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क्या लास्ट स्टेज टीबी ठीक हो सकती है? डॉक्टर से जानें इलाज

Can Last Stage TB Be Cured: लास्ट स्टेज टीबी में बीमारी पूरी तरह से शरीर में फैल चुकी होती है, तो इसका इलाज थोड़ा मुश्किल होता है।

Can Last Stage TB Be Cured: टीबी या ट्यूबरक्लोसिस एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के किसी भी अंग में भी हो सकती है। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से शरीर में टीबी की बीमारी की शुरुआत होती है। इस बीमारी की शुरुआत होने पर शरीर में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे ही यह बीमारी बढ़ती है तो लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। टीबी की बीमारी की आखिरी स्टेज में यह रोग काफी गंभीर रूप ले चुका होता है और प्रभावित अंग के अलावा पूरे शरीर पर इसका गंभीर असर पड़ता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं, क्या टीबी की बीमारी आखिरी स्टेज में होने पर भी इलाज के द्वारा ठीक की जा सकती या नहीं?

क्या लास्ट स्टेज टीबी ठीक हो सकती है?

बाबू ईश्वर शरण हॉस्पिटल के सीनियर फिजीशियन डॉ समीर कहते हैं, "टीबी के लक्षणों को शुरुआत में ही पहचान कर उचित कदम उठाने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। जब बीमारी पूरी तरह से शरीर में फैल चुकी होती है, तो इसका इलाज थोड़ा मुश्किल होता है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि लास्ट स्टेज में टीबी की बीमारी को ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन मरीज के इलाज के बाद भी उसे जीवनभर दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है या अन्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।"

Can Last Stage TB Be Cured

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लास्ट स्टेज में टीबी के लक्षण

शरीर में टीबी की बीमारी लास्ट स्टेज में पहुंचने पर दिखने वाले लक्षण काफी गंभीर होते हैं। इस स्टेज में मरीज को चलने-फिरने और कामकाज करने में भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लास्ट स्टेज टीबी के कुछ प्रमुख लक्षण इस तरह से होते हैं-

  • लगातार खांसी और खून आना
  • वजन बहुत ज्यादा कम होना
  • तेज बुखार
  • रात में सोते समय पसीना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • थकान और कमजोरी
  • छाती में दर्द

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लास्ट स्टेज में टीबी का इलाज

टीबी का इलाज लास्ट स्टेज में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। इस स्टेज में मरीज को दवाओं की हैवी डोज भी दी जा सकती है। कुछ मामलों में मरीज को विशेष देखभाल और डाइट की जरूरत होती है। लास्ट स्टेज टीबी के इलाज में ये चीजें शामिल होती हैं-

  • दवाएं: लास्ट स्टेज की टीबी के इलाज के लिए कई दवाओं का संयोजन इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाएं लंबे समय तक ली जानी चाहिए, और इलाज के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर की जांच करानी जरूरी है।
  • पोषण: संतुलित आहार और पर्याप्त पोषण अंतिम स्टेज की टीबी से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • आराम: पर्याप्त आराम शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद करता है।
  • सहायक उपचार: कुछ मामलों में, ऑक्सीजन थेरेपी या अन्य तरह के सहायक उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

लास्ट स्टेज की टीबी के इलाज में कई चुनौतियां होती हैं, जैसे-

  • दवाओं से रिएक्शन: कुछ मामलों में, टीबी के बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो सकते हैं, जिससे इलाज और कठिन हो जाता है।
  • अन्य अंगों को नुकसान: लास्ट स्टेज की टीबी के कारण अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे इलाज में मुश्किल आ सकती है।
  • पोषण की कमी: टीबी की बीमारी लास्ट स्टेज में होने पर मरीज को भूख कम लगती है, इसकी वजह से शरीर कमजोर हो जाता है और इलाज का पूरा फायदा नहीं मिल पाता है।

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टीबी एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है। समय रहते इसके लक्षणों को पहचान कर उचित कदम उठाने से आप गंभीर रूप से इसका शिकार होने से बच सकते हैं। सही समय पर जांच कराने से डॉक्टर को इसकी स्थिति का ठीक आकलन करने में मदद मिलती है। टीबी के लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा टीबी से बचने के लिए इसके मरीजों के संपर्क में आने से बचें। 

(Image Courtesy: freepik.com)

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जागरण न्यू मीडिया में (Only MyHealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रहे प्रिंस को डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 5 सालों से अधिक काम करने का अनुभव है। बतौर पत्रकार प्रिंस ने त्रिपुरा, नागालैंड सही पूर्वोत्तर के राज्यों में राजनीति, महिला सुरक्षा और हेल्थ जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग भी की है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ रखने वाले प्रिंस ने देश के विभिन्न राज्यों में चुनावी कवरेज भी की है। प्रिंस को हेल्थ, पब्लिक पॉलिसी, राजनीति, क्राइम, फैक्ट चेक और डेटा स्टोरी समेत कई विषयों पर रिपोर्टिंग और लिखने की अच्छी समझ है। प्रिंस ने कमला नेहरु संस्थान से ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।

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    Jul 29, 2024 19:30 IST

    Published By : Prins Bahadur Singh

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