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Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

प्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए साबुन इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए? जानें इसके नुकसान

महिलाओं को अच्छे स्वास्थ्य के लिए अक्सर प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खास ध्यान रखने के लिए कहा जाता है। इसके लिए कई महिलाएं साबुन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन क्या यह सही है?
प्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए साबुन इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए? जानें इसके नुकसानप्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए साबुन इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए? जानें इसके नुकसान

महिलाओं को अच्छे स्वास्थ्य के लिए अक्सर प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इसके लिए कई महिलाएं साबुन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन डॉक्टर्स प्राइवेट पार्ट के लिए साबुन का इस्तेमाल करने से मना करते हैं। ऐसा करने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन क्यों और कैसे? आइए Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD - Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi से जानें।

प्राइवेट पार्ट पर साबुन के इस्तेमाल से हो सकती हैं परेशानियां

डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार, "प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने के लिए साबुन का इस्तेमाल करना एक अच्छी हाइजीन की आदत लग सकती है, लेकिन असल में यह फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। प्राइवेट हिस्सों के आस-पास की त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है और इसमें हेल्दी बैक्टीरिया और pH लेवल का एक नेचुरल बैलेंस होता है। आम साबुन, खासकर खुशबूदार या हार्श साबुन, इस बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं और जलन, सूखापन, खुजली या चुभन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।"

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सादा पानी से करें साफ

डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार, "महिलाओं में वजाइनल एरिया के अंदर साबुन का इस्तेमाल करने से वे अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं, जो इंफेक्शन से बचाते हैं। इससे फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन और बदबू का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर आमतौर पर सिर्फ बाहरी हिस्से को सादे पानी से या जरूरत पड़ने पर किसी हल्के, बिना खुशबू वाले क्लींजर से साफ करने की सलाह देते हैं। वजाइना एक सेल्फ-क्लीनिंग अंग है और इसे साबुन से अंदर से धोने की जरूरत नहीं होती है।"

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पुरुषों को भी होती है परेशानी

डॉ. चांदनी जैन के अनुसार, "पुरुषों में भी हार्श साबुन प्राइवेट हिस्सों की सेंसिटिव त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं, जिससे रेडनेस, सूखापन और बेचैनी हो सकती है। ज्यादा सफाई करने से त्वचा की नेचुरल सुरक्षा परत (protective layer) को नुकसान पहुंच सकता है।"

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जेंटल केयर है जरूरी

डॉ. चांदनी जैन के अनुसार, "हार्श साबुनों से होने वाली एक और आम समस्या है, केमिकल्स और आर्टिफिशियल खुशबू के कारण होने वाली एलर्जिक रिएक्शन। अगर जलन, खुजली या असामान्य डिस्चार्ज बना रहता है, तो और ज्यादा क्लींजिंग प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जेंटल केयर और साफ पानी से सही हाइजीन बनाए रखना आमतौर पर प्राइवेट पार्ट्स को हेल्दी रखने के लिए काफी होता है।"

निष्कर्ष

प्राइवेट पार्ट पर हार्श साबुन का इस्तेमाल करने से महिलाओं और पुरुषों को जलन, ड्राइनेस, खुजली, चुभन और रेडनेस होने जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में प्राइवेट पार्ट को साफ रखने के लिए सादा पानी या डॉक्टर की सलाह अनुसार, बिना खुशबू वाले हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे, कोई भी परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • प्राइवेट पार्ट के हाइजीन के लिए क्या करें?

    प्राइवेट पार्ट के हाइजीन को बनाए रखने के लिए सादे पानी से इसे साफ करें, बिना खुशबू वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें, प्राइवेट पार्ट की सफाई का खास ध्यान रखें, इस एरिया में नमी न बने इस बात का ध्यान रखें और सही तरीके से टॉयलेट का इस्तेमाल करें।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 20, 2026 22:37 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • May 20, 2026 22:37 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta