Vaginal Changes After Age Of Thirty: बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक हर इंसान के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। जैसे स्किन इलास्टिसिटी कम हो जाती है, त्वचा में झुर्रियां नजर आने लगती हैं और बालों का रंग भी सफेद होने लगता है। क्या आप जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की योनि में कई तरह के बदलाव होते हैं? विशेषकर 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को योनि में खास किस्म के बदलाव नजर आते हैं। ये बदलाव कई तरह के कारकों पर निर्भर करते हैं। आज इस लेख में हम यही जानेंगे कि 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं की योनि में किस तरह के बदलाव होते हैं? इस संबंध में विस्तार से जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।
1. बेबी डिलीवरी के बाद होने वाले बदलाव
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NCBI की रिपोर्ट कहती है कि जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती है, उनकी योनि में बदलाव होते हैं। खैर, ज्यादातर महिलाएं 30 साल की उम्र के आसपास प्रेग्नेंसी और शिशु को जन्म देने की अनुभूति से गुजर चुकी होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंसी और बेबी डिलीवरी का महिलाओं की योनि पर गहरा असर पड़ता है। मसल टोन ढीली हो जाती हैः जी, हां! यह पूरी तरह सच है कि प्रेग्नेंसी और शिशु को जन्म देने के बाद महिलाओं की मसल टोन ढीली हो जाती है। दरअसल, शिशु को जन्म देने के बाद वजाइनल कैनाल काफी खुल जाती है, जिससे पेल्विक मसल्स भी कमजोर हो जाते हैं। यही नहीं, अगर डिलीवरी के दौरान एपिसियोटोमी की गई होती है, तो प्रभावित हिस्से की फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है।
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2. सेक्शुअल एक्टिविटी के कारण होने वाले बदलाव
30 साल की उम्र तक आते-आते अधिकतर महिलाएं सेक्शुअली एक्टिव होती हैं। क्या आप जानते हैं कि सेक्शुअल एक्टिविटी भी महिलाओं की योनि (Vagina) में बदलाव करने के लिए जिम्मेदार हैं? डॉ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, "30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है। ऐसे में उन्हें वजाइनल ड्राइनेस का सामना करना पड़ता है। वहीं, जो महिलाएं सेक्शुअली एक्टिव होती हैं और बर्थ कंट्रोल पिल लेती हैं, उनमें नेचुरल लुब्रिकेशन की भी कमी होती है। ऐसे में योनि (Vagina) की सेंसिटिविटी प्रभावित होती है और लुब्रिकेशन कम होने के कारण उन्हें सेक्शुअल एक्टिविटी में भी दिक्कतें भी आती हैं।
3. पीरियड्स की वजह से होने वाले बदलाव
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, महिलाओं का ब्लीडिंग फ्लो प्रभावित होने लगता है। विशेषकर, 30 साल की उम्र के बाद कई महिलाओं को पेरिमेनोपॉज से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे उनकी योनि (Vagina) का पीएच स्तर प्रभावित होता है। ऐसे में उन्हें बैक्टीरियल इंफेक्शन या यीस्ट इंफेक्शन होने का रिस्क भी बढ़ जाता है। यही नहीं, पीरियड फ्लो कम होने के कारण एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटता है। नतीजतन, वजाइनल डिस्चार्ज में भी कमी आती है।
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30 की उम्र के बाद योनि (Vagina) को हेल्दी कैसे रखें?
महिलाओं को 30 साल की उम्र के बाद अपनी योनि (Vagina) को हेल्दी बनाए रखने के लिए यहां बताए गए टिप्स अपनाने चाहिए, जैसे-
- नियमित रूप से कीगल एक्सरसाइज करें। इससे फ्लोर मसल्स मजबूत होती हैं।
- अगर वजानइल ड्राइनेस की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह पर लुब्रिकेंट्स या मॉइस्चराइजर का यूज कर सकती हैं।
- अगर योनि से संबंधित कोई समस्या हो रही है, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।
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निष्कर्ष
महिलाओं को जन्म के बाद से अपने शरीर में कई तरह के बदलावों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, ये नेचुरल हैं इसलिए खुद को फिट और हेल्दी रखने पर अधिक जोर दें। इससे न सिर्फ आपकी योनि का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि महिलाओं की ओवरऑल हेल्थ पर अच्छा असर पड़ता है। हां, अगर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी है, तो उन्हें प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए।
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FAQ
क्या उम्र बढ़ने के साथ प्राइवेट पार्ट्स का बदलना सामान्य है?
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के जननांग में कई बदलाव होते हैं। इसके पीछे कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन और बढ़ती उम्र जिम्मेदार होते हैं।औरत का शरीर किस उम्र में सबसे ज्यादा बदलता है?
हर व्यक्ति के शरीर में बदलाव होते हैं। महिलाओं के शरीर में करीब 40 साल की उम्र के ज्यादा बदलाव देखने को मिलते हैं। विशेषकर, जब उन्हें मेनोपॉज होता है।हार्मोन बढ़ने से क्या दिक्कत होती है?
हार्मोन का बढ़ना या घटना सही नहीं है। हार्मोन संतुलित होने चाहिए। शरीर में किसी भी हार्मोन के बढ़ने से अधिक थकान, कमजोरी या खुजली जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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Feb 08, 2026 16:47 IST
Modified By : Meera Tagore Feb 08, 2026 16:47 IST
Modified By : Meera TagoreFeb 08, 2026 16:47 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta