कोरोना से बचाव में मददगार है नेजल और ऑयल पुलिंग थेरेपी, जानें इनके बारे में

कोरोना से बचाव में नेजल और ऑयल पुलिंग थेरेपी मददगार हो सकती है। आइए, जानते हैं कैसे?

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 21, 2021
कोरोना से बचाव में मददगार है नेजल और ऑयल पुलिंग थेरेपी, जानें इनके बारे में

इस समय देश में कोरोना वायरस के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। लेकिन इसके मृत्यु दर में अभी कमी नहीं हो रही है। कोरोना से बचाव के लिए हम कई तरह के उपाय अपना रहे हैं। इसके लिए हम गर्म पानी, काढ़ा पीने से लेकर स्टीम ले रहे हैं। इसके साथ ही जब कोरोना ने देश में दस्तक दी थी, तो इससे बचने के लिए नेजल और ऑयल पुलिंग थेरेपी (Nasal and Oil Pulling Therapy) पर भी काफी जोर दिया गया था। कई लोग इसे नियमित रूप से कर भी रहे हैं। आइए, पंचकर्म आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, दिल्ली, प्रशांत विहार के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरपी पराशर (Dr. RP Parashar, Medical Superintendent of Panchkarma Ayurvedic Hospital, Delhi, Prashant Vihar) से जानते हैं कि नेजल और ऑयल पुलिंग थेरेपी कोरोना बचाव (Nasal and Oil Pulling Therapy) में कैसे कारगर है? 

दरअसल, कोरोना वायरस देश में तेजी से फैला हुआ है, ऐसे में लोग तरह-तरह की चीजों से अपना बचाव कर रहे हैं। डॉक्टर आरपी पराशर का कहना है कि नेजल यानी नाक में तेल डालने और ऑयल पुलिंग यानी मुंह में तेल भरने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। इनकी मदद से वायरस शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता है। अगर यह हमारे नाक या मुंह में होता भी है, तो कोरोना वायरस तेल से चिपक जाता है और बाहर निकल जाता है। 

nasal

नेजल (Nasal)

आयुर्वेद में कोरोना वायरस से बचाव के लिए नेजल थेरेपी को काफी कारगर बताया गया है। डॉक्टर आरपी पराशर बताते हैं कि नियमित रूप से नाक में तेल डालने या लगाने से कोरोना का वायरस हमारे शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता है। यह तेल पर ही चिपक जाता है और जब हम खांसते या छींकते हैं, तो तेल के साथ ही यह नाक से बाहर निकल जाता है। जिससे हम संक्रमित होने से बच सकते हैं। आयुर्वेद में इसे प्रतिमर्ष नस्य कहा जाता है।

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  • - नेजल करने के लिए नाक के दोनों छिद्रों (Both Nostrils) में तेल लगाया जाता है।
  • - इसके लिए तिल का तेल, घी और सरसों का तेल  (Sesame Oil, Ghee and Mustard Oil) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • - डॉक्टर आरपी बताते हैं कि नेजल के लिए अणु तेल (Anu Tail) सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। 

नेजल सिर्फ कोरोना वायरस से बचाव में ही नहीं बल्कि यह साइनस की समस्या को भी ठीक करता है। यह नजला बुखार में भी फायदेमंद होता है। नाक में रोज तेल डालने से नाक का बंद रहना, सिरदर्द को ठीक किया जा सकता है। आंखों के लिए भी यह काफी फायदेमंद होता है। 

ऑयल पुलिंग थेरेपी (Oil Pulling Therapy)

आयुर्वेद में कोरोना से बचाव करने के लिए ऑयल पुलिंग थेरेपी को लाभकारी माना जाता है। रोज सुबह कुल्ला करके आप तेल मुंह में भरें, उसके बाद दो से तीन मिनट तक मुंह में घुमाएं। इसके बाद इसे मुंह से बाहर निकाल दें। आप चाहें तो इसके बाद गर्म पानी से कुल्ला भी कर सकते हैं। इसके लिए आप तिल का तेल या नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

oil pulling

  • - ऑयल पुलिंग थेरेपी को नियमित रूप से करने से कोरोना से आप अपना बचाव कर सकते हैं।
  • - ऑयल पुलिंग करने से कोरोना का वायरस मुंह से शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता है।
  • - इसकी मदद से अगर वायरस मुंह में होता है, तो वह तेल के साथ चिपककर बाहर निकल जाता है और शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता है।

ऑयल पुलिंग करने से काफी हद तक कोरोना से बचाव किया जा सकता है। इसे नियमित रूप से करने से मुंह में जमा बैक्टीरिया और वायरस तेल के साथ चिपककर बाहर आ जाते हैं। रोज ऑयल पुलिंग करने से मसूड़े, दात मजबूत होते हैं। इसे करने से मुंह की बदबू को भी दूर किया जा सकता है। पायरिया की समस्या में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।   

डॉक्टर आरपी पराशर बताते हैं कि नेजल और ऑयल पुलिंग करने से कोरोना वायरस हमारे शरीर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाता है। यह नाक या मुंह से तेल के साथ चिपककर बाहर निकल जाता है। ऐसे में नियमित रूप से नेजल और ऑयल पुलिंग करना कोरोना वायरस से बचाव कर सकता है। इस तरह नियमित रूप से नेजल और ऑयल पुलिंग करने से कोरोना से बचाव किया जा सकता है।

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