Fri Oct 9, 2026 | 01:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

क्या हर शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें

शैंपू के बाद कई कुछ लोगों के बाल उलझ जाते हैं और कंघी करने पर टूटने लगते हैं। ऐसे में कंडीशनर लगाने से बाल सॉफ्ट हो जाते हैं और उलझते नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि क्या हर बार शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी है?
क्या हर शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी है? एक्सपर्ट से जानेंक्या हर शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें

शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना कुछ लोगों के लिए हेयर केयर रूटीन का हिस्सा होता है पर इसका नुकसान हो सकता है क्योंकि हर प्रकार के बालों के लिए यह तरीका सही नहीं है। दरअसल, शैंपू के बाद कंडीशर करने से ऑयली स्कैल्प वाले लोगों को डैंड्रफ की दिक्कत हो सकती है तो कुछ लोगों के बाल अजीब चिपचिपे नजर आ सकते है। ऐसे में सवाल आता है कि क्या हर बार शैंपू के बाद बालों में कंडीशनर लगाना जरूरी है? जानते हैं इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bangalore से।

क्या हर शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना जरूरी है?

Dr. Shireen Furtado कहती हैं कि शैम्पू और कंडीशनर के काम अलग-अलग होते हैं, इसलिए आपको कंडीशनर की जरूरत है या नहीं, यह मुख्य रूप से आपके बालों के प्रकार और उनकी हालत पर निर्भर करता है। इस स्थिति में समझने वाली बात यह कि शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प और बालों से अतिरिक्त तेल, पसीना, गंदगी और जमा हुए प्रोडक्ट्स को हटाकर उन्हें साफ करना है। हालांकि, बार-बार शैम्पू करने से कुछ ऐसे प्राकृतिक तेल भी निकल सकते हैं जो बालों को मुलायम और आसानी से संभालने लायक बनाए रखते हैं।

ऐसे में कंडीशनर बालों की सतह पर एक परत बनाकर, घर्षण कम करके और बालों को आसानी से कंघी करने लायक बनाकर उनके अहसास और दिखावट को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए, यह रूखे, खुरदरे, घुंघराले, रंगीन या केमिकल से ट्रीट किए गए बालों वाले लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हर प्रकार के बालों के लिए नहीं।

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ज्यादातर लोगों नहीं पता होता कंडीशनर का सही इस्तेमाल

Dr. Shireen कहती हैं कि ज्यादातर लोगों के लिए, शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाना बालों की देखभाल के रूटीन का एक फायदेमंद हिस्सा है, लेकिन ज्यादातर लोग इसके सही इस्तेमाल के बारे में नहीं जानते। जबकि, सही तरीका यह है कि शैम्पू से बाल धोने के बाद, कंडीशनर को सीधे स्कैल्प पर लगाने के बजाय बालों की लंबाई के बीच वाले हिस्से और सिरों पर लगाना चाहिए। इसे प्रोडक्ट पर बताए गए समय तक लगा रहने दें और अच्छी तरह धो लें।

क्या ऑयली बाल वाले लोगों को भी है कंडीशनर की जरूरत?

डॉ. शिरीन फर्टाडो कहती हैं कि ऑयली या बहुत पतले बालों वाले लोगों को शायद कम कंडीशनर की जरूरत हो और वह हल्के फॉर्मूले वाला कंडीशनर पसंद कर सकते हैं। दरअसल, ज्यादा कंडीशनर लगाने से स्कैल्प और ऑयली हो जाता है जिससे डैंड्रफ की समस्या हो सकती है या स्कैल्प इंफेक्शन हो सकता है।

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रूखे और घुंघराले बाल वाले लोगों के लिए कितना फायदेमंद है कंडीशनर?

रूखे या घुंघराले बालों वाले लोगों को ज्यादा असरदार यानी रिचर कंडीशनर से फायदा हो सकता है। इसे कितनी बार इस्तेमाल करना है, यह भी अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोग हर बार शैम्पू करने के बाद कंडीशनर लगा सकते हैं, जबकि दूसरों को बालों के टेक्सचर और स्कैल्प के आधार पर इसकी कम जरूरत हो सकती है।

कंडीशनर लगाने के बाद बालों को कंघी करना क्यों आसान हो जाता है?

Polymers रिसर्च जर्नल में प्रकाशित यह स्टडी बताती हैं कि कंडीशनर पॉजिटिव चार्ज वाले होते हैं जो खराब बालों के नेगेटिव चार्ज को न्यूट्रलाइज करके फ्रिज (Frizz) कम करते हैं। इसलिए कंडीशनर लगाने के बाद लोगों को कंघी करना आसान हो जाता है। इसके अलावा फिल्म-फॉर्मिंग कंडीशनर, सिलिकॉन या तेल जैसे पॉलीमर बालों की सतह पर एक पतली परत बनाते हैं जो क्यूटिकल के गैप को भरकर चमक लाते हैं तो कुछ लोग प्रोटीन-आधारित कंडीशनर लगाते हैं जो छोटे पेप्टाइड्स और अमीनो एसिड बालों के अंदर जाकर अस्थायी रूप से प्रोटीन की कमी को पूरा करते हैं और बालों को मजबूती प्रदान करते हैं।

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निष्कर्ष:

हालांकि, कंडीशनर स्कैल्प या बालों की हर समस्या का इलाज नहीं है। अगर किसी को लगातार डैंड्रफ, बहुत ज्यादा बाल झड़ने, स्कैल्प में खुजली, लालिमा या दूसरे लक्षण हैं, तो सिर्फ कंडीशनर बदलने से असल समस्या ठीक नहीं हो सकती। यह भी याद रखना जरूरी है कि कंडीशनर हमेशा के लिए खराब हो चुके बालों को उस तरह ठीक नहीं कर सकता जैसे जीवित ऊतक (living tissue) ठीक होते हैं।

यह मुख्य रूप से बालों को संभालने में आसानी देता है और रगड़ व रूखेपन के असर को कम करता है। अपने बालों के प्रकार के हिसाब से प्रोडक्ट चुनना, ज्यादा गर्मी और तेज केमिकल वाले ट्रीटमेंट से बचना, और गीले बालों को धीरे-धीरे संभालना - ये सभी चीजें बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। इसलिए, भले ही कंडीशनर हर किसी के लिए मेडिकल तौर पर जरूरी न हो, लेकिन शैम्पू करने के बाद कई लोगों के लिए यह एक फायदेमंद कदम है।

FAQ

  • बिना केमिकल वाला शैंपू कौन सा होता है?

    बिना केमिकल वाला शैंपू यानी आपको ब्राह्मी आंवला शिकाकाई का इस्तेमाल करना चाहिए जो कि स्कैल्प को साफ करने के साथ बालों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मददगार है।
  • आंवला रीठा शिकाकाई हफ्ते में कितनी बार लगाना चाहिए?

    आंवला रीठा शिकाकाई हफ्ते में आपको 2 बार इस्तेमाल करना चाहिए। इससे बालों की रंगत सही रहती है और बालों की ग्रोथ भी अच्छी होती है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 12:21 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado