जिन लोगों का जन्म 1990 से 1995 के बीच हुआ है वे इस समय 30 साल के हो गए होंगे। उम्र बढ़ने पर शरीर के साथ-साथ त्वचा में भी कई बदलाव आते हैं। कोलेजन और इलास्टिन, ये दोनों त्वचा को टाइट रखते हैं और उम्र बढ़ने के साथ ये टूटने लगते हैं जिसके कारण त्वचा में झुर्रियां और ढीलापन नजर आने लगता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है त्वचा की चमक भी कम होने लगती है। इसके अलावा, 30 के बाद व्यक्ति की भागदौड़ अधिक हो जाती है। ऐसे में धूप के संपर्क में ज्यादा रहना, त्वचा पर ध्यान न देना और हेल्दी डाइट न लेने से त्वचा में दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन की समस्या बढ़ने लगती है। वैसे तो ये बदलाव स्वाभाविक है, लेकिन समय से पहले नजर आने वाले एजिंग साइन्स को कुछ हद तक धीमा किया जा सकता है। सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकते हैं। आगे जानते हैं 30 के बाद आखिर क्यों जरूरी हो जाता है एंटी एजिंग स्किनकेयर और किन गलतियों से बचना चाहिए? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Chandni Jain, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।
30 के बाद एंटी एजिंग स्किन केयर रूटीन क्यों अपनाएं?
30 के बाद नई त्वचा कोशिकाएं बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, त्वचा में नमी की कमी हो सकती है, कोलेजन की कमी से त्वचा का कसाव घटने लगता है इसलिए एंटी एजिंग स्किन केयर रूटीन जरूरी हाे जाता है। जिस तरह 30 के बाद फिटनेस, करियर, परिवार की अहमियत बढ़ जाती है, ठीक उसी तरह अपनी त्वचा की जरूरतों को भी समझें। इस दौरान स्किन केयर रूटीन जरूरी होता है ताकि एजिंग साइन्स की रफ्तार को धीमा किया जा सके साथ ही एजिंग साइन्स से बचा जा सके।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2022 में Exploratory Research And Hypothesis In Medicine नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, त्वचा में इलास्टिन कम होने लगता है और त्वचा का लचीलापन घट जाता है। त्वचा को फास्ट एजिंग से बचाने के लिए प्राइमरी और सेकेंडरी प्रवेंशन के बारे में बताया गया है। स्टडी के मुताबिक, पहले त्वचा को बूढ़ा होने से बचाना है और उसके बाद पहले से मौजूद लक्षण को सुधारने पर फोकस करना चाहिए।
30 की उम्र के बाद कौन सी स्किन प्रॉब्लम्स होती हैं?
काले घेरे
30 की उम्र के बाद आंखों के नीचे काले घेरे नजर आ सकते हैं। आंखों के नीचे की त्वचा काली पड़ सकती है या सूजन आ सकती है।
झुर्रियां
30 के बाद कुछ लोगों में झुर्रियां नजर आने लगती हैं। ये त्वचा पर बनने वाली रेखाएं और सिलवटें होती हैं जो आमतौर पर आंखें, मुंह और माथे के पास दिखती हैं।
दाग धब्बे
30 की उम्र के बाद त्वचा पर दाग-धब्बे नजर आ सकते हैं। धूप के संपर्क में आने के कारण चेहरे, हाथ, कंधों पर अक्सर ये नजर आते हैं। वैसे तो ये 45 की उम्र के बाद नजर आते हैं, लेकिन धूप में रहने से या स्किन केयर रूटीन फॉलो न करने से ये 30 की उम्र में भी नजर आ सकते हैं।
पिग्मेंटेशन
30 की उम्र में हार्मोनल बदलाव, प्रदूषण के संपर्क में आना, हेल्दी डाइट न लेने के कारण शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम होने लगता है जिससे पिग्मेंटेशन हो सकता है। इससे बचने के लिए एक्सपर्ट्स सनस्क्रीन का इस्तेमाल, धूप से बचाव और स्किन केयर रूटीन फॉलो करने की सलाह देते हैं।
30 के बाद एंटी एजिंग स्किन केयर रूटीन की शुरुआत कैसे करें?
- 30 के बाद एंटी एजिंग स्किन केयर रूटीन की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो जेंटल क्लींजर और ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
- जब क्लींजर और सनस्क्रीन की आदत हो जाए, तो इसके बाद सुबह के समय विटामिन सी युक्त सीरम लगाएं।
- रात को सौम्य रेटिनॉइड या पपेप्टाइड युक्त सीरम का इस्तेमाल करें।
30 के बाद त्वचा का ख्याल कैसे रखें?

1. हयालूरोनिक एसिड और ग्लिसरीन को प्राथमिकता दें
30 के बाद अक्सर लोगों को ड्राई स्किन की शिकायत होती है जिससे बचने के लिए माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें और ऐसा मॉइश्चराइजर चुनें जिसमें हयालूरोनिक एसिड और ग्लिसरीन हो ताकि स्किन को हाइड्रेशन मिल सके।
2. डाइट और स्किन में एंटीऑक्सीडेंट्स को शामिल करें
पर्यावरण के डैमेज जैसे प्रदूषण से बचने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स का इस्तेमाल जरूरी है। विटामिन सी एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट है। इसे डाइट और स्किन केयर दोनों में शामिल करें। विटामिन सी त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है।
3. ग्लाइकोलिक, सैलिसिलिक और लैक्टिक एसिड
30 के बाद त्वचा को ग्लाइकोलिक, सैलिसिलिक और लैक्टिक एसिड की जरूरत होती है। ग्लाइकोलिक एसिड फाइन लाइन्स और एक्ने को कम करने में मदद करता है, सैलिसिलिक एसिड त्वचा के बंद पोर्स को गहराई से साफ करता है और लैक्टिक एसिड त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देता है।
4. रेटिनॉइड्स
रेटिनॉल के इस्तेमाल से कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है और झुर्रियां कम होती हैं। 30 के बाद कम मात्रा में रेटिनॉइड युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल शुरू करें। कुछ समय इस्तेमाल करके चेक करें कि कहीं त्वचा में कोई बुरे बदलाव तो नहीं आ रहे हैं, ऐसा होने पर इस्तेमाल रोक दें। हालांकि, सीमित मात्रा में इस्तेमाल सुरक्षित होता है और इससे त्वचा को हेल्दी रखने में मदद मिलती है।
30 के बाद न करें स्किन केयर से जुड़ी ये गलतियां
- बहुत ज्यादा हार्श प्रोडक्ट्स जैसे केमिकल पील्स या अधिक मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें, इससे स्किन में इरिटेशन हो सकता है।
- जरूरत से ज्यादा स्किन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से भी त्वचा में ब्रेकआउट्स हो सकते हैं।
- सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करने से त्वचा को यूवी रेज से नुकसान पहुंचता है जो समय के साथ बढ़ सकता है।
- तंबाकू या अल्कोहल का सेवन करने से स्किन सेल्स डैमेज होते हैं और कोलेजन का उत्पादन घटने लगता है।
- प्रदूषक कारकों के अधिक संपर्क में आने के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और त्वचा में एजिंग साइन्स समय से पहले ही नजर आने लगते हैं।
- लंबे समय तक हाई शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने के कारण त्वचा में सूजन बढ़ सकती है और नींद की कमी से त्वचा डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष:
30 की उम्र के बाद काले घेरे, फाइन लाइन्स, रिंकल्स, पिग्मेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इससे बचने के लिए हयालूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, ग्लाइकोलिक, सैलिसिलिक और लैक्टिक एसिड, रेटिनॉइड्स वगैरह को शामिल करें। जरूरत से ज्यादा स्किन केयर प्राेडक्ट्स पर फोकस करने के बजाय हेल्दी स्किन केयर रूटीन को प्राथमिकता दें।
FAQ
एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने की सही उम्र क्या है?
25 के बाद एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सीमित मात्रा में कर सकते हैं। इससे कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।किन इंग्रीडिएंट्स को देखकर एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स को चुनें?
एंटी एजिंग उत्पादों में एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन ए, सी, रेटिनॉइड्स, पेप्टाइड्स, हयालूरोनिक एसिड वगैरह को शामिल कर सकते हैं।
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Current Version
Jul 10, 2026 16:57 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jul 10, 2026 16:57 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta