Fri Sep 11, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

Office Snacks: काम के बीच लगती है भूख? समोसे छोड़ें और चुनें ड्राई फ्रूट्स, बनी रहेगी एनर्जी

क्‍या आप भी ऑफ‍िस में समोसा या जंक फूड खाते हैं? इन चीजों से वजन बढ़ता है और सेहत भी खराब होती है। ऑफ‍िस वर्कर्स को अपने साथ ड्राई फ्रूट्स रखने चाह‍िए जो खाने में तो स्वादिष्ट लगते ही हैं साथ ही सेहत के ल‍िए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। 

ऑफ‍िस जाने वाले लोगों के पास समय की कमी होती है और वह अपनी सेहत पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दे पाते और बार-बार बीमारी का श‍िकार हो जाते हैं। समय की कमी के कारण कई लोग घर से खाना भी बनाकर नहीं ले जा पाते और उन्‍हें ऑफ‍िस में समोसा, सैंडव‍िच या अन्‍य जंक फूड्स का सेवन करना पड़ता है। इस कारण उनकी सेहत खराब होती है। अगर आप भी ऑफ‍िस वर्कर हैं, तो आपको बता दें क‍ि जंक फूड्स खाने के बजाय ड्राई फ्रूट्स को डाइट में शामिल करें। ये पोषक तत्‍वों का भंडार होते हैं और सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) के मुताब‍िक, एक संतुल‍ित डाइट में नट्स और सीड्स को शाम‍िल करना चाह‍िए ताक‍ि शरीर को हेल्‍दी फैट्स, प्रोटीन और माइक्रोन्‍यूट्र‍िएंट्स म‍िल सकें। इस लेख में जानेंगे ऑफ‍िस वर्कर्स के ल‍िए ड्राई फ्रूट्स के फायदे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. ड्राई फ्रूट्स के सेवन से काम करने की एनर्जी रहती है- Dry Fruits Give Energy To Body

ऑफ‍िस वर्कर्स को काम करने के ल‍िए एनर्जी की जरूरत होती है। मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स खा लेंगे, तो एनर्जी लेवल बना रहेगा, थकान कम होगी और जंक फूड खाने की क्रेव‍िंग कम होती हैं।

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2. काम में एकाग्रता बढ़ाने में मदद म‍िलती है- Dry Fruits Increase Concentration

काम में एकाग्रता बढ़ाने के ल‍िए अखरोट खाएं इसमें ओमेगा 3 फैटी एस‍िड्स होते हैं ज‍िससे मेमोरी बेहतर होती है। साथ ही बादाम में व‍िटाम‍िन ई और मैग्निशियम होता है ज‍िससे ब्रेन फंक्‍शन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है।

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3. ऑफ‍िस में स्‍ट्रेस कम करने का आसान तरीका है- It Reduces Stress

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वर्क स्‍ट्रेस कम करने के ल‍िए भी ड्राई फ्रूट्स का सेवन फायदेमंद माना जाता है। स्‍ट्रेस महसूस हो रहा है, तो अखरोट खा लें। अखरोट में एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं ज‍िससे ब्रेन में ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस कम होता है। रोजाना ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से मेमोरी बेहतर होती है, मेंटल फटीग कम होता है और द‍िमाग का कॉग्निटिव फंक्‍शन बेहतर होता है। इसी तरह काजू का सेवन करें, काजू में कॉपर और ज‍िंक होता है ज‍िससे कॉग्निटिव फंक्‍शन को बेहतर करने में मदद म‍िलती है।

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4. ड्राई फ्रूट्स खाएंगे तो कम बीमार होंगे- It Prevents Illness

ड्राई फ्रूट्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएंगे, तो बीमार‍ियों से भी बचाव होता है। इनमें नेचुरल शुगर, फाइबर, हेल्‍दी फैट्स वगैरह मौजूद होते हैं ज‍िससे शुगर लेवल को बनाए रखने में मदद म‍िलती है और शरीर में कमजोरी या इम्‍यूनि‍टी कमजोर होने जैसी श‍िकायतें दूर होती हैं।

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5. क्रेव‍िंग्‍स और वजन कंट्रोल होगा- Dry Fruits Control Cravings And Weight

ऑफ‍िस वर्कर्स को फ‍िट रहने के ल‍िए ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूर करना चाह‍िए। ड्राई फ्रूट्स में फाइबर और प्रोटीन होता है ज‍िससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और फूड क्रेव‍िंग्‍स शांत होती है। हेल्‍दी फैट्स से मेटाबॉल‍िज्‍म को भी सपोर्ट म‍िलता है और वेट लॉस में आसानी होती है।

न‍िष्‍कर्ष:

ऑफ‍िस वर्कर्स को अपनी डाइट में ड्राई फ्रूट्स को जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। इसका सेवन करने से एकाग्रता बढ़ती है, स्‍ट्रेस घटता है और ब्रेन फंक्‍शन बेहतर होता है। वेट लॉस और फूड क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने के ल‍िए भी ड्राई फ्रूट्स का सेवन फायदेमंद है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 09, 2026 18:52 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 09, 2026 18:52 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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