पेट में अल्सर का संकेत हैं शरीर में दिखने वाले ये 3 बदलाव, आज ही शुरू कर दें इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 16, 2018
Quick Bites

  • पेट में अल्सर होना बहुत ही भयानक रोगों में से एक है।
  • अल्‍सर होने पर पेट के ऊपरी हिस्‍से पर असहनीय दर्द होता है।
  • खराब लाइफस्टाइल से पेट में जख्म बन जाते हैं, जिन्हें अल्सर कहते हैं।

पेट में अल्सर होना बहुत ही भयानक रोगों में से एक है। भले ही इस रोग की चपेट में बहुत कम लोग आते हो लेकिन जो भी इसकी चपेट में आता है उसका लगभग जीना मुश्किल हो जाता है। पेट में अल्सर होने का मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और खराब खान-पान हैं। जब लंबे तक लोगों का इसी तरह का लाइफस्टाइल चलता है तो इससे पेट में जख्म बन जाते हैं, जिन्हें अल्सर कहते हैं। इसके अलावा चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब आदि का ज्यादा सेवन करने से भी अल्सर होते हैं। अधिक खट्टी, मसालेदार या गर्म चीजों का सेवन करने से अल्सर हो जाते हैं। यदि चिन्ता, ईर्ष्या गुस्सा, काम का बोझ, मानसिक तनाव हो तो इन कारणों से भी यह समस्या हो सकती हैं। आज हम आपको पेट में अल्सर होने के कुछ लक्षण बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये—

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

अल्‍सर होने पर पेट के ऊपरी हिस्‍से पर असहनीय दर्द होता है। खासकर खाने के बाद पेट में दर्द शुरू हो जाता है। खाली पेट रहने से भी दर्द होता है। इस स्थिति को गैस्ट्रिक अल्‍सर कहते हैं। आहार नली के निचले हिस्से में छाले पड़ जाते हैं, कुछ मामलों में तो आहार नली में छिद्र भी हो जाता है। इससे आहार नली में तेज जलन होती है।

आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनना

अल्‍सर होने पर सांस लेने में दिक्‍कत होती है। जब हम खाते हैं तो आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है, जिससे भोजन का पाचन होता है। बदहजमी की वजह से कभी-कभी एसिड ऊपर की ओर आहार नली में चला जाता है, इससे जलन महसूस होती है। इसका असर गले, दांत, सांस आदि पर पड़ने लगता है। आवाज भारी हो जाती है और मुंह में छाले पड़ जाते हैं। इस तरह की स्थितियों को एसिड रिफ्लक्स डिजीज कहा जाता है।

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खून की उलटी

उलटी होना या उलटी जैसा महसूस होना अल्सर का लक्षण माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में अक्‍सर मरीज को लगता है कि उलटी होने वाली है। लेकिन जब अल्‍सर बढ़ जाता है तो हालत और भी खराब हो सकती है। अल्‍सर बढ़ने पर तो खून की उलटी हो सकती है। ऐसे में स्टूल (मल) का रंग काला हो जाता है।

एसिडिटी रिफ्लेक्शन

अल्‍सर होने पर छाती के पास दर्द होता है। अगर दर्द छाती के पास हो तो इसे एसिडिटी रिफ्लेक्शन का असर समझना चाहिए। इससे दिल के दर्द का शक होता है। दिल का दर्द छाती के ऊपरी हिस्से में होता है और कभी-कभी एसिडिटी की वजह से भी उसी जगह दर्द होता है, इसलिए इन दोनों स्थिति के बीच में बिना जांच के अंतर समझ पाना आसान नहीं है।

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वजन कम होना

अल्‍सर के मरीजों का वजन बहुत तेजी से घटने लगता है। अल्‍सर होने पर मरीज खाने के प्रति उदासीन हो जाता है, जिसके कारण वजन कम होता है। खाना भी अच्‍छे से नही पच पाता जो वजन घटने का कारण है।  

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