Fri Sep 11, 2026 | 07:12 PM IST

Doctor Verified

क्या अंडे खाने से शुक्राणु (Sperm Count) बढ़ते हैं? जानें डॉक्टर से

क्या अंडे खाने से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है? जानिए अंडे और स्पर्म काउंट का वैज्ञानिक संबंध और इस पर डॉक्टर की राय।

आजकल पुरुषों में कम स्पर्म काउंट एक आम चिंता बनती जा रही है। बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, गलत खानपान, नींद की कमी और मोबाइल-लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, ये सभी चीजें पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को धीरे-धीरे प्रभावित कर रही हैं। जब किसी कपल को कंसीव करने में परेशानी आती है, तो कई बार जांच के दौरान पुरुष में स्पर्म काउंट या स्पर्म क्वालिटी कम पाई जाती है। ऐसे में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्या खानपान से इस स्थिति में सुधार किया जा सकता है।

अंडा एक ऐसा फूड है, जिसे कुछ लोग हेल्दी मानते हैं तो कुछ लोग अनहेल्दी। इसी तरह अंडे से स्पर्म काउंट बढ़ता है या नहीं, इसे लेकर भी लोगों के अलग-अलग विचार हैं। कुछ लोग मानते हैं कि रोज अंडे खाने से स्पर्म काउंट बढ़ता है, वहीं कुछ को लगता है कि इसका कोई खास असर नहीं होता। तो आखिर सच्चाई क्या है? क्या वाकई अंडे शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाते हैं या फिर इनका रोल कुछ और है? चलिए इसे विज्ञान और एक्सपर्ट की राय के आधार पर समझते हैं।

क्या अंडे सीधे स्पर्म काउंट बढ़ाते हैं?

यहां सबसे पहले एक बात साफ समझनी जरूरी है। अंडा कोई दवा नहीं हैं, जो सीधे स्पर्म काउंट को बढ़ा दे। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि अंडे स्पर्म काउंट को प्रभावित नहीं करते। असल में अंडे पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं, जिससे स्पर्म की क्वालिटी बेहतर हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: पुरुषों में शारीर‍िक कमजोरी दूर करते हैं उबले हुए अंडे, जानें रेगुलर अंडे खाने के 5 फायदे

डॉक्टर की क्या राय है?

इस बारे में Pune के Apollo Spectra Hospital के Gynecologist, Dr Nitin Gupte कहते हैं, "अंडे सीधे तौर पर शुक्राणु (स्पर्म) की संख्या नहीं बढ़ाते, लेकिन नियमित और संतुलित मात्रा में अंडों का सेवन करने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता और सम्पूर्ण पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंडे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं।"

egg-increase-sperm

अंडों में ऐसा क्या होता है जो फायदेमंद है?

अंडे को अक्सर एक "कम्प्लीट फूड" कहा जाता है और इसकी वजह इसके पोषक तत्व हैं। अंडों में मिलने वाला हाई क्वालिटी प्रोटीन शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है, जिसमें शुक्राणु भी शामिल हैं।

डॉ नितिन बताते हैं कि, "अंडों में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन B12, विटामिन D, सेलेनियम और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।"

ये सभी तत्व स्पर्म की संख्या और क्वालिटी से जुड़े माने जाते हैं। खासकर जिंक और सेलेनियम शुक्राणुओं की संरचना और उनकी मोटिलिटी यानी चलने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: आयुर्वेद के अनुसार अंडे का सेवन कब और कैसे करना चाहिए? जानें एक्सपर्ट से

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से कैसे बचाते हैं अंडे?

आज की लाइफस्टाइल में तनाव, प्रदूषण और गलत खानपान की वजह से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। इसका असर शुक्राणुओं पर भी पड़ता है। डॉ नितिन के अनुसार, "अंडों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शुक्राणुओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं, जिससे उनकी गतिशीलता (मोटिलिटी) और संरचना में सुधार हो सकता है।"

टेस्टोस्टेरोन और अंडों का कनेक्शन

स्पर्म प्रोडक्शन के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बहुत जरूरी होता है। अंडों में मौजूद पोषक तत्व इस हार्मोन के संतुलन को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अंडे अप्रत्यक्ष रूप से स्पर्म उत्पादन की प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं।

इसे भी पढ़ें: सेहतमंद रहने के लिए सर्दियों में अंडा कैसे खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

सिर्फ अंडे काफी नहीं हैं

यहां एक जरूरी बात फिर से समझना जरूरी है। सिर्फ अंडे खाने से स्पर्म काउंट में कोई चमत्कारी बढ़ोतरी नहीं होती। इसके लिए पूरी लाइफस्टाइल का ध्यान रखना जरूरी है। जैसा कि डॉ नितिन भी बताते हैं, "अंडे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के संतुलन में भी सहायक होते हैं, जो शुक्राणु उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, केवल अंडे खाने से ही शुक्राणु संख्या में कोई चमत्कारी वृद्धि नहीं होती। इसके लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव से दूरी रहे, नियमित आहार में पालक, अखरोट, बीज, फल और अश्वगंधा शामिल करे, प्लास्टिक कंटेनर में रखे खाने, ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स, प्रोसेस्ड मीट के साथ-साथ धूम्रपान और शराब से बचें।"

कुल मिलाकर सवाल का जवाब साफ है। अंडे सीधे स्पर्म काउंट नहीं बढ़ाते, लेकिन ये पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक मजबूत सपोर्ट जरूर देते हैं। अगर इन्हें संतुलित आहार और सही लाइफस्टाइल के साथ शामिल किया जाए, तो शुक्राणुओं की क्वालिटी और ओवरऑल फर्टिलिटी में सुधार देखने को मिल सकता है।

Read Next

लहसुन का सेवन प्रोस्टेट के मरीजों के लिए कितना सही? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Anurag Gupta

Anurag Gupta

Deputy Editor

अनुराग गुप्ता एक अनुभवी हेल्थ जर्नलिस्ट हैं, जो पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 8 से अधिक वर्षों से स्वास्थ्य विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों टीमों की संपादकीय जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने 2017 में OnlyMyHealth में सब एडिटर के रूप में अपने हेल्थ जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ वह संपादकीय टीम में वरिष्ठ भूमिका में पहुंचे और आज वेबसाइट की कंटेंट स्ट्रैटेजी, आइडिया अप्रूवल, कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल, टीम मैनेजमेंट और एडिटोरियल प्लानिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। OnlyMyHealth पर प्रकाशित हेल्थ आर्टिकल्स जिस एडिटोरियल और मेडिकल रिव्यू प्रोसेस से गुजरते हैं, उसकी निगरानी भी वही करते हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि हर लेख प्रमाणित मेडिकल स्रोतों, रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार हो, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे। अनुराग की खासियत है जटिल मेडिकल रिसर्च, हेल्थ डेटा और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समय-समय पर OnlyMyHealth के लिए लेख भी लिखते हैं। OnlyMyHealth से पहले वह Guftagu Print Magazine और ScoopWhoop के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने फीचर और डिजिटल पत्रकारिता में अनुभव हासिल किया। Editorial Policy: अनुराग द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 23, 2025 19:56 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Dec 23, 2025 19:56 IST

    Published By : Anurag Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content