क्‍या आपको भी सताता है एडि़यों का दर्द? जाने पैराेें में दर्द के 5 कारण

एडि़यों में एक सामान्‍य समस्‍या है जो अकसर खुद ब खुद ठीक हो जाती है। लेकिन कई बार यह काफी परेशान भी कर सकती है। एड़‍ियों में दर्द के कारणों को जानकर आप इसे बेहतर तरीके से मसझ सकते हैं  और साथ ही इसका बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं।

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Aug 01, 2014
क्‍या आपको भी सताता है एडि़यों का दर्द? जाने पैराेें में दर्द के 5 कारण

एडि़यों में दर्द होना सामान्‍य बात है। इसमें एड़ियों के नीचे या उसके पीछे दर्द होता है। एड़ियों का दर्द कई बार काफी गंभीर हो सकता है। कई बार यह दर्द आपका संतुलन भी बिगाड़ सकता है। लेकिन कुछ मामलों में यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकता है।

इंसान के पैर में कुल 26 हड्डियां होती हैं। इसमें से एड़ी की हड्डी (कैलकेनियस) सबसे बड़ी होती है। इंसानी की एड़ी की हड्डी को कुदरती रूप से शरीर का वजन उठाने और संतुलन के उद्देश्‍य से तैयार किया गया है। जब हम पैदल चलते या दौड़ते हैं तो यह उस दबाव को झेलती है जो पैर के जमीन पर पड़ने के बाद उत्‍पन्‍न होता है। और इसके साथ ही यह हमें अगले कदम की ओर धकेलती भी है।

एड़ियों में दर्द आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। लेकिन अगर यह दर्द लंबे समय तक बना रहे या काफी तेज और परेशान करने वाला दर्द हो, तो इस दर्द की कई वजह हो सकती हैं। अधिकतर पैरों में या एडि़यों में दर्द का कारण अधिक पैदल चलना या दौड़-भाग करना होता है। लेकिन अगर बिना चले फिरे पैरों में दर्द हो, तो यह दर्द कई कारणों से हो सकता है। 

कितना वजन झेलता है पैर

जानकारों का कहना है कि पैदल चलने पर हमारे पैरों पर शरीर के वजन का 1.25 गुना अधिक दबाव पड़ता है। वहीं दौड़ते समय 2.75 गुना अधिक दबाव हमारे पैरों को झेलना पड़ता है। नतीजतन, एड़ी के क्षतिग्रस्‍त होने और उसमें चोट लगने की आशंका सबसे अधिक होती है।

दर्द के कारण

अधिकतर मामलों में एड़ी में दर्द यांत्रिक कारणों से होता है। यह अर्थराइटिस, संक्रमण, ऑटो इम्‍यून परेशानी, न्‍यूरोलॉजिकल समस्‍याओं अथवा किसी अन्‍य परेशानी से हो सकती है। हो सकता है कि पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली समस्‍या के कारण भी एड़ी में दर्द हो सकता है।

प्‍लांटर फेसकिटिस

इस परिस्थिति में प्‍लांटर फेसिका में सूजन आ जाती है। प्‍लांटर फेसिका मजबूत बंधन होता है, जो एड़ी की हड्डी से होकर पैरों के अगले हिस्‍से तक जाता है। जब इस बंधन को बहुत अधिक खींचा जाता है तो इसके कोमल उत्‍तकों में सूजन आ जाती है। यह सूजन आमतौर पर उस हिस्‍से में आती है, जहां यह एड़ी के साथ जुड़ा होता है। कई बार यह समस्‍या पैर के बीच वाले हिस्‍से में भी आ जाती है। पीडि़त को पैर के निचले हिस्‍से में दर्द होता है। खासतौर पर काफी देर आराम करने के बाद यह दर्द ज्‍यादा होता है। कुछ मरीजों में यदि स्‍नायुजाल सख्‍त हो जाए, तो उनकी पिण्‍डली की मांसपेशियां खिंच जाती हैं।

हील बरसिटिस

इस परिस्थिति में एड़ी के पिछले हिस्‍से में सूजन आ जाती है। इस हिस्‍से को बरसा  (bursa) कहा जाता है। यह एक रेशेदार कोश होता है जिसमें तरल पदार्थ भरा होता है। टाइट जूते पहनने से भी एड़ी के हिस्‍से पर अधिक दबाव आ जाता है, जिस कारण सूजन की यह समस्‍या हो सकती है। इसमें दर्द या तो एड़ी के बहुत अंदर महसूस होता है या फिर एड़ी के पिछले हिस्‍से में। कभी-कभार स्‍नायुजाल में सूजन आ जाती है। और दिन बढ़ने के साथ-साथ दर्द भी बढ़ता चला जाता है।

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हील बम्‍पस

किशोरावस्‍था में यह समस्‍या आम है। यह परिस्‍थिति तब होती है जब एड़ी की हड्डी पूरी तरह परिपक्‍व हुए बिना जरूरत से ज्‍यादा घिस जाती है। जिन लोगों के पैर सपाट होते हैं, आमतौर पर उन्‍हें इस तरह की समस्‍या होती है। इसके साथ ही वे महिलायें जो हड्ड‍ियां परिपक्‍व होने से पहले ऊंची एड़ी पहनना शुरू कर देती हैं, उन्‍हें भी इस प्रकार की समस्‍या हो सकती है।

ट्रासल टनल सिंड्रोम

इसमें पैर के पिछले हिस्‍से की नस पर दबाव पड़ता है। या वह नस फंस जाती है। इसे एक प्रकार की संपीड़न न्‍यूरोपैथी कहा जा सकता है, जो या तो टखने या पैर में होती है।

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स्‍ट्रेस फेक्‍चर

यह फेक्‍चर एड़ी पर लगातार आवश्‍यकता से अधिक दबाव पड़ने के कारण होता है। आमतौर पर ऐसा दबाव गहन व्‍यायाम, खेल और भारी शारीरिक श्रम के कारण होता है। धावकों कों ऐसा फ्रेक्‍चर होने का खतरा अधिक होता है। उन्‍हें पैरों की प्रपदिकीय हड्डी में यह फ्रेक्‍चर होता है। यह परेशानी ऑस्‍टीयोपोरोसिस के कारण भी हो सकती है।

बच्‍चों और किशोर एथलीटों में एड़ी में दर्द की बड़ी वजह एड़ी की हड्डी का आवश्‍यकता से अधिक इस्‍तेमाल होता है। 7 से 15 वर्ष के बच्‍चों में यह समस्‍या अधिक देखी जाती है।

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