Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vijay S Dahiphale , Consultant Urologist, Andrologist & Sexologist

लाइफस्टाइल से जुड़ी 5 बुरी आदतें जो स्पर्म क्वालिटी को करती हैं प्रभावित, जानें कैसे करें सुधार

क्या आप जानते हैं कि आपकी कुछ बुरी आदतें स्पर्म क्वालिटी को बिगाड़ रही हैं, जो कि आपकी प्रजनन क्षमता को कम कर रही हैं? अगर नहीं, तो हम यहां उन्हीं आदतों के बारे में बता रहे हैं। इन्हें जानकर अपनी आदतों में आज से ही सुधार कर सकते हैं।

Sperm Quality: स्पर्म क्वालिटी को सीधे-सीधे प्रेग्नेंसी को सफलतापूर्वक कंसीव करने से जोड़ा जाता है। जब पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी सही होती है, तो महिला के एग तक उसके पहुंचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, मौजूदा जीवनशैली बहुत व्यस्तताओं और चिंताओं से भर गई है। इसने पुरुषों की समग्र सेहत पर बुरा असर डाला है, जिसकी वजह से स्पर्म क्वालिटी भी प्रभावित हो रही है। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे किस तरह के कारण जिम्मेदार हैं? आइए, मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से जानते हैं इनके बारे में।

स्पर्म क्वालिटी खराब करने वाली बुरी आदतें- Habits That Harm Sperm Health

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जाने-अनजाने पुरुष अपनी जीवनशैली में कुछ ऐसी आदतों को अपना लेते हैं, जो कि उनकी स्पर्म क्वालिटी पर बुरा असर डाल सकते हैं, जैसे-

1. तंबाकू का सेवन

तंबाकू का सेवन किया जाना बिल्कुल सही नहीं है। हालांकि, ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है, जो नियमित रूप से स्मोकिंग करते हैं। इसका बुरा प्रभाव स्पर्म की क्वालिटी पर पड़ता है। साल 2025 में International Journal Of Molecular Sciences में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, तंबाकू में निकोटिन होता है, जो कि स्पर्म काउंट को कम करता है, उसकी गतिशीलता को नुकसान पहुंचाता है और उनके डीएनए को क्षतिग्रस्त करता है। यही नहीं, निकोटिन के कारण शुक्राणुओं का आकार भी बिगड़ने लगता है, जिससे वे अंडे को फर्टिलाइज करने में असमर्थ हो जाते हैं।

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2. शराब का सेवन

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आपने कई ऐसे पुरुष देखे होंगे कि जो रोजाना सोने से पहले शराब का सेवन करते हैं और यह उनकी आदत का हिस्सा बन चुका है। क्या आप जानते हैं कि शराब का सेवन आपके पौरुषत्व के लिए बिल्कुल सही नहीं है।  शराब का सेवन टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) के उत्पादन को घटाता है और स्पर्म काउंट को कम करता है। साल 2017 में Reproductive BioMedicine Online में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल से पता चलता है कि अत्यधिक शराब पीने से लिवर का स्वास्थ्य बिगड़ता है। ऐसे में शरीर में हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है, जिससे शुक्राणुओं के बनने की प्रक्रिया बाधित होने लगती है।

3. खराब डाइट

रेडी टू ईट फूड खाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। जिन घरों में पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, वहां पर अक्सर घर में खाना नहीं बनता है। इसके बजाय रेस्टोरेंट या स्ट्रीट फूड खाने का ट्रेंड अधिक देखने को मिलता है। बाहर की चीजों में पोषक तत्वों की काफी कमी होती है। खासकर अगर कोई फास्ट फूड, प्रोसेस्ड मीट और ट्रांस फैट का सेवन अधिक करता है, तो इससे शुक्राणुओं की संख्या और उसके आकार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साल 2023 में Journal Of The Turkish-German Gynecological Association (J Turk Ger Gynecol Assoc) में प्रकाशित रिव्यू पेपर की मानें, तो फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, मछली और अनसैच्युरेटेड फैट से भरपूर संतुलित आहार लेने से स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि डाइट में पोषक तत्वों और एंटी-ऑक्सीडेंट्स की कमी होती है, जिससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। इसका सीधा-सीधा असर स्पर्म क्वालिटी पर देखने को मिलता है।

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4. अत्यधिक मानसिक तनाव

तनाव कई तरह की समस्याओं की जड़ है। इस संबंध में डॉ. विजय दहिफले बताते हैं, "जब कोई लंबे समय से तनाव में रहता है, तो इसकी वजह से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो प्रजनन हार्मोनों के काम में अवरोध पैदा करता है। असल में, कोर्टिसोल बढ़ने पर यह दिमाग के हाइपोथैलेमस भाग को ब्लॉक करता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन बनाने वाले सिग्नल कमजोर पड़ जाते हैं और कामेच्छा में भी कमी आती है। नतीजतन, स्पर्म प्रोडक्शन भी कम हो जाता है।" National Library Of Medicine (NIH) में 2010 में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध पत्र के अनुसार, कार्यस्थल का तनाव पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए, पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या हो सकती है, जिसके लिए उन्हें समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

5. नींद की कमी

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पर्याप्त नींद लेना हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है, लेकिन मौजूदा समय में हमारे वर्क कल्चर और रात भर जगकर मोबाइल स्क्रॉल करने के कारण नींद की क्वालिटी बाधित हुई है। जब पुरुष अच्छी और गहरी नींद नहीं लेते हैं, तो इसका असर सीधे-सीधे हार्मोन प्रोडक्शन पर पड़ता है और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है। साल 2017 में Medical Science Monitor में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर से भी इस बात का खुलासा होता है कि रोजाना कम से कम 6 घंटे की नींद नहीं लेने और देर रात तक जागने से पुरुषों में स्पर्म काउंट, उनकी गतिशीलता और जीवित रहने की दर में भारी गिरावट आती है। दरअसल, कम नींद लेने और देर रात तक जागने वाले पुरुषों के वीर्य में एंटीस्पर्म एंटीबॉडी का उत्पादन बढ़ जाता है। यह एक प्रकार का प्रोटीन है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा गलती से शुक्राणुओं को ही नुकसान पहुंचाने के लिए बनने लगता है।

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स्पर्म गुणवत्ता में सुधार कैसे करें?

यकीन मानिए, स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार करना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। अगर आपको किसी तरह की बीमारी या स्वास्थ्य समस्या नहीं है, तो जीवनशैली में अच्छी आदतों को अपनाकर इसमें सुधार किया जा सकता है, जैसे-

  • नियमित रूप से अच्छी डाइट लें। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स (विटामिन सी और ई) जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसी चीजों को शामिल करें। इसके अलावा, अंडे, हरी सब्जियां, मछली, कद्दू के बीज आदि भी स्पर्म काउंट के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
  • अपने वजन को संतुलित रखें। बेहतर स्पर्म क्वालिटी के लिए यह बहुत जरूरी है। अपने बॉडी मास इंडेक्स का ध्यान रखें। जानकारी के लिए बता दें कि ओवरवेट होने से स्पर्म काउंट और उसकी मोबिलिटी दोनों पर असर पड़ता है।
  • शराब का सेवन और धूम्रपान कम करें। इसका जिक्र हमने लेख की शुरुआत में भी किया है कि शराब और सिगरेट में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो स्पर्म काउंट ही नहीं, उसके आकार पर भी नेगेटिव असर डालता है।
  • क्रॉनिक तनाव से बचें। इसे कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और माइंडफुल एक्टिविटी करें। तनाव को कम करने के लिए रोजाना 7-8 घंटे की गहरी और अच्छी नींद लें।

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डॉक्टर की सलाह

NHS की मानें, तो अगर किसी पुरुष में स्पर्म काउंट कम है और वह एक साल से अधिक समय तक कोशिशों के बावजूद उसकी पार्टनर प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही है, तो इस स्थिति को और इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, पार्टनर की उम्र भी मायने रखती है। अगर पार्टनर की उम्र भी 36 साल से अधिक है, तो ऐसे में जल्द से जल्द इलाज की जरूरत होती है। इसमें कई तरह के इलाज मौजूद हैं, जैसे आईवीएफ या आईसीएसआई (इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन)।

निष्कर्ष

वैसे तो स्पर्म क्वालिटी को कई तरह के फैक्टर्स प्रभावित करते हैं। इसमें आपकी बुरी आदतें भी शामिल हो सकती हैं। यहां हमने उन्हीं बुरी आदतों का जिक्र किया है, जिन्हें आज की अपनी जीवनशैली से दूर करके अपनी सेहत में सुधार कर सकते हैं, जिसका पॉजिटिव असर स्पर्म क्वालिटी और स्पर्म काउंट पर देखने को मिल सकता है।

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FAQ

  • क्या लंबे समय तक लैपटॉप को गोद में रखकर काम करने से स्पर्म क्वालिटी प्रभावित होती है?

    विशेषज्ञों की मानें, तो लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी अंडकोष के तापमान को बढ़ा देती है, जिससे शुक्राणुओं के बनने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। 
  • क्या ज्यादा कैफीन या एनर्जी ड्रिंक्स पीने से पुरुष प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है?

    हां, ऐसा होता है। डॉक्टर बताते हैं कि एक दिन में 300 mg से अधिक कैफीन का सेवन करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ता है और स्पर्म डीएनए में डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 21, 2026 17:26 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale

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