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Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

पोस्टपार्टम हीलिंग के दौरान न करें ये गलतियां, डॉक्टर से जानें

प्रसव के बाद महिला का शरीर शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। यहां जानिए, पोस्टपार्टम फेज में महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए?

शिशु के जन्म के बाद मां के लिए सबसे जरूरी चीज उसकी खुद की सेहत होती है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं खुद की देखभाल करने की बजाय बच्चे और घर के अन्य कामों में व्यस्त हो जाती हैं। खासकर आजकल की वर्किंग महिलाएं जल्दी-जल्दी अपनी पुरानी दिनचर्या में लौटने की कोशिश करती हैं, जिससे उनकी रिकवरी पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रसव के बाद शरीर को पूरी तरह से ठीक होने के लिए आराम और सही पोषण की जरूरत होती है। यदि मां अपना सही से ख्याल नहीं रखती है, तो भविष्य में कमजोरी, पीठ दर्द, हार्मोनल असंतुलन, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, सही देखभाल न मिलने से मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है, जिससे मां और बच्चे दोनों पर असर पड़ सकता है। इस लेख में लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) से जानिए, पोस्टपार्टम फेज में महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए (What should you not do during postpartum)?

पोस्टपार्टम हीलिंग के दौरान न करें ये गलतियां - What To Avoid During Postpartum Recovery

1. आराम की अनदेखी न करें

प्रसव के बाद महिला का शरीर पूरी तरह से थका हुआ होता है और उसे पूरी तरह से रिकवर होने के लिए पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। कई महिलाएं इस समय अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त हो जाती हैं या बच्चे की देखभाल में खुद को पूरी तरह से व्यस्त कर देती हैं, जिससे उनका शरीर सही से ठीक नहीं हो पाता। शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने पर मांसपेशियों में दर्द, थकान और अन्य शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। पोस्टपार्टम रिकवरी के दौरान महिला को कम से कम 6-8 हफ्ते का पर्याप्त आराम चाहिए। अगर आपको कोई शारीरिक परेशानी या दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें और आराम करने की आदत डालें।

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2. भोजन न छोड़ें

प्रसव के बाद महिला के शरीर को सही पोषण की जरूरत होती है ताकि वह जल्दी रिकवर कर सके और मां का दूध बनाने के लिए शरीर में सही एनर्जी बनी रहे। हालांकि, कई महिलाएं शारीरिक थकान और बच्चे की देखभाल के कारण सही समय पर खाना नहीं खातीं। इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है और उनकी रिकवरी में देरी हो सकती है। पोस्टपार्टम में हेल्दी और बैलेंस डाइट का सेवन बहुत जरूरी होता है। हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर डाइट लें ताकि शरीर को सही पोषण मिले। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेटेड रखना भी जरूरी है, इसलिए खूब पानी पिएं।

Postpartum Recovery

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3. पेशाब न रोकें

प्रसव के बाद महिलाओं को कई बार पेशाब करने में कठिनाई होती है, खासकर उन महिलाओं को जो नॉर्मल डिलीवरी करती हैं। बहुत से मामलों में, महिलाएं पेशाब को लंबे समय तक रोकने की गलती करती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि वे पूरी तरह से आराम नहीं कर पातीं या फिर बच्चे की देखभाल में व्यस्त रहती हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, महिलाओं को चाहिए कि वे पेशाब को रोकने के बजाय समय पर बाथरूम जाएं। इसके अलावा, अगर कोई जलन या दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।

4. पेरिनियल दर्द का इलाज न करना

पेरिनियल क्षेत्र में दर्द नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक आम समस्या होती है। प्रसव के दौरान पेरिनियम (महिला के प्राइवेट एरिया के आसपास का हिस्सा) खिंचता है, जिससे दर्द (perineal pain) और सूजन हो सकती है। कई महिलाएं इस दर्द को नजरअंदाज करती हैं और इसे बिना इलाज के छोड़ देती हैं। यह स्थिति समय के साथ और खराब हो सकती है।

अगर पेरिनियल क्षेत्र में कोई दर्द या सूजन हो, तो गर्म पानी से आराम मिल सकता है। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर पेरिनियल क्रीम या पेन रिलीवर का उपयोग करने से भी राहत मिल सकती है। अगर दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से परामर्श लें।

5. एक्सरसाइज की जल्दी न करें

प्रसव के बाद शरीर को पूरी तरह से रिकवर होने के लिए समय चाहिए होता है। हालांकि, कुछ महिलाएं जल्दी ही फिजिकल एक्टिविटीज में जुट जाती हैं, जैसे योग, दौड़ना या अन्य एक्सरसाइज। इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे घावों की ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और दर्द या चोटें हो सकती हैं।

महिलाओं को चाहिए कि वे एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें और कम से कम 6-8 हफ्ते तक केवल हल्के-फुल्के काम करें। एक बार जब डॉक्टर अनुमति दें, तो धीरे-धीरे फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ा सकती हैं, जैसे कि हल्का योग या सैर करना।

निष्कर्ष

प्रसव के बाद का समय महिला के शरीर के लिए रिकवरी का समय होता है और इस दौरान शरीर को उचित देखभाल और आराम की जरूरत होती है। पोस्टपार्टम में महिलाओं को आमतौर पर कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि वे ऊपर दी गई गलतियों से बचें और उचित देखभाल करें, तो उनकी रिकवरी प्रक्रिया तेज हो सकती है।

 

 

 

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 16, 2025 13:02 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Mar 16, 2025 13:02 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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