Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

होंठों के किनारे बार-बार ड्राईनेस क्यों होती है? डॉक्टर से जानें

होंठों के कोनों पर बार-बार होने वाली ड्राईनेस के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें एंगुलर चेइलाइटिस, पोषक तत्वों की कमी और इंफेक्शन शामिल हैं। इससे बचने के लिए होंठों को साफ व हाइड्रेटेड रखें और गंभीर होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

इस पेज पर:-


होंठों की स्किन शरीर के दूसरे हिस्सों के मुकाबले ज्यादा नाजुक होती है। ऐसा मौसम में बदलाव होने और हवा में नमी की कमी होने जैसे कई कारणों से होंठों के ड्राई होने की समस्या हो सकती है, लेकिन कभी-कभी ये ड्राईनेस होंठों के किनारों तक सीमित रहती है। जिसके कारण होंठों में बार-बार ड्राईनेस होने, रेडनेस, छोटी-छोटी दरारें होने या जलन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में कई बार लोगों के मन में सवाल उठता है कि होंठों के किनारे पर बार-बार ड्राईनेस क्यों आती है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

होंठों के कोनों पर ड्राईनेस क्यों होती है?

डॉ. शिरीन के अनुसार, होंठों के कोनों पर ड्राईनेस होने और दरारें आना एक आम समस्या है। होंठों के कोनों में ड्राईनेस की समस्या कई कारणों से हो सकता है, जिसके कारण होंठों में जलन और कई अन्य परेशानियां हो सकती हैं।

1. एंगुलर चीलाइटिस के कारण

होंठों के कोनों पर ड्राईनेस या दरारें आना आम समस्याओं में से एक है। इसका मुख्य कारण एंगुलर चेइलाइटिस (Angular Cheilitis) है, जिसमें कोनों की त्वचा में जलन होती है, साथ ही होंठों के किनारों पर रेडनेस, दर्द, सूजन और दरारें आने की समस्या हो सकती है।

ऐसा तब हो सकता है, जब मुंह के कोनों पर बार-बार लार जमा होती है, जिससे स्किन गीली हो जाती है और उसमें जलन होने लगती है। जब यह जगह ड्राई होती है, तो त्वचा फट सकती है। फिर जब भी हम खाने, बात करने या उबासी लेने के लिए मुंह खोलते हैं, तो दरार फिर से खुल सकती है और ठीक होने में देरी हो सकती है। प्रभावित जगह पर कभी-कभी पपड़ी या हल्का घाव भी दिखाई दे सकता है।

इसे भी पढ़ें: ड्राई स्किन और एक्जिमा, दोनों एक-दूसरे से अलग कैसे हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें अंतर

Cleveland Clinic के अनुसार, मुंह के कोनों पर लार जमा हो जाती है और इससे सूखापन होता है। इस हिस्से की त्वचा बहुत जयादा सूखने से एंगुलर चीलाइटिस (angular cheilitis) हो सकता है।

2. पोषक तत्वों की कमी के कारण

अगर होंठों के कोनों में दरार बार-बार होती है, तो कुछ लोगों में पोषक तत्वों की कमी भी एक कारण हो सकती है। खासकर आयरन, विटामिन B12, फोलेट और अन्य पोषक तत्वों की कमी से।

why does dryness frequently occur at the corners of the lips 01

3. डेन्चर के कारण

जो लोग डेन्चर (नकली दांत) का इस्तेमाल करते हैं, उनमें उसका सही तरह से फिट होना जरूरी है। ठीक से फिट न होने वाले डेन्चर के कारण मुंह के आसपास की त्वचा में एक्स्ट्रा सिलवटें बन सकती हैं। इन सिलवटों में लार जमा होने से होंठों के कोनों पर नमी बनी रह सकती है और जलन या दरार की समस्या बढ़ सकती है। बार-बार समस्या होने पर डेन्चर की फिटिंग की भी जांच कराना फायदेमंद हो सकता है।

4. फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण

कभी-कभी, बार-बार दरारें पड़ने के कारण फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है, खासकर तब, जब स्किन में लंबे समय तक नमी बनी रहती है। इंफेक्शन होने पर रेडनेस, दर्द, सूजन, पपड़ी या बार-बार घाव बनने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हर मामले में इंफेक्शन हो, ऐसा भी जरूरी नहीं है।

बता दें, डायबिटीज या इम्यूनिटी को प्रभावित करने वाली बीमारियों से पीड़ित लोगों में भी बार-बार इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। शुरुआत में यह नॉर्मल ड्राईनेस लग सकती है, लेकिन मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी समस्या बार-बार लौटे या घाव ठीक होने में समय लगे, तो इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में समस्या को सिर्फ मॉइस्चराइजर की कमी मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

इसे भी पढ़ें: चेहरा धोने के बाद स्किन ज्यादा ड्राई क्यों लगती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

5. डिहाइड्रेशन के कारण

पर्याप्त पानी न पीने या शरीर में पानी की कमी होने के कारण त्वचा की नमी में कमी होने लगती है, जिसके कारण होंठों के फटने या होंठों के किनारों पर ड्राईनेस होने की समस्या हो सकती है।

6. ठंडे या सूखे मौसम के कारण

ठंडी के मौसम में या सूखी हवा चलने या मौसम बदलने के कारण लोगों को होंठों के फटने, त्वचा की नमी खोने और होंठों के कोनों में ड्राईनेस की समस्या बढ़ सकती है।

क्या कहती है रिसर्च?

StatPearls रिसर्चर के अनुसार, गर्म या सूखी हवाओं के लगातार संपर्क में रहने से होंठों की ऊपरी परत की नमी और लचीलापन खत्म हो जाता है, जिससे होंठ सूखकर फटने लगते हैं और उन पर पपड़ी जम जाती है। इस पपड़ी को हटाने के लिए मरीज बार-बार होंठों पर जीभ फेरने की आदत डाल लेता है, जिससे यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। इसे इरिटेंट कॉन्टैक्ट चिलाइटिस (irritant contact cheilitis) भी कहा जाता है।

कौन-सी आदतें समस्या को बढ़ा सकती हैं?

डॉ. शिरीन का कहना है, कुछ नॉर्मल आदतें होंठों के कोनों की परेशानी को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में इन आदतों से बचना चाहिए। जैसे-

  • होंठ चाटने की आदत।
  • पर्याप्त पानी न पीने।
  • स्किन को हाइड्रेट न करें या स्किन के ड्राई होने।
  • ठंडे या सूखे मौसम और जलन पैदा करने वाले लिप प्रोडक्ट्स या टूथपेस्ट के बार-बार इस्तेमाल से यह समस्या और बढ़ सकती है।
  • खुशबू वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना

बता दें, होंठों पर खुशबू वाले प्रोडक्ट्स या जलन पैदा करने वाले लिप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से भी होंठों की परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, टूथपेस्ट या किसी दूसरे प्रोडक्ट्स से जलन होने पर भी समस्या बढ़ सकती है। इसलिए अगर किसी नए प्रोडक्ट का इस्तेमाल शुरू करने के बाद परेशानी बढ़ी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

होंठों में ड्राईनेस से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. शिरीन बताती हैं, होंठों के कोनों में बार-बार ड्राईनेस होने की समस्या से बचने के लिए कुछ अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है। ताकि होंठों की समस्याओं से बचा जा सके।

  • मुंह के कोनों को साफ और सूखा रखें।
  • बार-बार होंठ चाटने से बचें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • एक हल्के, बिना खुशबू वाला लिप बाम का इस्तेमाल करें।


डॉ. शिरीन आगे बताती हैं, इन आदतों को अपनाने से त्वचा को सूखने और फटने से बचाने में मदद मिल सकती है। ध्यान रहे, मुंह के कोनों को रगड़ने या वहां की सूखी त्वचा को खींचकर हटाने से बचना चाहिए। इससे छोटी दरार बड़ी हो सकती है और ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. शिरीन के अनुसार, अगर होंठों में दरारें बनी रहती हैं, उनमें दर्द या सूजन है, खून आ रहा है या वे बार-बार हो रही हैं, तो डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच करवानी चाहिए। डॉक्टर इंफेक्शन, पोषक तत्वों की कमी या अन्य कारणों की जांच कर सकते हैं और सही इलाज की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष

होंठों के कोनों पर बार-बार होने वाली ड्राईनेस और दरार को हमेशा आम सूखापन समझना सही नहीं है। लार का जमा होना, होंठ चाटने की आदत, मौसम, जलन, डेन्चर की फिटिंग, इंफेक्शन और कुछ पोषक तत्वों की कमी इसके कारण हो सकते हैं। होंठों की समस्या से बचने के लिए होंठों को साफ और सूखा रखें, उन्हें बार-बार चाटने से बचें और हल्के मॉइस्चराइजिंग लिप बाम का इस्तेमाल करें, लेकिन समस्या लगातार बनी रहे या बार-बार हो रही हो, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • होंठों में ड्राईनेस से क्या परेशानी होती है?

    होंठों के फटने, जलन होने, पपड़ी जमने, चुभन होने, खून आने, इंफेक्शन होने और दरारें पड़ने जैसी समस्याएं होंठों में ड्राईनेस के कारण हो सकती है।
  • बार-बार होठ सूखने का क्या कारण है?

    शरीर में मौसम बदलने, ठंडी हवा चलने, मौसम में बदलाव होने, डायबिटीज, विटामिन बी और आयरन की कमी जैसे कारणों से होंठों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।

Read Next

PMOS के कारण चेहरे पर होने वाले बालों से छुटकारा कैसे पाएं? डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 27, 2026 23:57 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Aug 27, 2026 23:57 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content