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आंख और कान से जुड़ी बीमारियों में बहुत फायदेमंद है भूमि पाद मस्तकासन का अभ्यास, जानें तरीका और सावधानियां

भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करने से आंख, कान और अगले से जुड़ी समस्याओं में फायदा मिलता है, जानें तरीका और सावधानी।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 18, 2022Updated at: Jun 18, 2022
आंख और कान से जुड़ी बीमारियों में बहुत फायदेमंद है भूमि पाद मस्तकासन का अभ्यास, जानें तरीका और सावधानियां

शरीर को स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त रखने के लिए नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। हर समय थका हुआ महसूस करने या शरीर की कमजोरी होने पर भी अगर आप सही ढंग से योगासनों का अभ्यास करते हैं तो इससे आपको बहुत फायदा मिलता है। योग शरीर और मन को शांत और हेल्दी रखने के लिए सबसे अच्छा साधन है। योग के फायदे और इसके महत्त्व को देखते हुए आज दुनियाभर में इसका अभ्यास लोग कर रहे हैं। योग के फायदे और महत्व को देखते हुए अब दुनियाभर में इसको लेकर जागरूकता फैली है। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर Onlymyhealth आपके लिए एक विशेष सीरीज लेकर आया है जिसमें हम आपको सुप्रसिद्ध योग गुरु ग्रैंड मास्टर अक्षर से रोजाना 1 योगासन के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी के तहत आइये विस्तार से जानते हैं भूमि पाद मस्तकासन के अभ्यास और फायदों के बारे में।

भूमि पाद मस्तकासन का अभ्यास करने के लाभ (Bhumi Pada Mastakasana Benefits in Hindi)

भूमि पाद मस्तकासन का अभ्यास करने से आपका शरीर लचीला और हेल्दी होता है। योग गुरु ग्रैंड मास्टर अक्षर के अनुसार शरीर की एनर्जी बढ़ाने और बीमारियों को दूर करने के लिए भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है। शरीर और मस्तिष्क की समस्याओं को दूर करने के लिए आप नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करने से आपको ये फायदे मिलते हैं।

Bhumi Pada Mastakasana Benefits

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1. आंख की रोशनी बढ़ाने के भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। आंख से जुड़े कई विकारों में इस योगासन का नियमित अभ्यास जरूर करना चाहिए।

2. मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करना फायदेमंद होता है।

3. कंधे और गर्दन में दर्द और अकड़न की समस्या में भी भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास उपयोगी होता है।

4. कान में दर्द और कान से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी आप रोजाना भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास कर सकते हैं।

5. शरीर का लचीलापन बढ़ाने के लिए भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

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भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करने का तरीका (Bhumi Pada Mastakasana Steps in Hindi)

भूमि पाद मस्ताकासन योग का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें-

  • सबसे पहले योगा मैट पर दोनों हाथों और पैरों को रखकर मेज की पोजीशन में आएं।
  • अब अपनी बाहों को सामने की तरफ ले जाते हुए दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें।
  • अब घुटने के सामने फर्श पर अपनी बाजुओं को रखें।
  • नीचे झुकते हुए सर को हथेलियों के आगे रखें।
  • अब अपने घुटनों को सीधा करें और कूल्हों को फर्श से उठाएं।
  • सिर को हाथों से सपोर्ट दें और शरीर को सहारा देने की कोशिश करें।
  • बाहों को पीठ के पीछे लें जाएं।
  • हाथ की उंगलियों को पीछे रखें।
  • कुछ देर तक इसी पोजीशन में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आएं।

भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करते समय सावधानियां (Bhumi Pada Mastakasana Precaution in Hindi)

भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास करते समय आपको कुछ सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। इसका अभ्यास करते समय गर्दन पर बहुत ज्यादा जोर या दबाव नहीं डालना चाहिए। इसके अलावा अगर आपको लगातार सिरदर्द की समस्या है तो इसका अभ्यास करने से बचें। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में भूमि पाद मस्ताकासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। शुरुआत में अगर आप इस योगासन का अभ्यास करने जा रहे हैं तो इसे एक्सपर्ट या योग गुरु की देखरेख में ही करें।

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