Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

शि‍शु को डायपर पहनाते समय न करें ये 5 गलतियां, बढ़ सकता है इंफेक्शन का खतरा

शि‍शु की त्‍वचा को ड्राई और आरामदायक रखने के ल‍िए ज्‍यादातर माता-प‍िता डायपर का इस्‍तेमाल करते हैं, लेक‍िन गलत ढंंग से डायपर का इस्‍तेमाल करने के कारण श‍िशु को इंफेक्‍शन हो सकता है। जानें ऐसी 5 गलत‍ियों के बारे में।

श‍िशु की स्‍क‍िन को ड्राई रखने और लीकेज से बचाने के ल‍िए डायपर का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है, लेक‍िन डायपर के कारण श‍िशु को रैशेज और खुजली हो सकती है। डायपर पहनाने के दौरान की जाने वाले वाली ग‍लत‍ियों श‍िशु की सेहत पर भारी पड़ सकता है। श‍िशुओं की त्‍वचा सेंस‍िट‍िव होती है और उन्‍हें इंफेक्‍शन का खतरा ज्‍यादा हो सकता है। डॉक्‍टर से जानें ऐसी 5 गलत‍ियों के बारे में। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Tanima Singhal, Gynaecologist & Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow से बात की।

1. जल्‍दी डायपर न बदलना

diaper-mistakes

कई बार माता-प‍िता श‍िशु का डायपर देर से बदलते हैं ज‍िसके कारण डायपर रैश का खतरा बढ़ जाता है। डायपर गीला रहने के कारण बैक्‍टीर‍ियल और फंगल इंंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। डायपर रैश के कारण रेडनेस, खुजली की समस्‍या बढ़ सकती है।

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2. श‍िशु की त्‍वचा को ड्राई न रखना

माता-प‍िता कई बार गीला डायपर बदलने के तुरंत बाद नया डायपर पहना देते हैं। इससे त्‍वचा ड्राई नहीं हो पाती है और त्‍वचा में नमी रह जाती है। नमी के कारण डायपर रैश की समस्‍या हो सकती है।

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3. डायपर का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना

डायपर का इस्‍तेमाल करना आसान होता है इसल‍िए माता-प‍िता श‍िशु को हर समय डायपर पहनाकर रखते हैं। श‍िशु की त्‍वचा जब लगातार डायपर के संपर्क में रहती है, तो नमी के कारण रैशेज और स्‍क‍िन इर‍िटेशन की समस्‍या हो सकती है।

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4. डायपर बदलते समय हाइजीन का ख्‍याल न रखना

डायपर बदलते समय अगर हाइजीन का ख्‍याल न रखा जाए, तो श‍िशु को इंंफेक्‍शन हो सकता है। डायपर बदल देने से यूर‍िन और स्‍टूल से होने वाले इंफेक्‍शन से बचना संभव नहीं है। शि‍शु की त्‍वचा को इंफेक्‍शन से बचाने के ल‍िए फ्रेगरेंस फ्री बेबी वाइप्‍स का इस्‍तेमाल करें और कॉटन एवं गुनगुने पानी से त्‍वचा को साफ करना न भूलें।

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5. गलत साइज का डायपर चुनना

गलत साइज के डायपर का इस्‍तेमाल करने से भी श‍िशु को इंफेक्‍शन हो सकता है। टाइट डायपर के कारण श‍िशु की स्‍क‍िन पर दाने या रैशेज हो सकत हैं। साथ ही त्‍वचा पर रेडनेस हो सकती है। साथ ही अगर डायपर ज्‍यादा लूज होगा, तो लीकेज का खतरा रहेगा इसल‍िए श‍िशु के साइज के मुताब‍िक ही डायपर खरीदें।

न‍िष्‍कर्ष:

श‍िशु को डायपर पहनाते समय कई गलत‍ियों से बचना चाहि‍ए जैसे समय पर डायपर न बदलना, श‍िशु को ज्‍यादा टाइट डायपर पहनाना, श‍िशु की त्‍वचा ड्राई न रखना, डायपर का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना और हाइजीन का ख्‍याल न रखना। इन गलत‍ियोंं के कारण डायपर रैश का खतरा बढ़ सकता है।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Yashaswi Mathur
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