Thu Oct 22, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बच्चों से बड़ों तक सबके लिए फायदेमंद है वंशलोचन (तबाशीर), जानें इसके औषधीय लाभ और प्रयोग का तरीका

वंशलोचन एक सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ है। जिन बच्चों को मिट्टी और चॉक खाने की आदत होती है उनकी ये आदत वंशलोचन दूर कर सकता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं, जानते हैं एक्सपर्ट से।
बच्चों से बड़ों तक सबके लिए फायदेमंद है वंशलोचन (तबाशीर), जानें इसके औषधीय लाभ और प्रयोग का तरीकाबच्चों से बड़ों तक सबके लिए फायदेमंद है वंशलोचन (तबाशीर), जानें इसके औषधीय लाभ और प्रयोग का तरीका

वंशलोचन (Banslochan) बांस के पेड़ की एक किस्म से बनता है।  दरअसल, ये बांस का एक तना होता है जो कुछ पत्तियों के साथ बाहर से सख्त और अंदर से नरम होता है। वंशलोचन या ताबाशीर दिखने में एक सफेद पदार्थ की तरह दिखता है, जो मुख्य रूप से सिलिका और पानी से बना होता है, जिसमें चूने और पोटाश के निशान होते हैं, जो बांस की कुछ प्रजातियों से निकलते हैं। वंशलोचन का कोई स्वाद नहीं होता है, किन ये जीभ पर लगाते ही पानी सोख लेता है। यह गंधहीन होता है और इसकी शेल्फ लाइफ एक वर्ष से अधिक होती है। वंशलोचन की खास बात ये है कि ये औषधीय गुणों से भरपूर है और बड़े से लेकर बच्चों तक सबके लिए फायदेमंद है कैसे? जानते हैं इस बारे में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से।

वंशलोचन के खास गुण

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि वंशलोचन की खास बात ये है कि इसमें सिलिकॉन डाइऑक्साइड है, जो हड्डियों, जोड़ों, टेंडन और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता। वंशलोचन के सेवन से शरीर के ऊतकों का पूरी तरह से विकास होता है। आयुर्वेद के अनुसार, ये इम्यूनो-मॉड्यूलेटर की तरह काम करता है जो कि इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करता है। इस तरह ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें कुछ खास मेडिसनल गुण होते हैं, जैसे कि 

  •  कैल्शियम
  • आयरन से भरपूर
  • एंटी इंफ्लेमेटरी
  • इम्यूनिटी बूस्टर
  • एंटासिड
  •  गठिया रोधी
  • एंटी बैक्टीरियल
  • एंटी-गाउट

वंशलोचन के फायदे-Banslochan benefits in hindi

1. हड्डियों को मजबूत बनाता है

वंशलोचन में कैल्शियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो कि हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसे अगर आप प्रेग्नेंसी के समय खाएं तो, आपके बच्चे की हड्डियों का विकास होता है। बड़े बच्चों को खिलाएं तो उनकी हड्डियां मजबूत होती है और बढ़ती उम्र में खाएं तो, ये हड्डियों का मजबूत बनाता है और जोड़ों के दर्द, गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे समस्याओं से बचाता है। ऐसे में आप वंशलोचन को दूध में मिला कर पी सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें : क्या आपका घुटने का दर्द अर्थराइटिस है? डॉक्टर से जानें सही पहचान

2. पित्त शांत करता है

डॉ. श्रेय कहते हैं कि वंशलोचन ठंडी तासीर वाला होता है इसलिए जिन लोगों को हाथ पैर में जलन और हाथ से पसीने निकले की परेशानी होती है उनके लिए भी वंशलोचन का सेवन फायदेमंद है। ये पित्त को शांत करता है और शरीर के बाकी दोष जैसे कि वात, पित्त और कफ में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके लिए आपको वंशलोचन के पानी का नियमित रूप से सेवन करना होगा।

3. पेट में सूजन को कम करता है

पेट में सूजन के पीछे कई कारण हो सकते हैं।जैसे कि पेप्टिक अल्सर, अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन रोग आदि। इन सब में पेट का अस्तर प्रभावित होने लगता है और पेट में सूजन आ जाती है। ऐसे में  मुलेठी के साछ वंशलोचन लेने से आपको फायदा मिल सकता है। Journal of Ethnopharmacology में प्रकाशित यह स्टडी बताती है कि आयुर्वेद में श्वसन संबंधी बीमारियों, सूजन, शारीरिक कमजोरी और हड्डियों के विकारों के लिए वंशलोचन (Vanshlochan) के उपयोग को वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित मान्यता प्रदान करता है।

stomach_issuesstomach_issues 

4. मुंह के छालों को दूर करता है

जिन लोगों को मुंह में छाले की समस्या हर कुछ दिनों पर हो जाती है उन्हें वंशलोचन को शहद में मिला कर इसका सेवन करना चाहिए। दरअसल, मुंह के छाले पेट की गर्मी बढ़ जाने के कारण होने लगते हैं। साथ ही जिन लोगों का पित्त ज्यादा होता है उनमें भी ये परेशानी ज्यादा होती है। तो, वंशलोचन पेट की गर्मी को शांत करता है और शहद का एंटीबैक्टीरियल गुण माउथ इंफेक्शन को कम करता है औरमुंह के छालों को ठीक करने में मदद करता है। 

5. शरीर को डिटॉक्स करता है

वंशलोचन शरीर को डिटॉक्स करता है और शरीर के सभी अंगों के काम काज को बेहतर बनाने में मदद करता है। ये शरीर के विषाक्त पदार्थों को दूर करता है और आंतों की सफाई में मददगार होता है। इसके अलावा वंशलोचन मेटाबोलिज्म को तेज करने में भी मददगार है जो कि खाने-पीने के फंक्शन को सही करने में मदद करता है।

6. बालों के विकास में मददगार

वंशलोचन बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है और बालों को मजबूत करता है। यह प्रभाव इसमें प्राकृतिक सिलिका सामग्री के कारण होता है। इसमें मौजूद सिलिका बालों को पतला होने और बालों को झड़ने से रोकता है। इसका रेगुलर सेवन करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और बालों की जड़ें मजबूत रहती हैं और बाल तेजी से बढ़ते हैं। 

7. एसिडिटी की समस्या को दूर करता है

एसिडिटी पेट में ज्यादा एसिड प्रोडक्शन होने की वजह से होता है। ऐसे में वंशलोचन आपकी काफी मदद कर सकता है। सुबह खाली पेट वंशलोचन का सेवन करने से एसिडिटी की समस्या को कम किया जा सकता है। साथ ही जिन लोगों को कब्ज की दिक्कत होती है उन लोगो के लिए भी वंशलोचन बहुत फायदेमंद है। 

इसे भी पढ़ें: अश्वगंधा, शतावरी, सफेद मूसली और कौंच के बीजों का पाउडर एक साथ खाने से मिलेंगे कई फायदे, जानें सेवन का तरीका

8. बच्चों में मिट्टी खाने की आदत को दूर करता है

कुछ बच्चों को मिट्टी खाने की आदत होती है और आसानी से जाती नहीं। ऐसे में इस आदत को दूर करने में वंशलोचन आपकी मदद कर सकता है। ऐसे में वंशलोचन को पीस लें और शहद में मिला कर इसकी गोलियां बना कर बच्चों को दें। इससे बच्चों मेंकैल्शियम की कमीदूर हो जाएगी और मिट्टी खाने की उनकी आदत ही चले जाएगी।

9.  महिलाओं के लिए फायदेमंद 

वंशलोचन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। ये पीरियड्स के क्रैंप्स को कम करने में मदद करता है और शरीर में खून की कमी भी नहीं होने देता। साथ ही जिन महिलाओं में आयरन की कमी होती है उनके लिए भी वंशलोचन बहुत फायदेमंद है। ये उन्हें एनीमिया के लक्षण को कम करने में मदद करता है। 

Inside-3Inside-3

10. चेहरे की रंगत निखारता है

वंशलोचन चेहरे की रंगत निखारता है और आपको गोरा होने में मदद करता है। दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी में जो महिलाएं वंशलोचन लेती हैं उनके बच्चे गोरे होते हैं। इसके अलावा वंशलोचन खून साफ करने में मदद करता है, जिससे कील-मुंहासे से छुटकारा मिलता है और रंगत भी साफ होती है। 

वंशलोचन का सेवन कैसे करें? 

डॉ. श्रेय कहते हैं कि वंशलोचन लेने से पहले आप अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर बात करें। जैसे कि शिशु को आप उनके शरीर के वजन के अनुसार 10 मिलीग्राम दे सकते हैं। बच्चे 125 से 500 मिलीग्राम तो, वयस्कों को 250 से 500 मिलीग्राम और गर्भावस्था में 125 से 250 मिलीग्राम  दिन में दो बार दे सकते हैं। पर अगर आप कोई रेगुलर दवा ले रहे हैं तो, अपने डॉक्टर से पूछ कर ही इसका सेवन करें। 

निष्कर्ष:

अंत में डॉक्टर श्रेय शर्मा कहते हैं कि लोग असली वंशलोचन की पहचान नहीं कर पाते हैं और बाजार से नकली वंशलोचन खरीदकर खाते हैं। आगे डॉ. श्रेय कहते हैं कि वंशलोचन ऐसी बुटी है जो कि कांचनुमा कंकर जैसा होता है और खासकर कि यह स्वाती नक्षत्र की रोशनी से बनता है, इसलिए  आभा नीले रंग की होती है और यही इसकी पहचान है। आजकल पंसारी और सब जगह बजारों में मिलता है जो कि असली नहीं होता इसलिए इसकी सही पहचान करके कि इसका प्रयोग करें।

FAQ

  • पुरुषों के लिए वंशलोचन के फायदे क्या हैं?

    डॉ. श्रेय कहते हैं कि वंशलोचन पुरुषों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह स्पर्म की गुणवत्ता और मात्रा को बढ़ाने के साथ प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार है।
  • वंशलोचन खाने का सही तरीका क्या है?

    वंशलोचन को आप शहद में मिलाकर या गुनगुने दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा आप डॉक्टर के बताए तरीके से एक कॉम्बिनेशन के रूप में इसे त्रिफला के साथ ले सकते हैं।

Read Next

→ आयुर्वेद के अनुसार सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए? इन 7 आदतों को जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 22, 2026 18:01 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma
  • Aug 25, 2021 13:46 IST

    Published By : Pallavi Kumari