हार्ट को स्वस्थ रखने और बेहतर ब्लड सर्कुलेशन के लिए रोज करें ये 7 मजेदार एक्टिविटीज

हार्ट रेट को बेहतर करने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज और बेहतर नींद जरूरी है। रोजाना 30 मिनट की एक्सरसाइज हृदय को स्वस्थ बनाती है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jun 03, 2021
हार्ट को स्वस्थ रखने और बेहतर ब्लड सर्कुलेशन के लिए रोज करें ये 7 मजेदार एक्टिविटीज

बढ़ती तकनीक ने हमें जितनी सहूलियतें दी हैं, उतनी ही बीमारियां भी दी हैं। एक बटन दबाकर सबकुछ पलक झपकते ही हो जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तरह का स्मार्ट इंडिया फिजिकल एक्टिविटी कम होने की वजह से हार्ट डीजीज, कैंसर, डायबिटिज व हड्डियों के रोगों से ग्रसित हो रहा है। शरीर में सबसे जरूरी होती है दिल का धड़कना। अगर यह धड़कन बंद हुई तो इंसान की मौत हो जाती है। ऐसे में फिजिकल एक्टिविट कम होने, तनाव बढ़ने और बिगड़े लाइफस्टाइल की वजह से हृदय रोगों की संख्या भी बढ़ रही है। कानपुर के हृदय रोग संस्थान में कार्डियोलोजी के प्रोफेसर डॉ. अवधेश शर्मा ने हमें कुछ बेहद आसान और मजेदार तरीके बताएं हैं जिनसे आप हार्ट रेट और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर सकते हैं और हृदय को स्वस्थ रखकर हार्ट अटैक जैसी गंभीर परेशानियों से बच सकते हैं। 

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एरोबिक एक्सरसाइज हैं बेस्ट

डॉक्टर अवधेश शर्मा का कहना है कि एरोबिक एक्सरसाइज हार्ट के लिए  सबसे बेस्ट होती हैं। इन एक्सरासाइज से हमारी हार्ट रेट बढ़ती हैं और हमारा शरीर उस लेवल के प्रेशर को झेलने के तैयार होता है। 

वे कहते हैं कि व्यायाम करने से हमारे शरीर से गुड हार्मोन निकलते हैं जिससे हम खुश रहते हैं और हार्ट स्वस्थ रहता है। एरोबिक एक्सरसाइज कार्डियोवास्कुलर ट्रेनिंग करती हैं। जिससे हार्ट रेट बढ़ता है और पंपिंग कैपेसिटी भी बढ़ती है। 

पंपिंग कैपेसिटी का मतलब है कि दिल से 1 मिनट में 5 लीटर ब्लड पंप होता है। अगर कोई व्यक्ति एक्सरसाइज नहीं कर रहा है और अगर किसी दिन उसके ऊपर अचानक कोई ऐसा दबाव आया या तनाव हुआ तो पेशेंट को हार्ट अटैक हो जाएगा। क्योंकि पेशेंट उस बढ़े हुए लोड को ले नहीं पाया। इसलिए हृदय को पंप कराना जरूरी है।

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हार्ट पंपिंग के आसान तरीके

1. रनिंग, वॉकिंग और जॉगिंग

यह तीनों शब्द सुनने में तो बहुत आसान लग रहे हैं, लेकिन दिन के 30 मिनट भी हम इन तीनों आसान एक्सरसाइज के लिए नहीं निकाल पाते हैं। डॉक्टर का कहना है कि दौड़ने से हार्ट रेट बढती है और हार्ट को ज्यादा काम करना पड़ता है जिस वजह से हार्ट की पंपिंग भी बढ़ती है। ऐसे व्यक्ति हार्ट अटैक जैसी परेशानियों से दूर रहते हैं। 

डॉक्टर कहते हैं कि नियमित तौर पर रनिंग करने से तनाव कम होगा। शरीर में हैप्पी हार्मोन बनेंगे। व्यक्ति खुश रहेगा। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और हार्ट अटैक खतरा कम होगा।

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हार्ट अटैक क्यों होता है?

डॉक्टर का कहना है कि जब किसी पर अचानक कोई दबाव या तनाव पड़ता है तब हार्ट अटैक होता है। यह तनाव जॉब, इमोशनल, फैमिली इशु, फिजिकल कारण आदि किसी भी तरह के तनाव की वजह से हार्ट अटैक होता है। अगर पेशेंट की बॉडी पहले से इन सब कामों के लिए तैयार होगी तो पेशेंट को हार्ट की समस्या कम होगी। वे कहते हैं कि  धमनियों में थक्के बनने लग जाते हैं। जिस वजह से धमनियों में संकुचन शुरू हो जाता है। जैसे ही कोई सडन ट्रॉमा बॉडी पर पड़ता है तो प्लाक (थक्का) फट जाता है। उस थक्के में लचीला पदार्थ होता है। जैसे गोंद। जिस वजह से पूरी आर्टरी ब्लॉक हो जाती है। इस वजह से हार्ट अटैक होता है।

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2. स्वीमिंग

डॉक्टर अवधेश शर्मा का कहना है कि जो लोग स्वीमिंग करते हैं उनमें भी उनका पूरा शरीर स्वीमिंग कर रहा होता है जिस वजह से पूरे शरीर की मांसपेशियां काम कर रही होती हैं। इससे मोटापा भी कम होता है। मोटापा हृदय रोग के लिए सबसे बड़ा कारण है। स्वीमिंग करने से यह कम होता है। जिस वजह से उसका हार्ट रेट सही होगा और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा तो हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाएगा। 

3. साइकलिंग

डॉक्टर अवधेश शर्मा बताते हैं कि एक कार्डियो का डॉक्टर होने के नाते मैं खुद नियमित तौर पर साइकलिंग करता हूं। बाकी एक्सरसाइज करने का समय मिले या न मिले पर साइकलिंग जरूर करता हूं। वे कहते हैं कि साइकलिंग करने से भी पूरा शरीर एक्टिव रहता है, जिससे हार्ट रेट बेहतर होती है। वे वेट लिफ्टिंग को प्रमोट करने को मना करते हैं। वे हार्ट के लिए ऐसी एक्सरसाइज करने को कहते हैं जिससे पूरे शरीर की मांसपेशियां एक्टिव रहें। 

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कितने समय करें एक्सरसाइज?

कार्डियोलोजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के मुताबिक 5 दिन रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें। कोई भी एरोबिक एक्सरसाज हो, करनी चाहिए।

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4. अच्छे दोस्त बनाएं

डॉक्टर अवधेश शर्मा का कहना है कि अगर आपका फ्रेंड सर्किल अच्छा है तो उससे आपको मेंटल स्ट्रेस कम होगा जिससे हार्ट अटैक की संभावना कम होगी। डॉक्टर का कहना है कि आजकल लोगों को अच्छे दोस्तों की कंपनी नहीं मिल पाती, वे खुद में ही घुलते रहते हैं। जिस वजह से उन्हें बीपी, शुगर, अवसाद, ओवरइटिंग, मोटापा आदि परेशानियां बढ़ती हैं और कार्डियक डिजीज का खतरा बढ़ता है। ऐसे दोस्त बनाएं जिनके साथ आपको स्मोकिंग या शराब न पीनी पड़े। क्योंकि ये कार्डियक डिजीज को बढ़ाते हैं। अच्छे दोस्तों की कंपनी भी आपका हृदय स्वस्थ रखती है। 

5. रिश्तों में अनबन खत्म करें

जिन रिश्तों में अनबन होती है वहां, भी तनाव बढ़ता है और वे लोग भी हार्ट अटैक के लिए प्रोन होते हैं। इसलिए इन अनबन को आपसी बातचीत से खत्म करें और खुशहाल जीवन जीने की कोशिश करें। 

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6. अच्छी नींद लें

डॉक्टर कहते हैं कि अच्छी नींद हार्ट की मांसपेशियों को फिर से बेहतर तरीके से काम करने के लिए ऊर्जा देती है। जिस वजह से आप अगले दिन के लिए एनर्जेटिक रहते हैं। 

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7. हेल्दी फूड के शौकीन बनें 

वे लोग हेल्दी फूड के शौकीन होते हैं उनमें भी हार्ट अटैक का रिस्क कम होता है। साथ ही वे लोग भी जो अच्छा खाना बनाने के शौकीन होते हैं वे भी हार्ट को स्वस्थ रखते हैं। ये सभी काम आपका स्ट्रेस कम करते हैं। जिस वजह से हार्ट स्वस्थ रहता है। और हार्ट अटैक का रिस्क कम हो जाता है। 

कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर अवधेश शर्मा का कहना है कि मन को खुश रखना और शरीर को खुश रखना दोनों ही बेहतर हार्ट के लिए जरूरी हैं। डॉक्टर कहते हैं कि रनिंग, वॉकिंग, जॉगिंग आदि से हार्ट की पंपिंग को स्ट्रांग किया जा सकता है। जब हार्ट की पंपिंग अच्छी होगी हार्ट अटैक का खतरा खुद ही कम हो जाएगा। 

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