कई बार आपने नोटिस किया होगा कि गुप्तांग में किसी तरह के रैशेज नहीं है, फिर भी इचिंग हो रही है। कई बार खुजली इतनी तेज होती है कि व्यक्ति खुद को खुजलाने से रोक नहीं पाता है। ऐसे में प्रभावित हिस्से में जलन और अन्य समस्याएं होने लगती है। यहां तक कि पेशाब करने में भी दिक्कतें हो जाती हैं। सवाल है, बिना रैशेज के प्राइवेट पार्ट में खुजली क्यों होती है?
इस बारे में नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले का कहना है, "जरूरी नहीं है कि इंटिमेट एरिया में तभी खुजली हो, जब वहां रैशेज हों। कई बार हार्मोनल समस्या, वजाइनल ड्राईनेस, संक्रमण आदि कारणों से भी इंटिमेट एरिया में इचिंग हो सकती है। यहां तक कि क्राॅनिक स्किन कंडीशन और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस भी गुप्तांग में खुजली का कारण बन सकती है।" डॉ. विजय दहिफले आगे बताते हैं, "अगर किसी को लंबे समय से इंटिमेट एरिया में इचिंग हो रही है, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके उलट, समय पर अपना इलाज शुरू करवाना चाहिए।"
बिना रैश के प्राइवेट पार्ट में खुजली होने के कारण
What Causes Intimate Area Itching Without A Rash
पुरुष और महिला दोनों को प्राइवेट पार्ट में खुजली की समस्या हो सकती है। इसके कुछ सामान्य कारणों की बात करें, तो इसमें-
- कांटैक्ट डर्मेटाइटिसः जब कोई व्यक्ति किसी इरिटेंट जैसे डिटर्जेंट, फैब्रिक सॉफ्टनर, खुशबूदार साबुन, बॉडी वॉश आदि का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करता है, तो इसकी वजह से इंटिमेट एरिया की नाजुक त्वचा पर लाल चकत्ते नजर आने लगते हैं। ऐसे में इचिंग हो सकती है। Indian Journal of Sexually Transmitted Diseases and AIDS में प्रकाशित समीक्षा पत्र के अनुसार, जननांगों में होने वाली खुजली का एक बड़ा कारण कांटेक्ट एलर्जी (Allergic Contact Dermatitis) भी होती है।
- यीस्ट इंफेक्शनः आमतौर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं को यीस्ट इंफेक्शन अधिक होता है। ऐसे में उनका व्हाइट डिस्चार्ज का रंग भी बदल जाता है और उसकी गंध भी बदल जाती है। नतीजतन, खुजली, रूखापन या जलन महसूस हो सकती है। ऐसा पुरुषों के साथ भी हो सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, पुरुषों में भी यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है, जो उनके गुप्तांग में खुजली आदि का कारण बन सकती है।
- यौन संचारित संक्रमणः ट्रिकोमोनियासिस, क्लैमाइडिया या गोनोरिया जैसे इंफेक्शन से स्किन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। त्वचा में लाल चकत्ते नजर आ सकते हैं, जिससे खुजली और जलन पैदा हो सकती है। इस तरह की समस्या पुरुष और महिला दोनों में होती है।
- प्यूबिक जुएं या खाज-खुजलीः CDC के अनुसार, गुप्तांग में खुजली होने की यह भी एक सामान्य वजह है। इस तरह की समस्या पुरुष और महिला दोनों में हो सकती है। ध्यान रखें कि प्यूबिक हेयर में जुएं तब बढ़ती हैं, जब आप उसकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसे में न सिर्फ खुजली बढ़ जाती है, बल्कि कई अन्य समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं।
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महिलाओं को प्रभावित करने वाले कारक
सामान्यतः महिलाओं को इंटिमेट एरिया में इचिंग की समस्या अधिक होती है। इसका जिक्र हमने पहले भी किया है। दरअसल, इसके पीछे कुछ कारण जिम्मेदार हैं, जैसे-
- मेनोपॉज: यह वह स्थिति है जब महिला को पीरियड्स आना पूरी तरह बंद हो जाती हैं। ऐसे में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, जिससे योनि की अंदरूनी त्वचा की परत पतली हो जाती है, प्राकृतिक नमी कम हो जाती है और ड्राईनेस बढ़ जाती है। ऐसे में लगातार खुजली या ड्राईनेस बनी रहती है। American Journal of Clinical Dermatology के अनुसार, महिलाओं में जननांगों/वुलवा में होने वाली खुजली केवल फंगल या यीस्ट इंफेक्शन के कारण नहीं बल्कि हार्मोनल बदलाव जैसे मेनोपॉज से भी हो सकती है।
- बैक्टीरियल वेजिनोसिसः योनि में खुजली या रैशेज न हो, इसके लिए वहां का पीएच संतुलन भी सही होना चाहिए। बैक्टीरियल वेजिनोसिस ऐसी समस्या है, जिससे योनि के सामान्य बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। नतीजतन, इचिंग और जलन जैसी समस्या हो जाती है।
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क्या बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम लगाना सुरक्षित है?
इंटिमेट एरिया में इचिंग या रैशेज होने जैसी स्थिति को कभी भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि, ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो इचिंग या रैशेज होने पर खुद ही अपने इंटिमेट एरिया में क्रीम लगा लेते हैं। इस पर डॉ. विजय दहिफले का कहना है, "इंटिमेट एरिया में खुजली होने पर खुद से क्रीम लगाना सही नहीं है। सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि आपको इचिंग क्यों हो रही है? उसका कारण जानने के बाद ही सही ट्रीटमेंट लिया जा सकता है।"
खुजली के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतें?
What Causes Intimate Area Itching But No Rash
अगर इंटिमेट एरिया में खुजली हो रही है, तो इसे इग्नोर न करें और कुछ विशेष सावधानियों पर गौर करें, जैसे-
- प्रभावित हिस्से को सादे पानी से धोएं। किसी तरह का खुशबूदार प्रोडक्ट यूज न करें।
- बार-बार खुजली करने से बचें। इससे इंटिमेट एरिया में घाव हो सकता है और पेशाब के दौरान जलन की समस्या बढ़ सकती है।
- अगर इचिंग बहुत ज्यादा हो, तो कुछ समय के लिए ठंडी सिकाई करें। इससे आराम मिलेगा। लेकिन कोई क्रीम या अन्य चीजें खुद से न लगाएं।
- इन दिनों अच्छी क्वालिटी के इनरवियर ही पहनें। ऐसे फैब्रिक का उपयोग न करें, जो नमी को सोख न सके।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिएः चेतावनी के संकेत
इंटिमेट एरिया में इचिंग हो रही है और दिनों दिन परेशानी बढ़ती जा रही है, तो इसे इग्नोर न करें। यहां बताए गए लक्षणों पर गौर करें और तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं-
- असामान्य डिस्चार्जः अगर इंटिमेट एरिया से गाढ़ा, पीला या ग्रे रंग का डिस्चार्ज आ रहा है, तो यह सही संकेत नहीं है।
- दर्द और जलनः इंटिमेट एरिया में खुजली के साथ-साथ जलन और दर्द भी हो, तो यह भी चिंता का विषय है।
- त्वचा में बदलावः आप यह भी देखें कि क्या इंटिमेट एरिया में खुजली होने के साथ-साथ वहां दाने, अल्सर, रेडनेस आदि समस्या भी बढ़ गई है? अगर हां, तो तुरंत प्रोफेशनल से संपर्क करें।
- अन्य संकेतः अगर इंटिमेट एरिया में खुजली के साथ-साथ बुखार, कंपकंपी और अन्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं, तो ऐसी स्थिति में भी डाॅक्टर के पास जाना जरूर होता है।
गलत क्रीम के इस्तेमाल से होने वाले जोखिम
अगर आप बिना डाॅक्टर की सलाह के इंटिमेट एरिया में खुद से गलत क्रीम का उपयोग कर बैठते हैं, तो इससे आपको काफी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसे-
- जलन और खुजली का बढ़ना।
- अतिरिक्त क्रीम लगाने से स्किन का पतला होना।
- इंफेक्शन का जोखिम बढ़ना।
- सूजन और रेडनेस का बढ़ना।
- हाइपोपिग्मेंटेशन की समस्या होना।
निष्कर्ष
इंटिमेट एरिया में इचिंग को हल्के में लेना सही नहीं है। ऐसा महिलाओं और पुरुष दोनों के साथ हो सकता है। कई लोग समस्या होने पर खुद से ही उसका इलाज करने लगते हैं। यह तरीका सही नहीं है। कोई गलत क्रीम लगाने से इंटिमेट एरिया में इचिंग, रैशेज आदि समस्याएं बढ़ सकती हैं। यहां तक कि इंफेक्शन का खतरा भी हो सकता है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप समय पर डाॅक्टर के पास जाएं और जरूरी सावधानियां बरतें।
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FAQ
क्या डाइट और ब्लड शुगर लेवल में बदलाव से भी इंटिमेट एरिया में खुजली हो सकती है?
हाई ब्लड शुगर के कारण शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है और स्किन ड्राईनेस आ जाती है। इसके अलावा, पेशाब में शुगर की मात्रा बढ़ने से प्राइवेट पार्ट के आसपास बैक्टीरिया और यीस्ट का संतुलन प्रभावित होता है।प्राइवेट पार्ट की हाइजीन के लिए इंटिमेट वॉश) का रोज इस्तेमाल करना कितना सेफ है?
केमिकल-युक्त इंटिमेट वॉश का रोजाना इस्तेमाल करने से pH बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे गुड बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। ऐसे में बिना रैश के भी जलन व खुजली की समस्या बढ़ सकती है।
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Oct 15, 2026 15:09 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale
