Navratri 2020: नवरात्र में व्रत रखने से नहीं होती ये 3 बीमारियां, छूट जाती हैं बुरी आदतें

Navratri 2020: नवरात्र में व्रत रखना आस्‍था का विषय तो है ही साथ ही यह स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्टि से भी लाभकारी है। जानिए व्रत रखने के स्वास्थ लाभ।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 15, 2018Updated at: Mar 24, 2020
Navratri 2020: नवरात्र में व्रत रखने से नहीं होती ये 3 बीमारियां, छूट जाती हैं बुरी आदतें

नवरात्रि (Navaratri or Navratri) पर्व का उत्‍सव माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, अर्चना करके मनाया जाता है। साल में दो बार नवरात्र का पर्व मनाया जाता है- चैत्र और शारदीय नवरात्र। इन दोनों का अलग-अलग महत्‍व है। हालांकि दोनों में ही हिंदू धर्म को मानने वाले लोग नौ दिन तक व्रत रखकर देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2020), 25 मार्च 2020 से 3 मार्च 2020 तक है। 

आपको बता दें कि, नवरात्र में व्रत (Fasting In Navratri) रखने की परंपरा भी बहुत पुरानी है। इसके धार्मिक कारण तो हैं ही साथ ही सेहत के लिहाज से भी यह बेहद फायदेमंद होते हैं। कई तो नवरात्र के सभी दिन व्रत रखते हैं तो कुछ लोग केवल पहले और आखिरी दिन ही व्रत रखते हैं। हालांकि, यह अपनी-अपनी आस्‍था और क्षमता का विषय है। लेकिन, जहां तक सेहत का सवाल है तो नवरात्र में उपवास रखने से सेहत पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। आइए लेख में जानते हैं, व्रत रखने के फायदों के बारे में...

नवरात्रि

नवरात्र में व्रत रखने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ- Fasting benefits

तनाव पर नियंत्रण

नवरात्र के दौरान प्रत्येक व्‍यक्ति एक नए उत्साह और उमंग से भरा दिखाई देता है। नवरात्र में व्रत रखने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर आते हैं जिसकी वजह से लसिका प्रणाली सही होती है और रक्त संचार बना रहता है जिससे मानसिक स्तर सुधरता है दिमाग से तनाव समाप्त होता है। इसके अलावा दिनचर्या के नियमित करने की वजह से आदमी के चेहरे पर रौनक आ जाती है। 

रोगियों को फायदा

नवरात्र में व्रत रखने से विभिन्ने रोगों– मधुमेह, कैंसर, अर्थराइटिस आदि से ग्रस्ति लोगों को बहुत फायदा होता है। नवरात्र के नौं दिनों तक लोगों की नियमित दिनचर्या हो जाती है जिसकी वजह से कई रोगों से मुक्ति मिलती है। आदमी समय पर उठकर पूजा-अर्चना करने के बाद फलों का सेवन करता है जिससे कई रोग दूर होते हैं।

मोटापे पर नियंत्रण

नवरात्र के दौरान व्रत रखने से कई प्रकार की खाने की बंदिशें हो जाती है जिसकी वजह से मोटे लोगों का वजन कम होता है। नवरात्र में व्रत के दौरान लोग तली हुई और ज्यादा कैलोरी वाले खाने से परहेज करते हैं और ज्यादातर फल का सेवन करते हैं जिसकी वजह से मोटापे पर नियंत्रण होता है। व्रत के समय हमारी डाइट में सामान्य खाने की जगह व्रत का खाना रहता है जिसमें तले हुए आलू साबूदाने का पापड़, व्रत के चिप्स, मिठाई और फल आदि प्रमुख हैं।

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डीहाइड्रेशन नहीं होता

व्रत के दौरान प्यास ज्यादा लगती है और खाने की बजाय लोग पानी और अन्य तरल पदार्थों का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं जिसकी वजह से डीहाइड्रेशन नहीं होता है। ज्यादा पानी पीने के प्रयोग से भी कई बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

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व्रत रखने के अन्य फायदे

  • व्रत रखने से निकोटीन, ड्रग, शराब और धूम्रपान छूट जाता है।
  • व्रत रखने से शरीर के अंदर से कोलेस्ट्राल की मात्रा कम होती है।
  • व्रत से गैस व कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
  • व्रत रखने से पाचन तंत्र ठीक होता है जिसकी वजह से खाना आसानी से पचता है।
  • व्रत अध्यात्म से जुडा होता है जिससे शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा का एहसास होता है।

नवरात्र में पूरे दिन भूखा रहने और रात में हैवी खाना खाने से बेहोशी आना, चक्कर आना, सिरदर्द होना, कमजोरी महसूस करना आदि समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसलिए व्रत के दौरान हर दो-तीन घंटे में फल और सलाद, जूस आदि लेते रहें। व्रत में खीरा, खरबूज जैसे फलों को खाते रहने से डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होगी और वजन बढ़ने का खतरा भी नहीं रहेगा।

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