Fri Oct 16, 2026 | 10:31 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

क्या लीव-इन कंडीशनर लगाने से वाकई बाल झड़ने लगते हैं? एक्‍सपर्ट से जानें

लीव-इन कंडीशनर बालों पर लगाया जाने वाला ऐसा हेयर केयर प्रोडक्ट है, जिसे लगाने के बाद पानी से धोने की जरूरत नहीं होती। यह बालों को इंस्‍टेंट मुलायम बना देता है, लेक‍िन इससे हेयर फॉल का खतरा हो सकता है। जानें इसमें क‍ितनी सच्‍चाई है?
क्या लीव-इन कंडीशनर लगाने से वाकई बाल झड़ने लगते हैं? एक्‍सपर्ट से जानेंक्या लीव-इन कंडीशनर लगाने से वाकई बाल झड़ने लगते हैं? एक्‍सपर्ट से जानें

Does Leave In Conditioner Cause Hair Fall: आमतौर पर, सही तरीके से इस्तेमाल किया गया लीव-इन कंडीशनर सीधे तौर पर बालों की जड़ों को कमजोर करके बाल झड़ने का कारण नहीं बनता। इसका मुख्य काम बालों को मुलायम बनाना और बालों की उलझन को कम करना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर लीव-इन कंडीशनर हर व्यक्ति के लिए सही होता है। किसी उत्पाद में मौजूद सुगंध, प्रिजर्वेटिव या अन्य सामग्री से कुछ लोगों को सिर की त्वचा पर जलन, खुजली या एलर्जी हो सकती है। साथ ही, कुछ लोगों को हेयर फॉल भी हो सकता है। आइए जानते हैं लीव-इन कंडीशनर कैसे काम करता है और इसे इस्‍तेमाल करने से पहले क‍िन बातों का ध्‍यान रखें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain Gupta, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

American Academy Of Dermatology के मुताब‍िक, लीव-इन कंडीशनर को कुछ समय बाद शैंपू और पानी से को धोकर बालों और स्‍कैल्‍प से हटा देना चाह‍िए। इस उत्पाद को बालों में लगाकर छोड़ना सुरक्षित है, लेकिन इसकी भी एक सीमा है। हफ्ते भर से ज्‍यादा कंडीशनर बालों पर लगातार लगाकर न रखें। बालों को चिपचिपा होने से बचाने के लिए लीव-इन कंडीशनर की उतनी ही मात्रा में इस्तेमाल करें, जितनी बालों को मुलायम बनाने और सुलझाने के लिए जरूरी हो।

लीव-इन कंडीशनर कैसे काम करता है?

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  • जब बालों को धोने का समय न हो, तो लोग लीव-इन कंडीशनर का इस्‍तेमाल करते हैं। यह बालों पर ठीक वैसे ही काम करता है जैसे त्‍वचा पर क्रीम। यह बालों को मुलायम बनाता है।
  • इसे लगाने से कंघी करना आसान हो जाता है और उलझे बाल टूटने की आशंका कम हो जाती है। यह फ्रि‍जी बालों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
  • कुछ लीव-इन कंडीशनर में हीट प्रोटेक्टेंट होते हैं, जो ब्लो-ड्रायर या अन्य हीट स्टाइलिंग उपकरणों से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं।

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लीव-इन कंडीशनर के इस्‍तेमाल में होने वाली आम गलतियां

  • लीव-इन कंडीशनर का सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। गलत मात्रा या गलत तरीके से लगाने पर बाल चिपचिपे, भारी या बेजान दिख सकते हैं।
  • कंडीशनर खरीदने से पहले लेबल पढ़ें। प्रोडक्ट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही इस्तेमाल करें। हर उत्पाद को गीले बालों पर लगाना जरूरी नहीं होता।
  • सही जगह लगाएं। सामान्य तौर पर इसे बालों की मध्य लंबाई से सिरों तक लगाना बेहतर होता है। स्कैल्प पर तभी लगाएं, जब उत्पाद विशेष रूप से इसके लिए बनाया गया हो।
  • जरूरत से ज्यादा कंडीशनर लगाने से बाल भारी हो सकते हैं। बालों की लंबाई और डेंस‍िटी के अनुसार मात्रा तय करें।
  • अन्य हेयर प्रोडक्ट के साथ सावधानी रखें। सीरम, हेयर ऑयल और स्टाइलिंग क्रीम एक साथ अधिक मात्रा में लगाने से बालों पर बिल्डअप हो सकता है।
  • स्ट्रेटनर या कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल करने पर केवल ऐसे उत्पाद पर भरोसा करें जो उस तरह की हीट से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया हो। पूरी जानकारी देखे बगैर प्रोडक्‍ट नहीं खरीदना चाह‍िए।
  • बिना पैच टेस्ट के लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल करने से बचना चाह‍िए। खासकर, सेंस‍िट‍िव स्‍क‍िन वाले लोगों को प्रोडक्ट का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। जलन, खुजली या रेडनेस होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

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कंडीशन के अलावा हेयर फॉल के पीछे ये कारण भी हो सकते हैं

बाल झड़ने के पीछे आयरन की कमी, थायराइड से जुड़ी समस्या, हार्मोन में बदलाव, तनाव, बीमारी या कुछ दवाओं का सेवन जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल हेयर केयर उत्पाद बदलना हर स्थिति में काफी नहीं होता। डॉक्टर लक्षणों और जरूरत के अनुसार जांच की सलाह दे सकते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर लीव-इन कंडीशनर लगाने के बाद सिर में लगातार खुजली, जलन, रेडनेस या चकत्ते दिखाई दें, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। अगर बाल लगातार ज्यादा झड़ रहे हों, सिर पर खाली पैच बन रहे हों या बाल तेजी से पतले हो रहे हों, तो डॉक्‍टर से जांच कराएं।

न‍िष्‍कर्ष:

लीव-इन कंडीशनर को बालों को इंस्‍टेंट मुलायम बनाने के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। इसमें बालों को धोने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे बालों पर लगाकर छोड़ा जा सकता है। लीव-इन कंडीशन सीधे तौर पर हेयर फॉल का कारण नहीं बनता, लेक‍िन अगर आप रोजाना इसका इस्‍तेमाल करेंगे, तो स्‍कैल्‍प पर ब‍िल्‍डअप जमा होने लगेगा ज‍िससे आगे चलकर डैंड्रफ और हेयर फॉल का खतरा बढ़ सकता है। सभी लीव-इन कंडीशनर को गीले बालों पर नहीं लगाया जाता है इसल‍िए प्रोडक्‍ट को अप्‍लाई करने से पहले प्रोडक्‍ट पर ल‍िखे न‍िर्देष पढ़ना न भूलें। अगर आप लीव-इन कंडीशनर को इस्‍तेमाल कर रहे हैं और हेयर फाॅल हो रहा है, तो जरूरी नहीं है क‍ि यह केवल कंडीशनर के कारण हो रहा हो। हेयर फॉल के पीछे आयरन की कमी, थायराइड से जुड़ी समस्या, हार्मोन में बदलाव, तनाव, बीमारी या कुछ दवाओं का सेवन भी हो सकता है। अगर ज्‍यादा बाल झड़ रहे हों, स्‍कैल्‍प में रेडनेस, जलन या सूजन हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

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FAQ

  • क्या लीव-इन कंडीशनर रोज लगा सकते हैं?

    डॉक्‍टर लीव-इन कंडीशनर को रोज लगाने की सलाह नहीं देते क्‍योंक‍ि ये केम‍िकल बेस्‍ड प्रोडक्‍ट है और लंबे समय तक इस्‍तेमाल करने से साइड इफेक्‍ट्स देखने को म‍िल सकते हैं।
  • क्या लीव-इन कंडीशनर से डैंड्रफ हो सकता है?

    लीव-इन कंडीशनर सीधे तौर पर डैंड्रफ पैदा नहीं करता, लेक‍िन अगर इसे रोज लगाएंगे, तो स्‍कैल्‍प पर ब‍िल्‍डअप जमा हो सकता है ज‍िससे डैंड्रफ की संभावना बढ़ सकती है।

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  • Current Version

    Oct 16, 2026 21:21 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta