पेट में गैस की समस्या है लंबे समय से तो कारण हो सकती हैं ये 4 बीमारियां, जानें इनके बारे में

गैस एक सामान्य समस्या है, लेकिन इसकी वजह से कई दूसरी बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं। जानिए, लंबे समय तक गैस की समस्या से होने वाली बीमारियां

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 24, 2021Updated at: Jun 25, 2021
पेट में गैस की समस्या है लंबे समय से तो कारण हो सकती हैं ये 4 बीमारियां, जानें इनके बारे में

क्या आपको भी बार-बार गैस बनती है? आप लंबे समय से गैस की समस्या से परेशान हैं? आजकल की खराब जीवनशैली, खानपान और शारीरिक सक्रियता की कमी का असर हमारे स्वास्थ्य पर देखने को मिलता है। इनकी वजह से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों का शिकार हो जाता है। इन्हीं में सबसे सामान्य है बार-बार या लंबे समय तक गैस बनना। 

गैस बनने के लक्षण (Gas Symptoms)

  • मल त्याग में कठिनाई
  • पेट में ऐंठन या दर्द
  • खट्टी डकार
  • सिरदर्द
  • आलस महसूस होना
  • पेट फूलना
peptic Ulcer
अगर आपको भी लंबे समय से गैस की समस्या है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। शुरुआत में ही गैस की समस्या पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह कई बीमारियों का कारण हो सकता है। गैस कई तरह की बीमारियों को बुलावा देता है। इन्हीं में से कुछ बीमारियां हैं- 

1. पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcers)

मणिपाल हॉस्पिटल व्हाइटफील्ड के कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर अदित्य शाह (Consultant Medical Gastroenterology, Manipal Hospital Whitefield Dr. Aditya Shah) बताते हैं कि लंबे समय से पेट में गैस बनने के कारणों में से एक पेप्टिक अल्सर हो सकता है पेप्टिक अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर के नाम से भी जाना जाता है। पेप्टिक अल्सर छोटी आंत के ऊपरी हिस्से पर होता है। यह पेट की अंदरूनी सतह पर बनने वाले छाले होते हैं। यह छाले तब बनते हैं, जब भोजन को पचाने वाले अम्ल छोटी आंत की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। पेट दर्द, ब्लीडिंग, उल्टी और जलन इसके सामान्य लक्षण हैं। ऐसे में अगर आपको लंबे समय से गैस बन रही है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। पेप्टिक अल्सर एक गंभीर समस्या होती है।

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2. पित्ताशय की पथरी (Gallstones)

लंबे समय से गैस बनना गॉल ब्लाडर स्टोन या पित्ताशय की पथरी का भी संकेत हो सकता है। एसिडिटी, बदहजमी, अपच, खट्टी डकार और पेट फुलना पित्ताशय की पथरी के लक्षण हो सकते हैं। पित्ताशय में पथरी कॉलेस्ट्रोल, पित्त और लवणों से बनी होती हैं। पित्त, लवण लिवर में उत्पन्न होने वाले पाचन तत्व हैं, जब ये शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तो सख्त होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। दरअसल जब लिवर में तरल पदार्थों की मात्रा कम होने लगती है, तो इसमें मौजूद नमक और अन्य न्यूट्रिएट तत्व जमा होकर छोटे-छोट पत्थर के टुकड़ों का रूप ले लेते हैं, जिन्हें गॉलस्टोन कहा जाता है। गैस की समस्या पित्ताशय की पथरी का कारण भी हो सकता है, इसलिए इसका समय रहते इलाज करवा लें।

stomach cancer

3. पेट का कैंसर (Stomach Cancer)

डॉक्टर अदित्य शाह बताते हैं कि अगर लंबे समय से गैस बन रही है, इसके साथ ही लगातार वजन भी कम हो रहा है, तो आपको पेट के कैंसर की जांच जरूरी करवानी चाहिए। गैस पेट के कैंसर का भी कारण बन सकता है। पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है। काला मल निकलना, भूख न लगना, अपच, उल्टी, पेट में दर्द और गैस इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको अलर्ट हो जाना चाहिए, क्योंकि समय के साथ यह गंभीर हो सकता है। लंबे समय तक गैस बनने का कारण कोलन कैंसर हो सकता है।

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4. लिवर की समस्याएं (Liver Problems)

लंबे समय तक गैस बनने का असर लीवर पर भी देखने को मिलता है। लीवर में किसी भी तरह की खराब या रुकावट आने पर गैस की समस्या होना बेहद आम है। इसलिए आपको इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए, क्योंकि समय बढ़ने के साथ ही लीवर की समस्याएं भी बढ़ सकती है। जिससे आपका खाना अच्छी तरह से डायजेस्ट नहीं होगा और फिर कई अन्य समस्याएं आपको घेर लेंगी।

डॉक्टर अदित्य शाह बताते हैं कि गैस की समस्या को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआत में ही गैस बनने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहए। कई लोग गैस की दिक्कत होने पर इसकी दवा का सेवन धड़ल्ले से कर देते हैं, लेकिन यह भी एक गलत आदत है। कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।

डॉक्टर अदित्य बताते हैं कि कोरोना काल में लोगों में गैस की दिक्कत बढ़ी है। लोगों ने अपने मन से गैस की दवाइयों का सेवन किया है, जिसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवाई लेनी चाहिए। जब शुरुआत में गैस बनती है, तभी डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए। डॉक्टर इसके लिए दवाई देते हैं, साथ ही कुछ मामलों में अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जाती है। कई बार गैस के मरीजों को एंडोस्कोपी और सीटीस्कैन की भी जरूरत पड़ती है।  

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