Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

क्या मुंहासों से छुटकारा पाने में वाकई असरदार है रेटिनॉल? एक्‍सपर्ट से जानें

रेट‍िनॉल कई स्‍क‍िन प्रोडक्‍ट्स में इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। यह व‍िटाम‍िन ए से बनता है और इसे एज‍िंग साइन्‍स को कम करने और एक्‍ने के ख‍िलाफ लड़ने में असरदार माना जाता है। जानें क्‍या एक्‍ने से लड़ने में वाकई असरदार है रेट‍िनॉल?

रेट‍िनॉल, रेट‍िनॉइड्स का एक प्रकार है। इन द‍िनों इसके फायदों पर कई ब्‍यूटी ब्‍लॉगर्स ढेरों वीड‍ियोज बना रहे हैं और डॉक्‍टर्स भी इसके फायदों के मुरीद हैं। रेट‍िनॉल एज‍िंग साइन्‍स को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। यह बारीक रेखाओं और झुर्र‍ियों को कम करता है, हाइपरप‍िग्‍मेंटेशन को खत्‍म करता है और काले धब्‍बों एवं एक्‍ने मार्क्स को कम करने में मददगार हो सकता है। यह कोलेजन को भी बढ़ावा देता है और स्‍क‍िन टोन एवं टेक्‍सचर को इंप्रूव करने में मदद करता है। रेट‍िनॉल एक इंग्रीड‍ि‍एंट है जो कई स्‍क‍िन केयर प्रोडक्‍ट्स में पाया जाता है जैसे क्‍लींजर, एक्‍सफोल‍िएटर, क्रीम या सीरम। जानते हैं रेट‍िनॉल एक्‍ने कंट्रोल करने में कैसे मदद कर सकता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

एक्‍ने कंट्रोल करने में मदद करता है रेट‍िनॉल

रेट‍िनॉल को एक्‍ने कंट्रोल करने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। रेट‍िनॉल ऑयल प्रोडक्‍शन को कंट्रोल करने में मदद करता है, इससे पोर्स साफ होते हैं और सूजन कम होती है। रेट‍िनॉल मुंहासे पैदा करने वाले बैक्‍टीर‍िया को कंट्रोल करता है। एक्‍ने या ऑयली स्‍क‍िन वाले लोगों को अक्‍सर ज्‍यादा सीबम बनने की समस्‍या का सामना करना पड़ता है। ज्‍यादा सीबम प्रोडक्‍शन से पोर्स बंद हो सकते हैं ज‍िससे सूजन, दाने और रेडनेस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- रेटिनॉल दिन में लगाने के क्या नुकसान हो सकते हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2022 में Sustainable Chemistry And Pharmacy नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताबि‍क, रेट‍िनॉइड्स, एक्‍ने के इलाज में जलन कम करने में मदद करते हैं। स्‍टडी में यह भी बताया गया है क‍ि टॉपिकल रेटिनॉइड्स (त्वचा पर लगाए जाने वाले रेटिनॉइड्स) ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स के इलाज में भी असरदार हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- क्या वाकई चॉकलेट खाने से चेहरे पर मुंहासे होते हैं? डॉक्टर से जानें

रेट‍िनॉल को इस्‍तेमाल करने का सही तरीका क्‍या है?

does-retinol-good-for-acne

रेट‍िनॉल एक एक्‍ट‍िव इंग्रीड‍िएंट है ज‍िसे सावधानी के साथ इस्‍तेमाल क‍िया जाना चाह‍िए, वरना त्‍वचा में रेडनेस, ड्राईनेस या जलन हो सकती है। जानें इसे इस्‍तेमाल करने का सही तरीका-

  • रेट‍िनॉल को स्‍क‍िन केयर रूटीन में शाम‍िल करने के बाद तुरंत पर‍िणाम की उम्‍मीद न रखें, इससे लाभ पाने के ल‍िए इसे रूटीन में लगातार बनाए रखना होगा।
  • रेट‍िनॉल को रात में अप्‍लाई करना ज्‍यादा फायदेमंद माना जाता है। द‍िन में व‍िटाम‍िन सी या हयालूरोनिक एसिड युक्‍त क्रीम या सीरम का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • सेंसि‍ट‍िव स्‍क‍िन है, तो रेट‍िनॉल को स्‍क‍िन केयर रूटीन में शाम‍िल करने से पहले पैच टेस्‍ट करके जरूर चेक करें।
  • रेट‍िनॉल युक्‍त प्रोडक्‍ट्स खरीदने से पहले उसकी क्वालिटी और ब्रांड चेक करें। त्‍वचा के ल‍िए डर्मेटोलॉजि‍स्‍ट द्वारा अप्रूव्‍ड स्‍क‍िन केयर प्रोडक्‍ट्स का ही इस्‍तेमाल करना चाह‍िए।

यह भी पढ़ें- क्या पिंपल्स पर टूथपेस्ट लगाना सही है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

क्‍या सभी के ल‍िए सुरक्ष‍ित है रेट‍िनॉल?

  • ऑयली स्‍क‍िन में रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह अत‍िर‍िक्‍त ऑयल को कंट्रोल करता है और त्‍वचा को एक्‍ने से बचाता है।
  • अगर सेंस‍िट‍िव स्‍क‍िन है, तो डॉक्‍टर की सलाह लेकर हफ्ते में 1 से 2 बार ही कम मात्रा में यानी 0.25 से 0.3 प्रत‍िशत तक ही इस्‍तेमाल करें।
  • एक्‍ने वाली त्‍वचा में इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं। रेट‍िनॉल ब्रेकआउट्स को कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • स्‍क‍िन ड्राई रहती है, तो क्रीम बेस्‍ड रेट‍िनॉल को चुनें।
  • गर्भवती मह‍िलाओं को रेट‍िनॉल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
  • ज‍िन लोगों को एक्‍ज‍िमा या रोसैस‍िया जैसी स्‍क‍िन समस्‍याएं हैं, उन्‍हें डॉक्‍टर की सलाह के बगैर रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल नहीं करना चाह‍िए।

यह भी पढ़ें- दाग-धब्बों से लेकर टैनिंग तक, जामुन फेस पैक से दूर करें ये स्किन प्रॉब्लम्स

रेटि‍नॉल के अलावा एक्‍ने के ल‍िए कौन से इंग्रीड‍िएंट्स फायदेमंद हैं?

मुंहासों के लिए बेंजोयल पेरोक्साइड, सैलिसिलिक एसिड, एज‍ेल‍िक एस‍िड वगैरह का भी इस्‍तेमाल कि‍या जाता है, लेक‍िन एक्‍ने के ल‍िए क‍िसी भी इंग्रीड‍िएंट को चुनने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेना जरूरी है।

यह भी पढ़ें- PMOS एक्ने से परेशान हैं? अश्वगंधा से आंवला तक ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आ सकती हैं काम

रेट‍िनॉल के कुछ दुष्‍प्रभाव भी हैं

  • रेट‍िनॉल एफडीए द्वारा अप्रूव्‍ड है, लेक‍िन फ‍िर भी इसके कुछ दुष्‍प्रभाव हैं।
  • ज्‍यादा रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल करने से कई लोगों को ड्राई स्‍क‍िन की समस्‍या हो सकती है।
  • रेट‍िनॉल युक्‍त कोई नया उत्‍पाद इस्‍तेमाल करने की वजह से कई लोगों को रेडनेस या खुजली होती है।
  • रेट‍िनॉल युक्‍त उत्‍पाद को चेहरे पर लगाने के बाद अगर धूप के संपर्क में आएंगे, तो जलन, खुजली या रेडनेस हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

एक्‍ने को कंट्रोल करने के ल‍िए रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह अत‍िर‍िक्‍त ऑयल को कंट्रोल करता है और एज‍िंग साइन्‍स जैसे र‍िंकल्‍स या फाइन लाइन्‍स को भी कम करने में मदद करता है। रेट‍िनॉल की मदद से मुंहासे पैदा करने वाले बैक्‍टीर‍िया को कंट्रोल करने में मदद मि‍लती है। मुंहासों के लिए बेंजोयल पेरोक्साइड, सैलिसिलिक एसिड, एज‍ेल‍िक एस‍िड भी असरदार माने जाते हैं। सेंस‍िट‍िव स्‍क‍िन है, तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल करें।

FAQ

  • क‍िस उम्र में रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं?

    ज्‍यादातर लोग 25 के बाद रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल शुरू करते हैं जब एज‍िंग के अर्ली साइन्‍स नजर आते हैं। समय से पहले एज‍िंग साइन्‍स नजर आने पर रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं, ले‍क‍िन पहले डॉक्‍टर की सलाह लें।
  • क्‍या रोजाना रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं?

    रेट‍िनॉल का रोजाना इस्‍तेमाल सुरक्ष‍ित है, लेक‍िन पहले त्‍वचा को इसकी आदत होनी चाह‍िए। अगर रेट‍िनॉल का इस्‍तेमाल शुरू क‍िया है, तो शुरू में हफ्ते में 2 से 3 बार ही इस्‍तेमाल करें और धीरे-धीरे मात्रा को बढ़ाएं। 

Read Next

स्किन पर ये 7 लक्षण हो सकते हैं समय से पहले बुढ़ापे के संकेत, न करें नजरअंदाज

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 14, 2026 15:59 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 14, 2026 15:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content