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Sperm Quality बढ़ाने के आसान उपाय, फर्टिलिटी एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी पर बुरा असर होता है। ऐसे में इन समस्याओं से राहत के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है। आइए लेख में जानें - 
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Sperm Quality बढ़ाने के आसान उपाय, फर्टिलिटी एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

ways to improve sperm quality in hindi: आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण बहुत से पुरुष को स्पर्म क्वालिटी के खराब होने की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण फर्टिलिटी से जुड़ी कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में इनफर्टिलिटी से बचने और स्पर्म की क्वालिटी में सुधार करने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है। ऐसे में आइए नागपुर के बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ के फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. प्रमोद मधुकर येरणे (Dr Pramod Madhukar Yerne, Fertility Specialist, Birla Fertility & IVF, Nagpur) से जानें स्पर्म क्वालिटी बढ़ाने के लिए कौन से उपाय अपनाएं?


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स्पर्म क्वालिटी बढ़ने के उपाय - Ways to increase sperm quality in hindi

डॉ. प्रमोद मधुकर के अनुसार, अक्सर पुरुषों की फर्टिलिटी पर ज्यादा बात नहीं होती है। सीमेन एनालिसिस को अक्सर पूरी कहानी मान लिया जाता है, जबकि असल में, स्पर्म हेल्थ शरीर की पूरी हालत को उससे कहीं ज्यादा करीब से दिखाती है, जितना ज्यादातर पुरुष सोचते हैं।

डॉ. प्रमोद मधुकर बताते हैं कि नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन में बताया गया है कि जिन पुरुषों का BMI ज्यादा होता है, जो ज्यादा अल्कोहल पीते हैं और खराब डाइट लेते हैं, उनमें लगातार स्पर्म कंसंट्रेशन (sperm concentration) कम होता है और मोटिलिटी कमजोर (poorer motility) होती है। वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक और स्टडी में पाया गया कि जिन पुरुषों ने वजन, एक्सरसाइज की आदतों और नींद की क्वालिटी में सुधार किया, उनके स्पर्म पैरामीटर्स में मापने लायक सुधार दिखा।

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स्पर्म क्वालिटी में सुधार करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी है, जिससे पुरुषों को फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिलती है। आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण पुरुषों को हार्मोन्स के असंतुलित होने, स्ट्रेस बढ़ने और स्पर्म क्वालिटी के खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है।

डॉ. प्रमोद मधुकर कहते हैं कि 12 हफ्ते का रीसेट सही है क्योंकि स्पर्म डेवलपमेंट में लगभग 74 दिन लगते हैं। मकसद परफेक्शन नहीं है, यह अलाइनमेंट है। छोटे, लगातार एडजस्टमेंट जो शरीर को रीकैलिब्रेट (recalibrate) करने का समय देते हैं।

हफ्ते 1-4: बेसिक चीजें फिर से शुरु करें

हेल्दी डाइट लें

सबसे पहले न्यूट्रिशन: सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, नट्स, सीड्स और ओमेगा-3 फैट से भरपूर डाइट को लेने से स्पर्म पर पॉजिटिव असर से जोड़ा गया है। इससे स्पर्म काउंट में सुधार करने में मदद मिलती है, जो पुरुष प्रोसेस्ड फूड पर बहुत ज्यादा निर्भर रहते हैं, उनमें अक्सर इसका उल्टा असर दिखता है। 

नियमित एक्सरसाइज करें

स्पर्म की अच्छी क्वॉलिटी के लिए हल्की मूवमेंट जरूरी है। एंड्योरेंस एथलीट पर स्टडी करने वाले रिसर्चर लंबे समय से यह देखते आए हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन रे अनुसार बहुत ज्यादा हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग से स्पर्म काउंट कम हो सकता है, लेकिन हल्की एरोबिक एक्सरसाइज को हफ्ते में लगभग 150 मिनट तक करने से हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट करता है।

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वजन में जल्दी सुधार करे

वजन में 5–7% की कमी से भी टेस्टोस्टेरोन बेहतर हो सकता है और शरीर की सूजन कम हो सकती है, जो दोनों ही स्पर्म प्रोडक्शन के लिए जरूरी हैं।

हफ्ते 5-8: छिपे हुए स्ट्रेस को कम करें

गर्मी के संपर्क में आना

रिप्रोडक्टिव बायोलॉजिस्ट (Reproductive biologists) ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि कैसे लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने जैसे गर्म पानी से नहाना, टाइट कपड़े और गोद में लैपटॉप रखकर इस्तेमाल करने से सीमेन की क्वालिटी पर असर पड़ते है।

स्ट्रेस कम करें और नींद में सुधार करे

बढ़ते स्ट्रेस के कारण व्यक्ति के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो हार्मोनल पाथवे को बिगाड़ता है। इसके कारण स्पर्म क्वालिटी पर बुरा प्रभाव होता है। बता दें चीन में 2020 में हुई एक स्टडी से पता चला कि जो पुरुष रात में छह घंटे से कम सोते हैं, उनमें टोटल मोटिव स्पर्म काउंट कम होता है। एक फिक्स्ड स्लीप विंडो बनाने से इन रिदम को स्थिर करने में मदद मिलती है।

ऐसे में पुरुषों में स्ट्रेस के स्तर को कम करने के लिए नियमित रूप से योग और मेडिटेशन करें। वहीं, अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटों की पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है। नियमित रूप से भरपूर नींद लेने से शरीर में हार्मोन्स के स्तर को बैलेंस करने, ब्रेन रिलैक्स करने, स्पर्म क्वालिटी में सुधार करने और स्पर्म के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

हफ्ते 9-12: फाइन-ट्यूनिंग

एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाना खाएं

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस स्पर्म DNA डैमेज के सबसे आम कारणों में से एक है। ऐसे में विटामिन सी और ई, लाइकोपीन और पॉलीफेनोल्स से भरपूर डाइट स्पर्म को रिपेयर में मदद करती है।

रिव्यू करें और बनाए रखें

बारहवें हफ्ते तक, कई पुरुषों को एनर्जी, लिबिडो और पूरी सेहत में बदलाव महसूस होते हैं, जो अक्सर बेहतर हार्मोनल अलाइनमेंट के शुरुआती संकेत होते हैं।

निष्कर्ष

पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी में सुधार करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी है। स्पर्म हेल्थ पुरुषों को जितना बताया जाता है, उससे कहीं ज्यादा आसानी से ढल जाती है। एक स्ट्रक्चर्ड 12-हफ्ते का रीसेट न सिर्फ नेचुरल फर्टिलिटी पोटेंशियल को बेहतर बनाता है, बल्कि अगर पुरुष असिस्टेड कंसीवेशन की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें एक मजबूत स्थिति में भी रखता है। ध्यान रहे, पुरुषों को फर्टिलिटी से जुड़ी अधिक समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Images Credit- Freepik

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  • Nov 20, 2025 22:37 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Nov 20, 2025 22:37 IST

    Published By : Priyanka Sharma

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