कंधे और पीठ के दर्द का कारण खराब ड्राइविंग पोश्चर तो नहीं? जानें ड्राइविंग करने का सही पोश्चर

आपका ड्राइविंग करने का स्टाइल या बैठने का ढंग भी आपकी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है जिनके बारे में आपको मालूम होना चाहिए।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Aug 14, 2021 12:00 IST
कंधे और पीठ के दर्द का कारण खराब ड्राइविंग पोश्चर तो नहीं? जानें ड्राइविंग करने का सही पोश्चर

आजकल बढ़ते कमर दर्द, कंधों का दर्द या गर्दन के दर्द की एक वजह आपका ड्राइविंग पोश्चर (Driving Posture) भी है। अगर आप रोजाना ड्राइविंग करते हैं तो बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से दो-चार भी होते होंगे। घंटों स्टीयरिंग के पीछे बैठना आपके लिए दुखदाई हो सकता है। लेकिन यही एक कारण नहीं है। बल्कि आपके बैठने का पोस्चर (Posture), आप ड्राइव करते समय किस मुद्रा में बैठते हैं, आपके हाथों की और कंधों की पोजीशन भी आप के दर्द में सहयोगी है। डॉक्टर अखिलेश यादव, सीनियर एंड नी रिप्लेसमेंट सर्जन, सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर के अनुसार समस्या यह नहीं है कि आप कितनी देर ड्राइविंग कर रहे हैं या कितनी देर आप कार में रहते हैं। समस्या यह है कि आप ड्राइविंग सीट पर किस पोजीशन पर बैठते हैं। क्योंकि आपका खराब ड्राइविंग पोस्चर (Driving Posture) आपकी गर्दन, कंधे, कमर, कलाई या उंगलियों में दर्द का कारण और लंबे समय बाद गंभीर परेशानी की वजह बन सकता है। इसलिए सही ड्राइविंग पोश्चर के बारे में जानना जरूरी है। 

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ड्राइविंग करने का सही पोश्चर क्या है-Correct body posture while driving

1. सीट को नॉर्मल अवस्था में ही रहने दें (Leave The Seat In The Normal Position)

कुछ लोग ड्राइविंग करते समय अपनी सीट को अधिक पीछे या अधिक आगे कर लेते हैं जिस कारण उन्हें आगे का साफ भी नहीं दिखता है। उन्हें अपनी कमर भी एडजस्ट करने में दिक्कत महसूस होती है। इसलिए सीट जैसी आपको मिलती है उसे वैसा ही रहने दें। इस सीट से आपकी स्पाइन सीधी रहेगी और ड्राइविंग करते समय कुछ इसी सही बॉडी पोश्चर होनाआवश्यक होता है।

2. अपने सिर को पीछे रखें (keep Your Head Back)

अधिकतर लोगों के केस में आपका सिर सीधा होना चाहिए और आपकी ठुड्ढी के लेवल को मैच करना चाहिए और आपके कंधे आपके सिर से थोड़े पीछे रहने चाहिए। कोशिश करें कि ड्राइव करते समय आप अपनी स्पाइन को सीधी ही रखें।

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3. अपनी बाजुओं को रिलैक्स करें (Relax Your Arms)

आपकी बाजू ड्राइव करते समय बहुत ज्यादा मुड़ी हुई या बिलकुल ही सीधी नहीं रहनी चाहिए। कोशिश करें कि अपने हाथों को ड्राइव करते समय केवल कोहनी के पास से थोड़ा सा मोड़ दें। कुछ कुछ समय बाद अपनी एक एक बाजू को रिलैक्स करवाएं ताकि आपकी स्पाइन और नेक और कंधों से प्रेशर हट सके और आपके हाथ अच्छे से रिलैक्स हो सकें।

4. क्रूज कंट्रोल का प्रयोग करें (Use Cruise Control)

अगर आप लंबी दूरी के लिए ड्राइविंग कर रहे हैं तो यह ऑप्शन आपके लिए काफी ज्यादा मददगार हो सकता है और इस दौरान आप फ्लोर पर अपने पैर को फ्लैट करके रखें। लेकिन बकेट स्टाइल सीट पर बैठना अधिक समय के लिए अवॉयड करें। इससे आपको असहज महसूस हो सकता है।

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5. एक तकिए का प्रयोग करें ( Use Neck Pillow)

अगर आपकी सीट और आपके लोअर बैक के बीच में थोड़ा बहुत गैप है तो आप उस गैप को भरने के लिए तकिए का प्रयोग कर सकते हैं। इससे आपको एक प्रकार का सपोर्ट मिलेगा और आपके लोअर बैक के दर्द को कम करने में भी यह टिप बहुत लाभदाई होने वाली है।

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6. अपने मिरर्स की पोजिशन भी सही रखें (Keep Mirrors Position Right)

आपके गाड़ी के शीशे को भी बार बार ठीक नहीं करना है। अगर आप एक बार बीच रास्ते में शीशे ठीक करने लगते हैं तो आप इसे बार बार कर सकते हैं और इसमें आपका समय भी खराब होगा और यह इस बात का लक्षण भी हो सकता है कि आप पूरा दिन बोर हो सकते हैं।

7. लॉन्ग ड्राइव पर बीच में कुछ ब्रेक लें (Take Some Break During Long drive)

अगर आप अधिक लॉन्ग ड्राइव पर जा रहे हैं तो आपको बीच बीच में खुद के शरीर को थोड़ा रिलेक्स करने के लिए ब्रेक ले लेना चाहिए और थोड़ी बहुत स्ट्रेच कर लेनी चाहिए ताकि आपका शरीर एक ही अवस्था में होने की वजह से अकड़े न और उसमें अधिक दर्द न होने लग जाए। 

आप अपने ड्राइविंग स्टाइल में क्या कमी आ रही है, इसको जानने के लिए ड्राइविंग स्टाइल में कुछ बदलाव कर सकते है।

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