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क्या बच्चेदानी निकलवाने के बाद पीरियड्स होते हैं? डॉक्टर से जानें

कई हेल्थ कंडीशन में महिलाओं को बच्चेदानी को निकालने की आवश्यकता होती है। इस लेख में जानते हैं कि क्या बच्चेदानी को निकालने के बाद पीरियड्स आते हैं?
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क्या बच्चेदानी निकलवाने के बाद पीरियड्स होते हैं? डॉक्टर से जानें


महिलाओं के शरीर में हर अंग की अपनी-अपनी अहमियत होती है। लेकिन, कई बार कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण जैसे की यूटेराइन फाइब्रॉइड्स (Uterine Fibroids), एंडोमेट्रियोसिस, गर्भाशय का प्रोलैप्स (अपनी स्थिति से नीचे खिसकना), अनियमित और अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भाशय कैंसर (Uterine Cancer) और पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज में कुछ महिलाओं को बच्चेदानी को निकालने आवश्यकता होती है। बच्चेदानी को बाहर निकालने वाली सर्जरी को हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) कहा जाता है। इसमें गर्भाशय को किसी समस्या के चलते बाहर निकला जाता है। इस प्रक्रिया के बाद महिलाओं के शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी के अभाव में कई बार महिलाओं के मन में प्रश्न उठता है कि क्या बच्चेदानी को बाहर निकालने के बाद पीरियड्स आते हैं। इस लेख में साईं पॉलीक्लीनिक की सीनियर गाइनक्लॉजिस्ट डॉ. विभा बंसल से जानते हैं कि क्या गर्भाशय को बाहर निकालने के बाद पीरियड्स आते हैं या नहींं?

क्या बच्चेदानी निकलवाने के बाद पीरियड्स होते हैं? - Does Menstruation Occur After Hysterectomy in Hindi

स्टडी बताती हैं कि पीरियड्स गर्भाशय की परत (Endometrium) के टूटने से होता है, और जब गर्भाशय हटा दिया जाता है, तो यह प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो जाती है। इसलिए, यदि पूरी हिस्टेरेक्टॉमी हो चुकी है, तो मासिक धर्म नहीं होगा। हालांकि, यदि केवल गर्भाशय निकाला गया है और ओवरी सुरक्षित हैं, तो शरीर में हार्मोनल गतिविधि जारी रहेगी। इससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का निर्माण होता रहेगा, लेकिन इस स्थिति में गर्भाशय नहीं होगा, इसलिए पीरियड्स नहीं आएंगे।

हिस्टेरेक्टॉमी के प्रकार और पीरियड्स पर पड़ने वाले प्रभाव

हिस्टेरेक्टॉमी के विभिन्न प्रकार होते हैं, जो यह निर्धारित करते हैं कि सर्जरी के बाद पीरियड्स होगा या नहीं। आगे जानते हैं इसके बारे में।

  • टोटल हिस्टेरेक्टॉमी (Total Hysterectomy): इस प्रक्रिया में पूरा गर्भाशय (बच्चेदानी) और गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) निकाल दी जाती है। इस स्थिति में महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
  • सबटोटल या पार्टियल हिस्टेरेक्टॉमी (Subtotal or Partial Hysterectomy): इसमें गर्भाशय का केवल ऊपरी हिस्सा निकाला जाता है, जबकि गर्भाशय ग्रीवा बनी रहती है। यदि ओवरी (Ovaries) भी सही हैं, तो हार्मोनल परिवर्तन में गिरावट आती है और कुछ महिलाओं को हल्की ब्लीडिंग हो सकती है।
  • रैडिकल हिस्टेरेक्टॉमी (Radical Hysterectomy): इसमें गर्भाशय, सर्विक्स, फैलोपियन ट्यूब्स, आसपास के टिश्यू और कभी-कभी ओवरी भी निकाल दिए जाते हैं। तो इसमें भी महिलाओं को पूरी तरह से मासिक धर्म बंद हो जाता है।

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बच्चेदानी को हटाने के लिए बाद यदि ओवरी नहीं हटाई गई है तो हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है और इस स्थिति में मेनोपॉज के लक्षण जल्दी दिखाई दे सकते हैं। इसमें महिलाओं को हार्ट फ्लैशेज, नींद से जुड़ी समस्या और मूड स्विंग्स आदि लक्षण महसूस हो सकते हैं।

कुछ महिलाओं को हिस्टेरेक्टॉमी के बाद हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो सकती है, जो आमतौर पर सर्जरी के कुछ हफ्तों तक रहता है। लेकिन अगर ब्लीडिंग ज्यादा है या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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