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साल में एक बार फुल बॉडी हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी है? जानें इसमें कौन से टेस्ट होते हैं और क्या पता चलता है

फुल बॉडी चेकअप करवाने से आप बीमारी का पता शुरूआती स्‍टेज में लगा सकते हैं, जानें इसके फायदे 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Oct 26, 2021 13:14 IST
साल में एक बार फुल बॉडी हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी है? जानें इसमें कौन से टेस्ट होते हैं और क्या पता चलता है

इलाज से बेहतर है बचाव, ये कथन फुल बॉडी चेकअप पर लागू होता है। अगर आप बीमार पड़ने से पहले ही चेकअप करवा लें तो बीमारी से बच सकते हैं। हम से ज्‍यादातर लोग इसे नजरअंदाज करते हैं पर आपकी सेहत की बेहतरी के ल‍िए आपको फुल बॉडी चेकअप साल में एक या दो बार जरूर करवाना चाह‍िए। अगर आप 60 साल या उससे ऊपर हैं तो साल में दो बार चेकअप करवाएं और उससे कम उम्र वाले लोगों को साल में एक बार चेकअप करवाना चाहि‍ए। इस लेख में हम फुल बॉडी चेकअप के अंतर्गत आने वाले टेस्‍ट और फायदों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

important test

(image source:hervard.com)

फुल बॉडी हेल्थ चेकअप क्‍या होता है? (What is full body health checkup)

साल में एक बार आपको फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाह‍िए। सेहत की देखभाल के ल‍िए साल में एक या दो बार जो पूरी बॉडी की जांच की जाती है उसे फुल बॉडी चेकअप कहते हैं। जरूरी नहीं है क‍ि ये चेकअप बीमार होने के बाद ही क‍िया जाए, आप स्‍वस्‍थ्‍य होने के बावजूद इस चेकअप को करवा सकते हैं ज‍िससे भव‍िष्‍य में होने वाले खतरों से बचा जा सके। 

फुल बॉडी हेल्थ चेकअप से क्‍या पता चलता है?

फुल बॉडी चेकअप से आप क‍िसी बीमारी का पता समय पर लगा सकते हैं। कैंसर जैसी बहुत सी बीमार‍ियां हैं जिनका इलाज आख‍िरी स्‍टेज में आकर मरीज को जोख‍िम में डाल देता है इसल‍िए अगर आप समय-समय पर फुल बॉडी चेकअप करवाते रहें तो बीमार‍ियां के खतरे से बच सकते हैं।

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फुल बॉडी हेल्थ चेकअप के फायदे (Benefits of full body health checkup)

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(image source:healthcheckups.org)

आपको न‍ियम‍ित तौर पर हेल्‍थ चेकअप करवाते रहना चाह‍िए, इससे कई फायदे म‍िलते हैं-

  • फुल बॉडी चेकअप करवाने से जो बीमारी शरीर के अंदर मौजूद है उसकी स्‍टेज का पता चल जाता है। 
  • समय पर बीमारी का पता चलने पर इलाज जल्‍दी शुरू कर सकते हैं, और मरीज ज्‍यादा जोख‍िम भरे इलाज से बच जाता है। 
  • कम स्‍टेज पर बीमारी का पता लगने पर मरीज को तकलीफ कम होती है और इलाज का खर्चा भी बच जाता है।
  • फुल बॉडी चेकअप करवाने से लंबे समय तक जीव‍ित रहने की संभावना बढ़ जाती है और आप एक स्‍वस्‍थ जीवन जी सकते हैं।
  • फुल बॉडी चेकअप करवाते रहने से नई मेड‍िकल त‍कनीक और तरीकों के बारे में जानकारी म‍िलती रहती है।

फुल बॉडी हेल्थ चेकअप में ज्‍यादातर किए जाने वाले टेस्‍ट (Medical tests under full body health checkup)

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(image source:shopify)

फुल बॉडी चेकअप में डॉक्‍टर आपका कद और वजन सबसे पहले जांचेगा। इसके बाद ब्‍लड प्रेशर और ऑक्‍सीजन लेवल और हार्ट रेट का पता लगाया जाता है। इसके बाद डॉक्‍टर आपसे हेल्‍थ प्रॉब्‍लम या सेहत से जुड़ी शंकाओं की जानकारी लेंगे और उस आधार पर कुछ टेस्‍ट करवाने की सलाह दे सकते हैं- 

ब्‍लड टेस्‍ट (Blood test)

फुल बॉडी चेकअप में आपको ब्‍लड टेस्‍ट करवाना चाह‍िए। ये सबसे बेस‍िक टेस्‍ट है ज‍िसकी मदद से आपको कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर, ब्‍लड शुगर, क‍िडनी और लीवर फंक्‍शन आद‍ि का पता चल जाएगा। ज‍िन लोगों को फ्लू या डेंगू के लक्षण होते हैं उनका पता भी ब्‍लड टेस्‍ट की मदद से लगाया जा सकता है।

कैंसर स्‍क्रीन‍िंग (Cancer screening)

फुल बॉडी चेकअप में आपको कैंसर स्‍क्रीन‍िंग भी करवानी चाह‍िए, मह‍िलाओं को तीस की उम्र के बाद ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव के तरीकों में मेमोग्राम करवाना चाह‍िए। वहीं सर्वाइक‍िल कैंसर से बचने के ल‍िए पैप स्‍म‍ियर टेस्‍ट भी करवाया जाता है। वहीं पुरुषों को प्रोस्‍टेट एग्‍जाम करवाना चाह‍िए ताक‍ि प्रोस्‍टेट कैंसर के खतरों से बचा जा सके। 

ईसीजी टेस्‍ट (ECG test)

अगर आपको हार्ट की बीमारी के लक्षण नजर आ रहे हैं या द‍िल की अन‍ियम‍ित धड़कन महसूस हो रही है तो आप ईसीजी टेस्‍ट करवा सकते हैं, फुल बॉडी चेकअप में भी 40 की उम्र के बाद ईसीजी टेस्‍ट क‍िया जाता है। ईसीजी टेस्‍ट के जरिए हार्ट रेट के बारे में पता चलेगा या द‍िल की अन‍ियमित धड़कन का कारण डॉक्‍टर बता सकते हैं।

पल्‍मोनरी फंक्‍शन टेस्‍ट (Pulmonary function test)

लंग्‍स की सेहत सुन‍िश्‍च‍ित करने के ल‍िए आपको डॉक्‍टर पल्‍मोनरी फंक्‍शन टेस्‍ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। अगर आपको सांस लेने में तकलीफ है या घबराहट जैसे लक्षण नजर आते हैं तो आप डॉक्‍टर के पास चेकअप के ल‍िए जाएं पर फुल बॉडी चेकअप में इस टेस्‍ट को भी किया जाता है ज‍िससे फेफड़ों की स्‍थ‍िति का पता लगाया जा सके।

अन्‍य टेस्‍ट (Other tests)

फुल बॉडी चेकअप में लोग अक्‍सर न्‍यूरो से जुड़े टेस्‍ट को नजरअंदाज करते हैं पर आज की भागती लाइफ में ज्यादातार लोग स्‍ट्रेस और ड‍िप्रेशन के मरीज होते हैं ऐसे में आपको द‍िमाग से जुड़ी समस्‍या के लक्षण नजर आने पर साइकोलॉज‍िस्‍ट का अपॉइंटमेंट भी जरूर लेना चाह‍िए। वहीं तीस पार के बाद मह‍िलाओं को भी रूटीन चेकअप करवाते रहना चाह‍िए, मेनोपॉज की उम्र में कई बीमार‍ियां होने का खतरा रहता है ऐसे में आपको क्‍लीन‍िक जाकर फुल बॉडी चेकअप अवश्‍य करवाना चाहिए।

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मेडिकल टेस्‍ट करवाने से पहले इन बातों का ध्‍यान रखें 

 health checkup

(image source:healthcheckups.org)

  • आप फुल बॉडी चेकअप में मेड‍िकल टेस्‍ट करवाने जा रहे हैं तो डॉक्‍टर को एलर्जी और मौजूदा समय में खाई जा रहीं दवाओं के बारे में बताएं। 
  • अगर आपको कोई नए लक्षण शरीर में नजर आ रहे हैं तो उसकी जानकारी डॉक्‍टर को जरूर दें। 
  • आप पहले क‍िसी बीमारी से गुजर चुके हैं या कोई ट्रीटमेंट करवा चुके हैं तो उसकी जानकारी भी डॉक्‍टर को दें।
  • क‍िसी बीमारी को लेकर आपको भ्रम है या आपकी फैम‍िली ह‍िस्‍ट्री में कोई बीमारी है तो आप उसकी जानकारी भी डॉक्‍टर को जरूर दें।

हेल्‍थ बीमा योजना के तहत मुफ्त जांचें 

फुल बॉडी चेकअप के ल‍िए जा रहे हैं तो आप अपनी हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कंपनी से भी संपर्क कर सकते हैं। कई स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजनाओं के तहत साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप फ्री होता है। आप कंपनी के फ्री हेल्‍थ चेकअप का लाभ उठा सकते हैं। कुछ योजनाओं में फ्री होम टेस्‍ट की सुव‍िधा भी होती है ज‍िसमें घर बैठे आप कुछ टेस्‍ट करवा सकते हैं। 

बीमार होकर अस्‍पताल जाने में समझदारी नहीं है, आप पहले ही चेकअप करवा लें तो बीमारी को शुरूआती स्‍टेज में पकड़ा जा सकता है।

(main image source:google)

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