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गर्मी में मिट्टी के घड़े या कॉपर के बर्तन, किसमें पानी पीना है अधिक फायदेमंद, ताकि पेट को मिले ठंडक

गर्मियों में मिट्टी के घड़े या कॉपर के बर्तन में से किसमें पानी पीना अधिक फायदेमंद होता है। जानते हैं आयुर्वेदिक डॉक्टर से-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 29, 2022Updated at: Apr 29, 2022
गर्मी में मिट्टी के घड़े या कॉपर के बर्तन, किसमें पानी पीना है अधिक फायदेमंद, ताकि पेट को मिले ठंडक

प्राचीन काल में लोग मिट्टी के घड़े यानी मटके और तांबे के बर्तन का पानी पीते थे, इसकी जगह धीरे-धीरे फ्रिज न ली। अब लोग पानी को ठंडा करने के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं, यह सेहत के लिए नुकसानदायक होता है यह जानते हुए भी। वही कुछ ऐसे लोग भी है, जो आज भी मटके या फिर तांबे के बर्तन का पानी पीना पसंद करते हैं। ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर मिट्टी के घड़े और कॉपर के बर्तन में से किसमें पानी पीना अधिक फायदेमंद होता है, और क्यों। तो आज इसी का जवाब जानने के लिए हमने रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा से बात की-

मिट्टी के घड़े या कॉपर के बर्तन, किसमें पानी पीना है फायदेमंद (Clay or Copper Water for Summe)

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में पानी पीने के लिए मिट्टी के घड़े को सबसे सर्वात्तम माना गया है। मटके के पानी का अन्य बर्तनों की तुलना में कोई मुकाबला नहीं हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार घड़े में पांचों धातु- अग्नि, जल, मिट्टी, वायु होता है। घड़े की एक खासियत यह है कि अगर पानी का टीडीएस (TDS) कम है, तो यह उसे बढ़ा देता है। और अधिक है तो घड़ा उसे कम कर देता है। आयुर्वेद डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि लोगों को घड़े के पानी ही पीना चाहिए, गर्मियों में घड़े का पानी पीना सबसे अधिक फायदेमंद होता है। तांबे का पानी पीना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि मिट्टी के घड़े का पानी पीने से सेहत को सिर्फ लाभ ही मिलते हैं। गर्मियों में हमारे शरीर की अग्नि कमजोर पड़ जाती है, ऐसे में घड़े के पानी का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इससे पित्त संतुलन में रहता है, पेट की समस्याएं भी दूर होती हैं। 

मिट्टी के घड़े में पानी पीने के फायदे Clay Water Benefits: Matke ka Pani Peene ke Fayde

आयुर्वेद में मिट्टी के बर्तनों या घड़े के पानी को काफी फायदेमंद माना गया है। भले ही आज के दौर में मटके की जगह फ्रिज ने ले ली है, लेकिन इस पानी में मटके जैसे पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। मिट्टी के घड़े का पानी पीने से पाचन तंत्र में सुधार होता है, साथ ही यह इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है और बार-बार होने वाली बीमारियों से बचाता है।

लू से बचाए मटके का पानी

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि गर्मियों में मिट्टी के घड़े का पानी जरूरी पीना चाहिए। इससे पेट को ठंडक मिलती है। मटके का पानी पीने से लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है।

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मिलते हैं कई मिनरल्स

मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी पीने से शरीर को कई जरूरी मिनरल्स या खनिज मिलते हैं। इसके साथ ही इस पानी में विटामिन्स भी होते हैं। जो ग्लूकोज के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।

पाचन में सुधार

मटके का पानी पीने से पेट हमेशा स्वस्थ रहता है। गर्मियों में मटके का पानी पीने से पेट में गैस, एसिडिटी से आराम मिलता है। साथ ही कब्ज और अपच से भी बचाता है। पेट के रोगों को दूर करने के लिए घड़े का पानी का सेवन करना फायदा पहुंचाता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद

घड़े का पानी त्वचा से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। दरअसल, मटके का पानी पीने से पेट को ठंडक मिलती है, पित्त शांत होता है। इससे त्वचा के फोड़े फुंसी और मुंहासों से राहत मिलती है। मटके का पानी पीने से त्वचा में चमक भी आती है।

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कॉपर के बर्तन में पानी पीने के नुकसान (Copper Water Side Effects in Hindi)

  • आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि कॉपर के बर्तन का पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आज के परिपेक्ष में आयुर्वेद में तांबे के बर्तन का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि आज के लोगों की न ही अग्नि अच्छी है, न ही पाचन। 
  • आयुर्वेद में तांबे का उपयोग भस्म के तौर पर किया जाता है। इसमें तांबे के धातु गुणों को मारा जाता है, फिर उपयोग में लाया जाता है। कच्चे तांबे में पानी पीने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दांतों का क्षरण होता है। 
  • तांबे के बर्तन का पानी पीने से व्यक्ति का नर्वस सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, नसें कमजोर हो सकती हैं। 
  • अधिकतर लोग कब्ज को दूर करने के लिए तांबे के बर्तन का पानी पीते हैं, लेकिन इसके लिए आपको पूरे इलाज की जरूरत होती है। सिर्फ तांबे का पानी पीने से इसका इलाज संभव नहीं है। 

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि अगर आप ताबे का सेवन करना चाहते हैं, तो इसका उपयोग भस्म के रूप में करना चाहिए। तांबे के भस्म का सेवन उचित मात्रा में डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं। अगर आप तांबे के लाभ लेना चाहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर तांबे की भस्म ले सकते हैं। 

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