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टाइफाइड में नहाना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट से जानें कौन से पानी से नहाएं और क्या इससे सेहत पर कोई फर्क पड़ता है

Bath in typhoid: टाइफाइड एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर लंबे समय तक बुखार से पीड़ित रहता है। ऐसे में अक्सर ये सवाल आता है कि क्या टाइफाइ़ड के मरीजों को नहाने से बचना चाहिए? अगर नहाएं तो कब और किस पानी से नहाएं।

Bath in typhoid: टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी (Salmonella Typhi) नामक एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है। टाइफाइड के गंभीर लक्षणों में लोगों को तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी महसूस होती है जो कि लंबे समय तक रहती है। कुछ लोगों में टाइफाइड की वजह से पेट दर्द, कब्ज, दस्त और स्किन की समस्याएं भी होती हैं। इसके अलावा टाइफाइड के मरीज अक्सर ये सवाल करते हैं कि उन्हें नहाना चाहिए या नहीं? क्या टाइफाइड के मरीजों के लिए नहाना बुखार और तमाम लक्षणों को बढ़ा सकता है? जानते हैं इस बारे में डॉ. अंकित बंसल कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शन डिजीज श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली की राय।

टाइफाइड में नहाना चाहिए या नहीं?

डॉ. अंकित बंसल बताते हैं कि टाइफाइड में नहाने को लेकर कई गलतफहमियां हैं। वास्तव में, टाइफाइड के दौरान हल्के गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित और फायदेमंद होता है, बशर्ते बुखार बहुत तेज न हो और मरीज को कमजोरी ज्यादा न लगे। नहाने से शरीर की सफाई बनी रहती है, त्वचा पर जमा पसीना और बैक्टीरिया हटते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है और शरीर को तरावट महसूस होती है।

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तेज बुखार में तुरंत न नहाएं

अगर बुखार 102°F से अधिक है या ठंड लग रही है, तो तुरंत न नहाएं। ऐसी इसके बजाय गीले तौलिए से शरीर को पोंछना बेहतर है। आप ये कर सकते हैं कि नॉर्मल तापमान वाले पानी में तौलिए को भिगाो-भिगोकर शरीर को पोंछे और फिर सूखे कपड़े से दोबारा पोंछ लें। ऐसा करने से शरीर साफ हो जाता है या सूख जाता है।

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टाइफाइड बुखार में रोज नहाना चाहिए?

जब बुखार थोड़ा कम हो जाए या कमजोरी घटने लगे, तब रोजाना या एक दिन छोड़कर नहाया जा सकता है। नहाने के लिए हमेशा गुनगुना पानी इस्तेमाल करें। ठंडे पानी से नहाने पर शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे हालत बिगड़ सकती है। टाइफाइड के दौरान साफ-सफाई और हाइजीन बहुत जरूरी होती है, हालांकि नहाना शरीर के तापमान को संतुलित रखने और मानसिक रूप से तरोताजा महसूस कराने में मदद करता है।

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टाइफाइड बुखार में किस पानी से नहाएं

डॉ. अंकित बंसल बताते हैं कि टाइफाइड में नहाने से नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता है, बस यह ध्यान रखें कि पानी बहुत ठंडा न हो और शरीर पर ठंडी हवा न लगे। अगर ज्यादा ठंडा पानी से आप नहाएंगे तो बुखार बढ़ सकता है।

इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है और संक्रमण से बचाव के लिए टीके भी उपलब्ध हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो हाई जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा करते हैं। तो इन बातों का ध्यान रखते हुए टाइफाइड में आप नहा सकते हैं। ये आपको बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 13, 2025 16:12 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Nov 13, 2025 16:12 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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