Tue Oct 13, 2026 | 11:42 AM IST

Medically Reviewed by Dr Pradeep V Mahajan , Regenerative Medicine Specialist

किन बीमारियों में भूलकर भी न रखें व्रत? जान लें सेहत को कैसे हो सकता है नुकसान

अगर किसी को हार्ट, किडनी या लिवर से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी है, तो उन्हें नवरात्रि में व्रत नहीं करना चाहिए। यहां तक कि कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के लिए लंबे समय तक व्रत करना घातक हो सकता है।
किन बीमारियों में भूलकर भी न रखें व्रत? जान लें सेहत को कैसे हो सकता है नुकसानकिन बीमारियों में भूलकर भी न रखें व्रत? जान लें सेहत को कैसे हो सकता है नुकसान

नवरात्रि में भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाने के लिए अक्सर श्रद्धालु व्रत-उपवास करते हैं। कुछ लोग पूरे 9 दिनों के लिए व्रत करना पसंद करते हैं। इन दिनों वे फलाहार आश्रित होते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए, तो व्रत करना अच्छी बात होती है। इससे बॉडी डिटॉक्स होती है, इम्यूनिटी बूस्ट होती है और सेहत पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति की सेहत के लिए व्रत फायदेमंद नहीं है। विशेषकर, कुछ खास मेडिकल कंडीशंस ऐसी हैं, जिनमें लोगों को फास्टिंग करने से बचना चाहिए।

डॉ. प्रदीप महाजन, रीजेनरेटिव मेडिसिन रिसर्चर, यूरोलॉजीऔर हॉस्पिटल के फाउंडर समझाते हैं, "डायबिटीज, हार्ट कंडीशन और क्रोनिक किडनी डिजीज आदि के मरीजों को उपवास नहीं करना चाहिए। लगातार 9 दिनों तक फास्टिंग करने से उनकी इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ सकता है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति खराब हो सकती है। यही नहीं, जिन लोगों को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी है, उन्हें भी व्रत करने से बचना चाहिए।"

किन बीमारियों में भूलकर भी न करें व्रत

People With Medical Conditions Should Avoid FastingPeople With Medical Conditions Should Avoid Fasting

1. डायबिटीज के मरीजों के लिए व्रत के गंभीर जोखिम

डॉ. प्रदीप महाजन कहते हैं, "नवरात्रि में डायबिटीज या ब्लड शुगर के मरीजों को व्रत नहीं करना चाहिए। असल में, व्रत करने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से नीचे गिर सकता है और बॉडी भी डिहाइड्रेट हो सकती है। निश्चित रूप से यह सही नहीं है।" हालांकि, डॉ. प्रदीप महाजन आगे बताते हैं कि अगर डायबिटीज के मरीजों को 9 दिनों के लिए उपवास करना है, तो उन्हें बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

इस संबंध में साल 2017 में Indian Journal of Endocrinology and Metabolism में एक शोध प्रकाशित हुआ। इसके अनुसार, नवरात्रि के दौरान उपवास रखने वाले डायबिटीज मरीजों को अत्यधिक तली-भुनी, मीठी चीजें नहीं खानी चाहिए। फास्टिंग के दौरान उन्हें लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ जैसे बाजरा, समा के चावल, राजगिरा की रोटी का सेवन करना चाहिए। साथ ही, खुद को हाइड्रेट रखने पर जोर देना चाहिए।

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2. हृदय रोगियों को व्रत से क्यों बचना चाहिए

People With Heart Health Issues Should Avoid FastingPeople With Heart Health Issues Should Avoid Fasting

हार्ट संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी नवरात्रि में 9 दिनों का फास्ट नहीं करना चाहिए। ध्यान रखें कि हार्ट के मरीजों की इम्यूनिटी पहले से ही काफी कमजोर होती है और हृदय भी मजबूती से काम नहीं करता है। ऐसे में डाइट और लाइफस्टाइल में आए बदलाव, उनकी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। व्रत करने की वजह से उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है और हृदय गति अनियमित हो सकती है।

3. किडनी रोगियों को व्रत से क्यों बचना चाहिए

अगर किसी को किडनी से जुड़ी गंभीर और पुरानी बीमारी है, तो उन्हें भी सावधानी बरतनी चाहिए और 9 दिनों तक लगातार व्रत नहीं करना चाहिए। खासकर, अगर किसी को किडनी से संबंधित सर्जरी आदि हुई हो। साल 2026 में Perioperative Care and Operating Room Management प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, विभिन्न धर्मों में उपवास अपना खास महत्व होता है। इसके बावजूद, किसी भी तरह की सर्जरी से पहले या इस प्रक्रिया के दौरान उपवास नहीं किया जाना ही बेहतर होता है।

4. लिवर से संबंधित समस्या में क्यों न करें व्रत?

लिवर हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है। लिवर का मुख्य काम दो मील्स के बीच के समय में बॉडी को एनर्जी प्रदान करना होता है। एनर्जी के लिए वह ग्लाइकोजन को स्टोर करता है, तभी आप अच्छी तरह से शारीरिक-मानसिक कार्य करने में सक्षम होते हैं। लेकिन जब लिवर खराब होता है यानी लिवर इनसफिशिएंसी जैसी गंभीर बीमारी होती है, तो उसमें जमा ग्लाइकोजन खत्म हो जाता है। ऐसे में शरीर में स्टोर्ड एनर्जी खत्म हो जाती है। इसलिए, लिवर के मरीजों को 9 दिनों का व्रत करने से बचना चाहिए। इससे उनकी सेहत और बिगड़ सकती है।

5. कैंसर होने पर न करें व्रत

कहने की जरूरत नहीं है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है। कैंसर जैसी बीमारी होने पर मरीज बहुत ज्यादा कमजोर हो जाते हैं। यहां तक कि कैंसर का ट्रीटमेंट भी लोगों को कमजोर कर देता है। यही कारण है कि डाॅक्टर यह खास सलाह देते हैं कि कैंसर के मरीजों को नवरात्रि ही नहीं, बल्कि किसी भी तरह की फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। इससे उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है और ट्रीटमेंट में भी बाधा आ सकती है।

इन लोगों को भी व्रत नहीं करना चाहिए

सिर्फ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को ही व्रत करने से नहीं बचना चाहिए, बल्कि कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसलिए उन्हें व्रत करने से बचना चाहिए, जैसे-

  • प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड करा रही महिलाओं को व्रत करने से बचना चाहिए। इससे महिला डिहाइड्रेट हो सकती है, जो कि उनके शिशु के लिए सही नहीं है।
  • बच्चों और किशोरों को भी नवरात्रि में नौ दिनों का व्रत नहीं करना चाहिए। यह ग्रोइंग एज होती है। ऐसे में शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर विकास बाधित हो सकता है।
  • बुजुर्गों के लिए व्रत करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। असल में, वृद्धावस्था में अक्सर लोग बीपी, डायबिटीज या थायराइड जैसी समस्या से गुजरते हैं। व्रत रखने में उनमें कमजोरी और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • जो लोग दवाओं पर आश्रित हैं, उन्हें भी व्रत करने से बचना चाहिए। असल में, व्रत करने की वजह से दवाओं का प्रभाव कम हो सकता है, जो कि सही नहीं है।

व्रत रखने से पहले डॉक्टर से परामर्श क्यों जरूरी है?

अगर आपने 9 दिनों तक व्रत रखने का निर्णय लिया है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। इस संबंध में डाॅक्टर से परामर्श लिया जाना जरूरी होता है। वे आपके स्वास्थ्य की जांच करेंगे और जीवनशैली तथा डाइट में जरूरी बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं। अगर आपका स्वास्थ्य सही है और पूरी तरह फिट हैं, तो वे आपको फलाहार लेने की सलाह भी दे सकते हैं।

निष्कर्ष

कई लोग नवरात्रि में शुरुआत के दो दिन और आखिरी के दो दिन व्रत करते हैं। वहीं, ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है, जो पूरे 9 दिनों तक व्रत करते हैं। हालांकि, यह सबकी निजी आस्था का विषय है। व्रत रखना सेहत के लिए फायदेमंद भी माना जाता है। हालांकि, इस बात का ध्यान जरूर रखें कि अगर व्रत रखते हुए किसी भी तरह की असहजता हो, ब्लड शुगर का स्तर गिर जाए, तो तुरंत डाॅक्टर से संपर्क कर अपनी समस्या बताएं। वे समाधान बताएंगे और रिपोर्ट के आधार पर व्रत को कैसे जारी रखा जा सकता है, इसकी सलाह देंगे।

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FAQ

  • थायराइड के मरीज नवरात्र का व्रत रखना चाहें, तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    थायराइड के मरीजों को सुबह खाली पेट ली जाने वाली दवा नियमित रूप से लें और इन दिनों अधिक मीठे फलाहार से बचना चाहिए। उन्हें अपनी डाइट में सेलेनियम और जिंक से भरपूर सूखे मेवे तथा पर्याप्त पानी शामिल करना चाहिए ताकि हार्मोनल असंतुलन न हो।
  • क्या गैस्ट्रिक अल्सर में 9 दिनों का उपवास नुकसानदायक हो सकता है?

    इस तरह की स्वास्थ्य स्थिति में लंबे समय तक खाली पेट रहने से पेट में गैस्ट्रिक एसिड का स्राव बढ़ जाता है, जो पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता ,इससे अल्सर का घाव बढ़ सकता है, पेट में तेज जलन, ब्लीडिंग आदि समस्याएं हो सकती है। बेहतर है कि 9 दिनों का लंबा उपवास न करें।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 13, 2026 10:50 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Pradeep V Mahajan