इस रिसर्च में जांचा गया कि गर्म वातावरण में काम करते समय वेंटिलेशन वाले कपड़ों के साथ पानी से भीगी हुई अंदरूनी टी-शर्ट पहनने से शरीर के तापमान बढ़ जाता। जब शरीर इस तरह से गर्म होता है तो पित्ती की समस्या हो सकती है।
ये समस्याएं भी हो सकती हैं
इसके अलावा सीलन भरे मौसम में गीले कपड़ों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंडिडिआसिस और एथलीट फुट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहने से बगल, जांघों के अंदरूनी हिस्से, कमर के पास और स्तनों के नीचे फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। डायबिटीज, मोटापा या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को गीले कपड़ों से होने वाली स्किन की समस्याओं का खतरा ज्यादा होता है।
गीले कपड़ों से होने वाली स्किन इंफेक्शन से कैसे बचें?
ये पूछने पर डॉ. चांदनी बताती हैं कि कभी भी गीले कपड़ों में न बैठें और न ही सोएं। हमेशा सूखे और हवादार कपड़े पहनें। अगर कपड़े में थोड़ा सा भी गीलापन है तो इसे प्रेस करके पहनें। इसके अलावा
- एंटीफंगल पाउडर या टैल्कम का इस्तेमाल करें। खासकर पसीना आने वाली जगहों पर इसे लगाएं ताकि स्किन सूखी रहे और फंगस न पनपे।
- एंटीफंगल साबुन से नहाएं और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, खासकर शरीर की सिलवटों या जोड़ों वाली जगहों को।
- गीले तौलिए या अंडरगारमेंट्स का दोबारा इस्तेमाल न करें
- इंफेक्शन से बचने के लिए हमेशा साफ और सूखे कपड़ों या तौलियों का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष:
पसीना कम करने और हवा के आने-जाने के लिए सूती या नमी सोखने वाले कपड़े पहनें। कोशिश करें कि बरसात में बिना धूप लगाए किसी भी कपड़े को न पहनें। अंडरगारमेंट्स का खास ख्याल रखें जो कि इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। साथ ही लक्षण नजर आए तो डॉक्टर को दिखाएं।
FAQ
बाथरूम में गीले कपड़े रखने से क्या होता है?
बाथरूम में गीले कपड़े रखने से उसकी नमी बढ़ जाती है और इससे बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इससे खुजली और दाद की दिक्कत हो सकती है।दाद की बीमारी किस वजह से होती है?
दाद की बीमारी का असली कारण है फंगल इंफेक्शन जो नमी के कारण होती है। हालांकि, ये फैल सकता है इसलिए ये समस्या आपको किसी के कपड़े या तौलिए इस्तेमाल करने से भी हो सकता है।
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Aug 28, 2026 14:18 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta
