Sun Sep 27, 2026 | 09:38 PM IST

Medically Reviewed by Dr Mandeep Singh Malhotra , Surgical & Molecular Oncologist | Founder & Chief Mentor – Art of Healing Cancer

कैंसर के इलाज के दौरान लगातार रहने वाली थकान से कैसे निपटें? बता रहे हैं डॉक्टर

कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली लगातार थकान एक आम समस्या है, जो कीमोथेरेपी, रेडिएशन और पोषण की कमी जैसे कई कारणों से होती है। इससे निपटने के लिए हल्की शारीरिक गतिविधियां, सही पोषण और अच्छी नींद लेने की सलाह दी जाती है। 
कैंसर के इलाज के दौरान लगातार रहने वाली थकान से कैसे निपटें? बता रहे हैं डॉक्टर
कैंसर के इलाज के दौरान लगातार रहने वाली थकान से कैसे निपटें? बता रहे हैं डॉक्टर

कैंसर के इलाज के दौरान लगातार रहने वाली थकान एक बहुत ही आम, लेकिन गंभीर समस्या है। यह आम दिनों की थकान से बिल्कुल अलग होती है, जो आराम करने के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं होती है। कीमोथेरेपी, रेडिएशन, दर्द, तनाव और शरीर में पोषण की कमी कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली थकान के आम कारणों में से एक हैं। अक्सर कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान लोग इस कमजोरी को दूर करने के उपायों के बारे में सोचते हैं। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Mandeep Singh Malhotra, Oncologist, Art of Healing Cancer, Delhi से जानते हैं कि कैंसर के इलाज के दौरान लगातार रहने वाली थकान से कैसे निपटें?

कैंसर के इलाज के दौरान थकान से बचने के उपाय

साल 2009 में Journal of General Internal Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली थकान को मैनेज करने के लिए नियमित रूप से हल्का व्यायाम करना, दिन में हल्की झपकी लेना और एक्यूपंक्चर जैसी तकनीकों को अपनाना चाहिए।

Dr. Mandeep Singh Malhotra का कहना है कि कैंसर के इलाज के दौरान थकान महसूस होने पर राहत पाने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-

1. हल्की शारीरिक गतिविधियां करें

इलाज के दौरान मरीज को अपनी एनर्जी को समझदारी के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। हर काम खुद करने की कोशिश करने के बजाय दिन के जरूरी कामों को प्राथमिकता देना और बीच-बीच में आराम करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इसका यह नहीं है कि आपको पूरे दिन बिस्तर पर पड़े रहना है। डॉक्टर की सलाह और मरीज की क्षमता के अनुसार, हल्की शारीरिक गतिविधियां करें, जिसमें थोड़ी देर चलना, कई लोगों में एनर्जी और मूड को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।

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2. पोषण और खान-पान का खास ध्यान रखें

कैंसर के मरीजों को थकान से बचने के लिए खाने-पीने पर भी खास ध्यान रखना जरूरी है। इलाज के दौरान शरीर को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और तरल पदार्थ की जरूरत हो सकती है। अगर भूख कम है, बार-बार मतली जैसा महसूस हो रहा है या खाने में परेशानी हो रही है तो मरीज को अपनी ऑन्कोलॉजिस्ट या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए, न कि वह खुद से सप्लीमेंट या कोई खास डाइट लेना शुरू कर दे।

3. नींद का सही रूटीन अपनाएं

कैंसर के इलाज के दौरान थकान से निपटने के लिए नींद की सही रूटीन अपनाना बहुत जरूरी है। दिनभर बिस्तर पर लंबे समय तक सोने से रात की नींद खराब हो सकती है, जिससे थकान और बढ़ जाती है। इसके बजाय, दिन में सिर्फ 15 से 20 मिनट के छोटे नैप लें। सोने और जागने का एक तय समय रखें और सोने से पहले फोन या टीवी देखने से बचें। एक अच्छी और गहरी रात की नींद शरीर को एनर्जी देती है और मानसिक तनाव को कम करती है।

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कैंसर के इलाज के दौरान थकान के कारण

Dr. Mandeep Singh Malhotra के अनुसार, कैंसर के इलाज के दौरान लगातार थकान महसूस होना बहुत आम है, लेकिन इसे हमेशा केवल सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैंसर के इलाज के दौरान कमजोरी और थकान होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-

  1. कैंसर के इलाज का असर- कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या सर्जरी जैसे ट्रीटमेंट शरीर के हेल्दी सेल्स को भी प्रभावित करते हैं, जिससे मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।
  2. एनीमिया- कैंसर या इसके इलाज के कारण शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है, जिससे अंगों तक ऑक्सीजन पूरी तरह नहीं पहुंच पाती है और लगातार कमजोरी बनी रहती है।
  3. दर्द और तनाव- शरीर में लगातार रहने वाला दर्द और मानसिक तनाव मरीज के शरीर में एनर्जी की कमी का कारण बनता है।
  4. नींद में खलल- इलाज के साइड-इफेक्ट्स या अस्पताल के माहौल के कारण सही तरह से नींद पूरी न होने के कारण भी थकान महसूस हो सकती है।
  5. पोषण की कमी- ठीक से भूख न लगना, मतली या खान-पान में गड़बड़ी के कारण शरीर को जरूरी कैलोरी और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
  6. इंफेक्शन और दवाएं- शरीर में किसी तरह का इंफेक्शन होना या कुछ खास तरह की दवाइयां लेने के कारण थकान होना आम बात है।

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डॉक्टर से कब संपर्क करें?

कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली ज्यादा थकान को नॉर्मल कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर थकान इतनी ज्यादा बढ़ जाए कि आप रोजाना के काम भी न कर पाएं या इसके साथ सांस फूलना, चक्कर आना, तेज बुखार, सीने में भारीपन या कोई भी नया और असामान्य लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें। समय पर डॉक्टर को बताने से थकान के सही कारण का पता लगाकर समय पर सही इलाज किया जा सकता है।

निष्कर्ष
कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली थकान का सामना करना किसी भी मरीज और उसके परिवार के लिए एक मुश्किल चुनौती हो सकती है। इसका समाधान सिर्फ पूरे दिन बिस्तर पर लेटे रहना नहीं, बल्कि खान-पान का ध्यान रखना, हल्की शारीरिक गतिविधियां करना और अपनी एनर्जी को सही तरह से इस्तेमाल करना जरूरी है।

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • कैंसर में ताकत के लिए क्या खाना चाहिए?

    कैंसर के इलाज और रिकवरी के दौरान शरीर की ताकत बनाए रखने के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट और ताजे फल व सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लेना जरूरी है।
  • कैंसर के रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए?

    कैंसर के दौरान और इलाज के समय मरीज को कुछ खास चीजों से बचने की जरूरत होती है, ताकि शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर होने से रोका जा सके और इंफेक्शन के खतरे को न बढ़ने दिया जाए।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 27, 2026 20:19 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Mandeep Singh Malhotra

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