ज्यादातर पुरुष पेनाइल स्किन कंडीशन को लेकर जागरूक नहीं होते हैं। असल में, जब तक कोई समस्या न हो जाए, तब तक कोई भी उसके प्रति सचेत नहीं होता है और न ही उससे बचाव के लिए किसी तरह के उपाय अपनाता है। हकीकत बात यह है कि बड़ी संख्या में पुरुष अलग-अलग तरह की पेनाइल स्किन कंडीशन का शिकार होते हैं और जब तक समस्या गंभीर नहीं हो जाती है, तब तक वे डॉक्टर से संपर्क नहीं करते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही पेनाइल स्किन कंडीशन के बारे में बता रहे हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।
पेनाइल स्किन कंडीशन
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बैलनाइटिस
पुरुषों के लिंग के शीर्ष भाग में होने वाली एक तरह की पेनाइल स्किन कंडीशन है। इसमें त्वचा में सूजन आ जाती है और वह लाल हो जाती है और सफेद पानी भी रिसता है, जिससे काफी तीव्र गंध आती है। यह समस्या होने पर पुरुषों को पेशाब के दौरान जलन भी महसूस होती है।
कारणः बैलनाइटिस मुख्य रूप से साफ-सफाई की कमी के कारण होती है या जो पुरुष बार-बार अपने गुप्तांग की सफाई करते हैं। इसके अलावा, यीस्ट इंफेक्शन, संक्रमण और अन्य स्किन कंडीशन भी इस समस्या को ट्रिगर कर सकती है।
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जेनिटल कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस
Indian Journal Of Skin Allergy में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार गुप्तांगों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। जब यह त्वचा किसी हानिकारक केमिकल, परफ्यूम, साबुन, लेटेक्स कंडोम आदि के संपर्क में आती है, तो वहां रेडनेस, दाने या तेज जलन जैसी समस्या हो सकती है। कई बार वहां खुजली आदि भी हो सकती है। जेनिटल कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस जैसी समस्या होने पर उक्त सभी लक्षण नजर आ सकते हैं।
कारणः जेनिटल कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस होने के मुख्य कारणों का जिक्र हमने ऊपर किया है यानी हानिकारक केमिकल, परफ्यूम, साबुन, लेटेक्स कंडोम के संपर्क में आने से यह समस्या ट्रिगर हो सकती है। कई बार एलर्जी करने वाली चीजों के संपर्क में भी आने से भी परेशानी बढ़ जाती है।
पेनाइल यीस्ट इंफेक्शन
महिलाओं की तरह पुरुषों को भी पेनाइल यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में कैंडिडा बैलनाइटिस कहा जाता है। यह समस्या तब होती है, जब कैंडिडा नाम का फंगस लिंग के ऊपरी हिस्से (टोपी) पर या फोरस्किन (ऊपरी त्वचा) के नीचे बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। पेनाइल यीस्ट इंफेक्शन भी रेडनेस, घाव, रेड रैशेज, यौन संबंध बनाते हुए दर्द और जलन जैसी समस्या पैदा करते हैं।
कारणः डॉक्टर बताते हैं कि यीस्ट इंफेक्शन होने के कारण मुख्य कारण गुप्तांग में नमी और गर्मी रहने की वजह होता है, जो कि फंगस को बढ़ाते हैं। सामान्यतः स्किन की सफाई न करना, डायबिटीज और कमजोर इम्यूनिटी वालों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेना या संक्रमित पार्टनर के साथ बिना प्रोटेक्शन के संबंध बनाना भी इसकी मुख्य वजह हो सकती है।
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जननांग में होने वाला मस्सा
जननांग में मस्सा सामान्य तौर पर होने वाले सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन यानी यौन संचारित संक्रमण हैं। यह पुरुषों के गुप्तांग को प्रभावित कर सकता है। वैसे तो यह जननांग का मस्सा किसी तरह की परेशानी खड़ी नहीं करता है, लेकिन यह दिखने में हल्का ब्राउन बम्प जैसा नजर आता है। हालांकि, कई पुरुष जननांग के मस्से में हल्की खुजली और इरिटेशन की शिकायत करते हैं।
कारणः जेनिटल वॉर्ट की बात करें, तो यह ह्यूमन पेपिलोमावायरस के कारण होता है। असल में, यह संक्रमित त्वचा के सीधे संपर्क में आने से एक से दूसरे व्यक्ति को फैल सकता है। इसके अलावा, इसके रिस्क फैक्टर्स की बात करें, तो इसमें मल्टीपल पार्टनर होना, कम उम्र से सेक्शुअल रिलेशनशिप में सक्रिय होना और कमजोर इम्यूनिटी शामिल हैं।
जेनिटल हर्पीस
जेनिटल हर्पीस होने पर छोटे-छोटे लाल दाने हो जाते हैं, जिसमें तरल पदार्थ भरा रहता है। अगर ये दाने फूट जाएं, तो घाव या गहरे जख्म में तब्दील हो सकते हैं। इसके अलावा, नए संक्रमण होने पर बुखार, शरीर में दर्द और लिम्फ नोड्स में सूजन जैसी कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
कारणः जेनिटल हर्पीस, हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस (HSV) के कारण होता है। World Health Organization की मानें, तो दुनिया भर में 15 से 49 साल की उम्र के लगभग 52 करोड़ (520 मिलियन या 13 फीसदी) लोग हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस टाइप 2 से संक्रमित हैं, जो जननांग हर्पीस यानी गुप्त अंगों में होने वाले दाने/छाले) का मुख्य कारण है।
पेनाइल स्किन कंडीशन से बचाव के लिए क्या करें?
- पेनाइल स्किन कंडीशन से बचाव के लिए हाईजीन का ध्यान रखें।
- पुरुष फोरस्किन की अच्छी तरह सफाई करें, लेकिन केमिकल इस्तेमाल न करें।
- गुप्तांग की सफाई के बाद उसको सूखे कपड़े से पोंछना न भूलें।
- हमेशा सूती अंडरवियर पहनें ताकि पसीना कम आए।
- प्यूबिक हेयर की सफाई रखें और इसके लिए नए रेजर का उपयोग करें।
- प्रत्येक बार यौन संबंध बनाने से पहले कंडोम का उपयोग करें।
- यौन संबंध बनाते हुए ड्राईनेस महसूस हो, तो वॉटर बेस्ड लुब्रिकेंट यूज करें।
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निष्कर्ष
पुरुषों में कई तरह की गुप्तांग की त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर पुरुषों की आदत होती है कि जब तक समस्या गंभीर न हो जाए,तब तक वे इस ओर विशेष ध्यान नहीं देते हैं। बेहतर होगा कि आप ऐसा न करें। यहां बताए गए पेनाइल स्किन कंडीशन के बारे में जानें और समय पर बचाव करें। जरूरी हो यानी कोई लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।
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FAQ
पेनाइल सोरायसिस के मुख्य लक्षण क्या हैं?
पेनाइल सोरायसिस होने पर पेनिस की त्वचा पर बिना पपड़ी वाले चिकने, चमकीले लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। इसमें आमतौर पर कोई खुजली या दर्द नहीं होता, लेकिन यौन संबंध के दौरान रगड़ से जलन हो सकती है।पेनाइल स्किन कंडीशंस और यौन संचारित रोगों (STIs) के शुरुआती संकेतों में अंतर कैसे पहचानें?
सामान्य स्किन कंडीशन (जैसे डर्मेटाइटिस या माइल्ड फंगल इंफेक्शन) केवल प्रभावित हिस्से में रेडनेस या हल्की खुजली पैदा करते हैं, लेकिन STIs (जैसे सिफलिस, हर्पीस) में घाव, मवाद वाला डिस्चार्ज, पेशाब में तेज जलन या बुखार जैसे कई लक्षण नजर आ सकते हैं।
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Jul 29, 2026 15:39 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra