व्रत के दौरान कई लोगों को कमजोरी, थकान और चक्कर आने की समस्या होने लगती है। खासकर जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़ा होता है, तो उसे आंखों के सामने अंधेरा छाने, सिर घूमने या शरीर लड़खड़ाने जैसा महसूस हो सकता है। अक्सर लोग इसे भूखे रहने का सामान्य असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, इसके पीछे शरीर में पानी की कमी, ब्लड प्रेशर का अचानक गिरना या ब्लड शुगर का कम होना जैसे कारण हो सकते हैं। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, व्रत के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों को समझना और लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं कि व्रत में खड़े होते ही चक्कर क्यों आते हैं और किन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
व्रत में खड़े होते ही चक्कर क्यों आते हैं?
प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, खड़े होने पर शरीर को ब्लड प्रेशर नॉर्मल बनाए रखने के लिए तुरंत रिएक्ट करना पड़ता है और अगर इस प्रोसेस में परेशानी होती है, तो कुछ समय के लिए दिमाग तक ब्लड का फ्लो कम हो सकता है और चक्कर आने लगते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहना, शरीर में पानी की कमी और ब्लड शुगर कम होना भी इसकी वजह बन सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के दौरान आने वाले चक्करों को सिर्फ भूख या थकान का असर समझकर नजरअंदाज न किया जाए।
1. ब्लड प्रेशर अचानक कम होना
प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज बताते हैं कि व्रत के दौरान खड़े होते ही चक्कर आने की एक संभावित वजह ब्लड प्रेशर का अचानक कम होना है। व्रत के दौरान पर्याप्त पानी न पीना या कम भोजन करना इस समस्या को बढ़ा सकता है।
2. शरीर में पानी की कमी होना
व्रत में लंबे समय तक पानी न पीने या कम मात्रा में लिक्विड लेने से डिहाइड्रेशन हो सकता है। शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड की मात्रा प्रभावित हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर कम होने और चक्कर आने की आशंका बढ़ जाती है। इसके साथ मुंह सूखना, पेशाब कम आना, थकान और सिरदर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए व्रत रखने वाले लोगों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए।
dizziness when standing in fasting
3. ब्लड शुगर कम होना
लंबे समय तक कुछ न खाने से कुछ लोगों में ब्लड शुगर कम हो सकती है। यह जोखिम खासकर डायबिटीज के मरीजों में ज्यादा हो सकता है, खासतौर से अगर वे इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली कुछ दवाएं लेते हैं। ब्लड शुगर कम होने पर चक्कर, पसीना आना, कंपकंपी, तेज भूख, घबराहट और कमजोरी महसूस हो सकती है। गंभीर स्थिति में कंफ्यूजन या बेहोशी भी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना व्रत नहीं रखना चाहिए और दवाओं में खुद से बदलाव नहीं करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: Navratri 2026: कुट्टू आटा या सिंघाड़ा आटा कौन सा बेहतर है? जानें व्रत में किसका करें चुनाव
4. व्रत में कम खाना और पोषण की कमी
व्रत के दौरान कुछ लोग केवल फल या हल्का भोजन खाते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिल पाती। लंबे समय तक भोजन न करना और शरीर की जरूरत से कम कैलोरी लेना थकान, कमजोरी और चक्कर आने का कारण बन सकता है। इसलिए व्रत में भी व्रत वाला बैलेंस भोजन करना जरूरी है। फल के साथ दूध, दही, पनीर या अन्य व्रत में खाई जाने वाली चीजें शामिल की जा सकती हैं। हालांकि, बार-बार चक्कर आने पर केवल खान-पान को जिम्मेदार मानने के बजाय दूसरी संभावित वजहों की जांच भी करानी चाहिए।
व्रत में चक्कर आए तो तुरंत क्या करें?
प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि अगर खड़े होते ही चक्कर आने लगे, तो तुरंत बैठ जाएं या सुरक्षित जगह पर लेट जाएं, ताकि गिरने और चोट लगने का खतरा कम हो। चक्कर आने के दौरान अचानक चलने, सीढ़ियां चढ़ने से बचें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर भोजन या जरूरी लिक्विड लेना हेल्थ के लिए जरूरी हो सकता है। यदि लक्षण बार-बार होते हैं, तो डॉक्टर से चेकअप कराएं।
साल 2018 में Journal of the American Society of Hypertension में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग से ऑफिस में ली जाने वाली ब्लड प्रेशर रीडिंग और 24-घंटे के एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर (ABPM) में कमी देखी गई, हालांकि घर पर और सेंट्रल ब्लड प्रेशर में कोई खास बदलाव नहीं आया। इस स्टडी में यह भी पाया गया कि इलाज के दौरान ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो सुबह सूर्योदय से पहले उठकर खाते हैं। इसके विपरीत, ज्यादा बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वाले मरीजों में ब्लड प्रेशर का उतार-चढ़ाव कम दर्ज किया गया।
इसे भी पढ़ें: किन बीमारियों में भूलकर भी न रखें व्रत? जान लें सेहत को कैसे हो सकता है नुकसान
डॉक्टर से कब सलाह लें?
प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, अगर चक्कर बार-बार आ रहे हैं, लंबे समय तक बने रहते हैं या उनके साथ तेज कमजोरी, धड़कन बढ़ना अथवा बेहोशी जैसी समस्या होती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक बोलने में दिक्कत, शरीर के एक तरफ कमजोरी या तेज सिरदर्द होने पर तुरंत इमरजेंसी हेल्प लें। ऐसे लक्षणों को केवल व्रत या भूख का असर समझना खतरनाक हो सकता है।
निष्कर्ष
व्रत के दौरान खड़े होते ही चक्कर आने के पीछे ब्लड प्रेशर कम होना, डिहाइड्रेशन, ब्लड शुगर कम होना या पर्याप्त भोजन न करना जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए व्रत के दौरान शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और अपनी सेहत के अनुसार खान-पान तथा पानी का ध्यान रखें। अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। व्रत से ज्यादा जरूरी आपकी सेहत है, इसलिए जरूरत पड़ने पर व्रत खोलने में संकोच न करें।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या नींद पूरी न होने से चक्कर आते हैं?
नींद की कमी से थकान, सिरदर्द और फोकस में परेशानी हो सकती है। अगर इसके साथ कम भोजन या पानी की कमी भी हो, तो समस्या और बढ़ सकती है।क्या चक्कर आने पर तुरंत मीठा खाना चाहिए?
मीठा खाना तभी फायदेमंद हो सकता है जब चक्कर का कारण ब्लड शुगर कम होना हो। अगर बेहोशी, कंफ्यूजन या निगलने में परेशानी हो, तो तुरंत आपातकालीन सहायता लें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 15, 2026 15:53 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Prof Dr S M Fayaz
