Fri Oct 30, 2026 | 07:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

निर्जला व्रत के बाद आपको भी होती है पेशाब में जलन और UTI? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्स

निर्जला व्रत के बाद कई बार महिलाओं को पेशाब में जलन और यूटीआई के लक्षण महसूस होते हैं। ऐसे में कुछ महिलाओं को तो दवा की भी जरूरत पड़ जाती है। इस स्थिति में डॉक्टर से जानते हैं कि ये समस्या क्यों होती है और ऐसा हो तो क्या करें।
निर्जला व्रत के बाद आपको भी होती है पेशाब में जलन और  UTI? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्सनिर्जला व्रत के बाद आपको भी होती है पेशाब में जलन और UTI? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव टिप्स

करवाचौथ के बाद अब अब अहोई अष्टमी आ रही है और इसके बाद छठ पूजा आएगा। इन सभी पूजा में निर्जला व्रत करने का रिवाज रहा है। निर्जला व्रत आसान नहीं होता और इसका आपकी सेहत पर गहरा असर होता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida कहते हैं कि हमारा पूरा शरीर लगभग 60 प्रतिशत पानी से बना होता है। इसकी वजह से होता यह है कि जब आप निर्जला व्रत करते हैं, तो शरीर के कई अंग इससे प्रभावित हो सकते हैं जैसे कि आपका ब्लैडर, किडनी और मूत्र मार्ग तक। इसी वजह से निर्जला व्रत के बाद पेशाब में जलन हो सकती है और यूटीआई की समस्या हो सकती है।

निर्जला व्रत के बाद क्यों होती है पेशाब में जलन?

डॉ. अक्षय चुग कहते हैं कि निर्जला व्रत में पेशाब में जलन की समस्या का सबसे बड़ा कारण है पानी की कमी। दरअलस, पानी की कमी से पेशाब करते समय जलन हो सकती है, क्योंकि शरीर में पानी कम होने से पेशाब में अपशिष्ट पदार्थों, साल्ट्स और यूरिया की मात्रा बढ़ जाती है। इससे मूत्रमार्ग (urethra) और मूत्राशय (bladder) की परतों में जलन पैदा हो सकती है। इसके अलावा यह मूत्राशय की दीवारों और मूत्रमार्ग की परत में सूजन पैदा कर सकता है। इसके अलावा पेशाब में जलन, यूटीआई की वजह से भी हो सकता है।

निर्जला व्रत के बाद क्यों हो सकता है UTI?

निर्जला व्रत के बाद यूटीआई होने के पीछे भी एक ही कारण है और वो है पानी की कमी। डॉ. अक्षय चुग कहते हैं कि दरअसल, पानी की कमी यूरिनरी सिस्टम में बैक्टीरिया को पनपने और अपनी जगह बनाने में मदद करता है। इससे पेशाब में जलन होती है और बार-बार पेशाब लगती तो है लेकिन खुलकर नहीं होती। आगे डॉ. चुग कहते हैं कि पानी की कमी यूरिन को ज्यादा एसिडिक बनाती है और गाढ़ा कर देती है। यह गाढ़ा तरल पदार्थ ब्लैडर और यूरिथ्रा की संवेदनशील परत में जलन पैदा कर सकता है, जिससे ब्लैडर में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकता है।

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साथ ही पानी की कमी से जब आप कम बार पेशाब करते हैं और ब्लैडर में तरल पदार्थ रुका रहता है, तो लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया को वहां टिकने, ब्लैडर की दीवारों से चिपकने और अपनी संख्या बढ़ाकर इंफेक्शन पैदा करने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। इससे यूटीआई की समस्या हो जाती है।

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निर्जला व्रत के बाद पेशाब की जलन और UTI से कैसे बचें?

डॉ. अक्षय चुग कहते हैं कि निर्जला व्रत के बाद आप पेशाब में जलन और यूटीआई से बचना चाहते हैं, तो आपको करना यह है कि आप व्रत खोलने के तुरंत बाद सबसे पहले ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं या तरल पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा अगर आपको पेशाब में जलन हो रही है तो आपको

  • नारियल पानी पीना चाहिए क्योंकि नारियल पानी, मूत्रवर्धक गुणों से भरपूर है जो कि पेशाब के बैक्टीरिया को फ्लश ऑउट करने के साथ जलन को कम करने में मदद कर सकता है। Frontiers in Nutrition जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नारियल पानी में पेशाब की मात्रा और इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने वाले गुण हैं जो कि यूटीआई में मददगार साबित हो सकते हैं।
  • चावल का पानी में नमक मिलाकर पिएं जो कि व्रत के बाद शरीर को हाइड्रेट करने के साथ पेशाब की जलन को कम करने में मदद कर सकता है।
  • आप लौकी में दही मिलाकर खा सकते हैं जो कि यूटीआई बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकते हैं और पेट में गुड बैक्टीरिया बढ़ा सकते हैं।ट
  • आप खीरा खा सकते हैं और उन चीजों को ले सकते हैं जिनमें पानी की अच्छी मात्रा होती है।

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किन बातों का रखें ध्यान?

डॉ. अक्षय कहते हैं कि इन चीजों से अगर आपको कुछ ही घंटों में आराम नहीं होता है और दर्द और जलन ज्यादा है तो डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर को आपको एंटी बायोटिक्स दे सकते हैं या शरीर में सोडियम बढ़ाने की दवा दे सकते हैं, जिससे पेशाब खुलकर होता है और दर्द और जलन में कमी होती है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. अक्षय चुग करते हैं कि अगर आपको हर बार निर्जा व्रत में यह दिक्कत होती है तो आपको इस प्रकार से व्रत करने से बचना चाहिए। अगर आप कर भी रहे हैं तो सरगी के समय या एक दिन पहले ज्यादा से ज्यादा पानी से भरपूर चीजों का सेवन करें और व्रत वाले दिन ज्यादा मेहनत वाले काम कम करें ताकि शरीर का पानी कम जले। इसके अलावा ध्याल रखें कि लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने से आपकी किडनी और मूत्रशाय सहित पूरे शरीर को नुकसान हो सकता है, इसलिए शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर ध्यान दें।

FAQ

  • यूरिन इन्फेक्शन को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?

    यूटीआई को ठीक करने का तेज तरीका कुछ भी नहीं है सिवाए एंटीबायोटिक्स दवा के। आप डॉक्टर को दिखाकर इसे ले सकते हैं जिससे दर्द और जलन में कमी आती है।
  • यूरिन इन्फेक्शन में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?

    यूरिन इन्फेक्शन में खट्टे फलों के सेवन से बचें जैसे संतरा और मौसमी। आप इसकी जगह नारियल पानी पी सकते हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 30, 2026 16:50 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 30, 2026 16:47 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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