Sat Oct 17, 2026 | 07:21 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sadhna Singhal Vishnoi , Senior Consultant – Obstetrics and Gynaecology - Cloudnine Hospital, Punjabi Bagh, New Delhi

World Menopause Day: मेनोपॉज के बाद महिलाओं की योनि में सूखापन और जलन क्यों होने लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को योनि में सूखापन और जलन की तकलीफ हो सकती है। इस वजह से उन्हें कई बार तेज खुजली भी हो सकती है। मेनोपॉज के बाद इस समस्या से गुजर रही महिलाएं योनि में सूखेपन और जलन के कारणों को जानना चाहती हैं।
World Menopause Day: मेनोपॉज के बाद महिलाओं की योनि में सूखापन और जलन क्यों होने लगती है? डॉक्टर से जानें कारणWorld Menopause Day: मेनोपॉज के बाद महिलाओं की योनि में सूखापन और जलन क्यों होने लगती है? डॉक्टर से जानें कारण

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन तेजी से कम होने लगता है और इसका असर वजाइनल हेल्थ पर भी पड़ता है। कई महिलाओं को मेनोपॉज के बाद योनि में सूखापन और जलन होने लगती है। प्राइवेट पार्ट में सूखापन और खुजली के चलते सेक्स करते समय असहजता या दर्द भी हो सकता है। अक्सर महिलाएं इसे उम्र बढ़ने का असर मानकर चुपचाप सहती रहती हैं, जबकि इस समस्या में राहत पाने के तरीके मौजूद हैं। World Menopause Day के मौके पर हमने Dr. Sadhna Singhal Vishnoi, Obstetrician and Gynaecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Delhi से जाना कि महिलाओं को योनि में खुजली या जलन क्यों होती है? उन्होंने बताया कि मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर काफी कम हो जाता है। जब इसकी मात्रा घटती है, तो योनि में प्राकृतिक नमी कम होने लगती है। इसी वजह से सूखापन, जलन और दूसरी परेशानियां महसूस हो सकती हैं।

मेनोपॉज के बाद योनि में सूखापन और जलन क्यों होती है?

Dr. Sadhna Singhal Vishnoi कहती हैं, “मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का लेवल कम होने पर योनि की दीवारे पहले के मुकाबले पतली और कम लचीली हो सकती हैं। वहां प्राकृतिक नमी और चिकनाई भी कम हो जाती है। इससे प्राइवेट पार्ट में सूखापन और जलन महसूस हो सकती है। कुछ महिलाओं को बैठने या चलने-फिरने के दौरान भी असहजता होती है, जबकि कुछ को सेक्स करते समय दर्द या हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। इसे मेडिकल भाषा में जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम ऑफ मेनोपॉज (Genitourinary Syndrome of Menopause या GSM) कहा जाता है। पहले इसे वजाइनल एट्रॉफी के नाम से जाना जाता था। यह मेनोपॉज में होने वाली सबसे आम समस्या है, लेकिन महिलाएं शर्म के कारण इस बारे में ज्यादा बात नहीं करती, तो वह इस समस्या से कई सालों तक जूझती रहती है।”

मेनोपॉज होने के बाद योनि में होने वाले लक्षण

Frontier में प्रकाशित लेख के अनुसार, मेनोपॉज के बाद लगभग 27% से 84% महिलाएं GSM के लक्षणों से प्रभावित होती हैं।

  • इस दौरान योनि में सूखापन, जलन, खुजली और स्किन का लचीलापन कम हो जाता है।
  • सेक्स के दौरान महिलाओं को दर्द, प्राकृतिक लुब्रिकेशन कम होने के कारण दर्द की वजह से सेक्स की इच्छा कम हो जाती है।
  • ग्लाइकोजन कम होने के कारण योनि के प्राकृतिक गुड बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, जिससे महिलाओं को इंफेक्शन और सूखापन बढ़ जाता है।

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क्या महिलाओं की योनि में जलन होने का कारण मेनोपॉज ही होता है?

Dr. Sadhna Singhal Vishnoi का कहना है, “ऐसा जरूरी नहीं है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन की कमी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है, लेकिन योनि या बाहरी जननांगों में जलन और खुजली होने के दूसरे कारण भी हैं।”

  • फंगल या अन्य इंफेक्शन का होना।
  • कुछ महिलाओं का सुगंधित साबुन, इंटिमेट वॉश या सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना।
  • स्किन से जुड़ी समस्याएं होना।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का होना।
  • पेशाब करते समय जलन होना पेशाब से जुड़ी इंफेक्शन हो सकती है।

योनि का सूखापन कैसे जांचा जाता है?

Cleveland Clinic के अनुसार, योनि के सूखेपन और जलन की समस्या को जांचने के लिए महिला को उसकी कंडीशन के आधार पर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है।

  • पैप स्मीयर टेस्ट - सर्विक्स के टिश्यू को चेक किया जाता है।
  • यूरिन टेस्ट - UTI या इंफेक्शन का पता लगाया जाता है।
  • अल्ट्रासाउंड - पेल्विक अंगों की अंदरूनी स्थिति को देखा जाता है।
  • वजाइनल pH टेस्ट - योनि के पीएच की जांच की जाती है।
  • वजाइनल इंफेक्शन टेस्ट - यीस्ट या अन्य बैक्टीरिया इंफेक्शन का पता लगाया जाता है।

योनि के सूखेपन और जलन से राहत पाने के तरीके

Dr. Sadhna Singhal Vishnoi ने महिलाओं को सलाह दी है कि मेनोपॉज के बाद योनि में सूखेपन और जलन से राहत पाने के लिए डॉक्टर से मिले। कई महिलाएं खुद ही घरेलू इलाज करती हैं, जिससे उन्हें योनि में कई तरह की गंभीर समस्याएं होने का रिस्क बढ़ जाता है। आमतौर पर योनि में सूखापन या जलन होने पर इसकी सलाह दी जा सकती है।

  • अगर सूखापन हल्का है, तो बिना खुशबू वाले वजाइनल मॉइस्चराइजर का रेगुलर इस्तेमाल किया जा सकता है। सेक्स के दौरान वॉटर या सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट का इस्तेमाल दर्द को कम कर सकता है।
  • लक्षणों के आधार पर कम डोज की वजाइनल एस्ट्रोजन क्रीम या टैबलेट दे सकते हैं।
  • प्राइवेट पार्ट को साफ करते हुए साबुन या इंटिमेट वॉश से बचने की सलाह दी जाती है।

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डॉक्टर की सलाह

Dr. Sadhna Singhal Vishnoi कहती हैं कि एस्ट्रोजन से जुड़ा इलाज हर महिला के लिए सही नहीं होता। अगर किसी महिला को ब्रेस्ट कैंसर या हार्मोन से जुड़ा कोई इलाज करा रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी है। सामान्य तौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं को योनि में सूखेपन या जलन की समस्या होना बहुत आम है। इसलिए ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर समय पर इलाज कराने से महिलाएं गंभीर समस्याओं से बच सकती है।

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FAQ

  • क्या मेनोपॉज के बाद योनि का सूखापन अपने आप समय के साथ ठीक हो सकता है? 

    हॉट फ्लैशेज जैसे लक्षण समय के साथ कम हो सकते हैं, लेकिन योनि का सूखापन उम्र के साथ बढ़ता ही जाता है जब तक कि इसका सही इलाज या मॉइस्चराइजिंग न की जाए। एस्ट्रोजन की कमी बनी रहने के कारण टिश्यूज में प्राकृतिक नमी खुद वापस नहीं आती।
  • क्या विटामिन E का उपयोग योनि के सूखेपन को कम करने के लिए किया जा सकता है?

    विटामिन E एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और मॉइस्चराइजर है। इससे जलन, खुजली और रूखेपन में काफी राहत मिल सकती है, लेकिन इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 17, 2026 17:58 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Sadhna Singhal Vishnoi