Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी से पहले विटामिन डी लेना जरूरी है, जानें इसके 5 फायदे

प्रेग्नेंसी से पहले विटामिन डी लेना जरूरी होता है, क्योंकि इससे कंसीव करने की संभावना बढ़ती है और बीमार होने के जोखिम भी कम होते हैं।

मौजूदा समय में ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है, जिन्हें कंसीव करने में दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि अगर कोई महिला कंसीव करना चाहती है, तो उन्हें अपनी डाइट और जीवनशैली में जरूर बदलाव करने चाहिए। जंक और प्रोसेस्ड फूड को पूरी तरह अपनी डाइट से निकाल बाहर करना चाहिए, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना चाहिए और अपना नींद के तौर-तरीकों में भी बदलवा करना चाहिए। कभी भी लंबे समय तक नहीं जगना चाहिए। ध्यान रखें कि सही स्लीप साइकिल आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। कई विशेषज्ञ यह सलाह भी देते हैं कि प्रेग्नेंसी से पहले विटामिन डी लिया जाना चाहिए। इससे कंसीव करने में मदद मिलती है। आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं प्री-प्रेग्नेंसी स्टेज में विटामिन डी लेने के क्या फायदे होते हैं।

प्रेग्नेंसी से पहले विटामिन डी लेने के फायदे

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1. फर्टिलिटी में सुधार

अक्सर उन महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत आती है, जिन्हें फर्टिलिटी से संबंधित समस्या होती है। इस तरह की पेरशानी पीसीओएस आदि से ग्रस्त महिलाओं में देखी जाती है। प्रेग्नेंसी प्लान कर रही महिलाओं को विटामिन डी लेना चाहिए। इससे फर्टिलिटी सुधार होता है, जिससे कंसीव करने की संभावना दर बढ़ती है। NCBI की एक रिपोर्ट से भी ये बात साबित होती है कि प्रेग्नेंसी और फर्टिलिटी पर बहुत गहरा असर पड़ता है। इसलिए जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, वे विटामिन डी सप्लीमेंट को डॉक्टर की सलाह पर रेगुलरली ले सकती हैं।

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2. मिसकैरेज के रिस्क में कमी

कई महिलाएं कंसीव तो कर लेती हैं, लेकिन बार-बार मिसकैरेज हो जाता है। इसके पीछे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जिम्मेदार हैं। ऐसी महिलाओं को मिसकैरेज के जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी सप्लीमेंट लेना चाहिए। विशेषज्ञों की मानें, तो विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिलता है, जिससे मिसकैरेज का जाखिम कम होता है।

3. जेस्टेशनल डायबिटीज के रिस्क में कमी

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आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि जो महिलाएं कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं, उन्हें विटामिन इसलिए भी लेना चाहिए ताकि प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज का जोखिम कम हो। असल में विटामिन डी इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है और रक्त में कैल्शियम के स्तर को स्थिर बनाने में भी मदद करता है। विटामिन डी प्रेग्नेंसी के दौरान ग्लूज के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।

4. बेहतर इम्यूनिटी

कहने की जरूरत नहीं है कि इम्यूनिटी बेहतर होती है, तो बीमार होने का जोखिम अपने आप कम हो जाता है। जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है, तो उनके शरीर के सभी ऑर्गन अच्छी तरह से काम करते हैं। प्रेग्नेंसी कंसीव करने की चाह रखने वाली महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है कि उनका स्वास्थ्य पूरी तरह सही रहे। इससे न सिर्फ कंसीव करने में मदद मिलती है, बल्कि इंप्लांटेशन प्रक्रिया भी आसानी से हो जाती है। इन सबमें विटामिन डी सप्लीमेंट का अहम योगदान होता है

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5. कॉम्प्लीकेशन में कमी

प्रेग्नेंसी की चाह रखने वाली महिलाओं को विटामिन डी का सेवन इसलिए भी करना चाहिए, ताकि भविष्य में होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सके। दरअसल, प्रेग्नेंसी के सफर के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसकी वजह से प्रीक्लेंप्सिया और प्रीटर्म बर्थ का रिस्क बढ़ जाता है। वहीं, विटामिन डी लेने से इन जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

जो महिलाएं कंसीव करना चाहती हैं, उन्हें प्री-प्रेग्नेंसी के स्टेज में ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। इसके उन्हें विटामिन डी सप्लीमेंट को जरूर डॉक्टर की सलाह पर लेना चाहिए। इससे न सिर्फ फर्टिलिटी में सुधार होता है, बल्कि भविष्य में होने वाली परेशानियों का जोखिम भी कम हो जाता है। साथ ही महिला का स्वास्थ्य प्रेग्नेंसी के दौरान बेहतर रहता है।

All Image Credit: Freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
  • Mar 07, 2026 12:05 IST

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