क्या होता हैं Spider Veins जिनमें मकड़ी के जाल जैसी दिखने लगती हैं नसें, जानें कारण और उपाय

स्‍पाइडर वेन्‍स एक बीमारी है ज‍िसमें नसें मकड़ी के जाल जैसा आकार ले लेती हैं, इससे बचने के ल‍िए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Apr 26, 2021Updated at: Apr 26, 2021
क्या होता हैं Spider Veins जिनमें मकड़ी के जाल जैसी दिखने लगती हैं नसें, जानें कारण और उपाय

कहीं आपके शरीर में भी मकड़ी के जाल जैसे नसें तो नहीं उभर रहीं हैं? अगर हां तो आपको तुरंत इलाज की जरूरत है। इस समस्‍या हो स्‍पाइडर वेन्‍स के नाम से जाना जाता है। पीड़‍ित व्‍यक्‍त‍ि के शरीर में नसें मकड़ी के जाल जैसा आकार ले लेती हैं। इनको त्‍वचा पर साफ देखा जा सकता है। इन स्‍पाइडर वेन्‍स का रंग ज्‍यादातर बैंगनी, लाल या नीला होता है। ये त्‍वचा में कहीं पर भी हो सकती हैं। इसके इलाज में देरी नहीं करनी चाह‍िए। इस बारे में ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने ओम स्किन क्लीनिक, लखनऊ के वरिष्ठ कंसलटेंट डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉ देवेश मिश्रा से बात की। डॉ देवेश ने बताया क‍ि स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या जेनेट‍िक कारणों से भी हो सकती है, या अगर व्‍यक्‍त‍ि ज्‍यादा धूप में जाता है या उसका वजन ज्‍यादा है तो ब्‍लड फ्लो पर इफेक्‍ट पड़ने के कारण भी स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए तुरंत इलाज करवाएं। स्‍पाइडर वेन्‍स को स्‍केलेरोथैरेपी, लेजर ट्रीटमेंट, ईवीएलटी लेजर थैरेपी आद‍ि देकर ठीक क‍िया जाता है। 

spider veins

क्‍या होती हैं स्‍पाइडर वेन्‍स? (What is Spider Veins)

स्‍पाइडर यानी मकड़ी और वेन्‍स मतलब नसें। स्‍पाइडर वेन्‍स होने पर पैर या हाथ या शरीर के अन्‍य ह‍िस्‍से में नसें, पतली मकड़ी जैसी जाली बन जाती हैं। इस परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए। स्‍पाइडर वेन्‍स होने पर आपको तेज दर्द हो सकता है। इन स्‍पाइडर वेन्‍स का रंग नीला, लाल या बैंगनी होता है। 

क्‍यों हो जाती है स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या? (Causes of Spider Veins)

नसों के अंदर मौजूद वॉल्‍व डैमेज होने पर स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या हो सकती है। जेनेट‍िक कारणों से भी स्‍पाइडर वेन्‍स हो सकती हैं। बहुत अध‍िक धूप में न‍िकलने से भी स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या हो सकती है। वजन ज्‍यादा होने से नसों पर दबाव पड़ता है और स्‍पाइडर वेन्‍स उभर सकती हैं। टाइट कपड़े पहनने और कसरत न करने से ब्‍लड फ्लो पर इफेक्‍ट पड़ता है और स्‍पाइडर वेन्‍स जैसी समस्‍या हो सकती है। 

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स्‍पाइडर वेन्‍स का इलाज क्‍या है? (Treatment of Spider Veins)

spider veins treatment

अगर आपको स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या है तो जल्‍द से जल्‍द डॉक्‍टर को द‍िखाएं। अगर स्‍पाइडर वेन्‍स 3 म‍िली मीटर से छोटी होती हैं तो डॉक्‍टर लेजर ट्रीटमेंट से इसे ठीक करते हैं। स्‍केलेरोथैरेपी से भी स्‍पाइडर वेन्‍स का इलाज क‍िया जाता है। इन ट्रीटमेंट के 6 हफ्ते बाद स्‍पाइडर वेन्‍स ठीक होने लगती हैं। स्‍पाइडर वेन्‍स होने पर ईवीएलटी लेजर थैरेपी देकर इलाज क‍िया जाता है। इसमें व्‍यक्‍त‍ि को ऐनेस्‍थिस‍िया द‍िया जाता है। स्‍पाइडर वेन्‍स को ट्रीटमेंट देकर ही ठीक क‍िया जाता है, हालांक‍ि लंबे समय तक अगर इलाज न करवाया जाए तो स्‍पाइडर वेन्‍स, वैरीकोस वेन्‍स बन जाती हैं तब सर्जरी की जरूरत पड़ती है। 

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स्‍पाइडर वेन्‍स से बचने के ल‍िए क्‍या करें? (Prevention tips to reduce risk of Spider Veins)

  • स्‍पाइडर वेन्‍स से बचने के ल‍िए आप धूप में जाने से पहले सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल जरूर करें। 
  • शरीर का वजन बहुत ज्‍यादा न बढ़ने दें, इससे नसों पर दबाव नहीं पड़ेगा और ब्‍लड फ्लो अच्‍छा रहेगा ज‍िससे स्‍पाइडर वेन्‍स जैसी समस्‍या नहीं होगी। 
  • स्‍पाइडर वेन्‍स की समस्‍या होने पर या अगर आपके घर में ये समस्‍या क‍िसी अन्‍य सदस्‍य को है तो बचने के ल‍िए आप स्‍टॉक‍िंग्‍स या मोजे पहनकर रखें। 
  • स्‍पाइडर वेन्‍स से बचने के ल‍िए बहुत ज्‍यादा टाइट कपड़े न पहनें। ज्‍यादा टाइट कपड़े पहनने से स्‍पाइडर वेन्‍स होने के आशंका बढ़ जाती है क्‍योंक‍ि टाइट कपड़ों से ब्‍लड फ्लो इफेक्‍ट होता है। 
  • अगर ब्‍लड फ्लो अच्‍छा रहेगा तो स्‍पाइडर वेन्‍स जैसी समस्‍या नहीं होगी, इसके ल‍िए आप रोजाना कसरत करें। 

स्‍पाइडर वेन्‍स कोई स्‍क‍िन प्रॉब्‍लम नहीं बल्‍क‍ि बीमारी है ज‍िसका इलाज समय रहते करना जरूरी है इसल‍िए इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपने डॉक्‍टर से जल्‍द से जल्‍द संपर्क करें। 

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